{"_id":"6ad125170935bdde090b0299","slug":"fountains-installed-at-a-cost-of-40-million-40-out-of-58-are-non-functional-chandigarh-news-c-16-pkl1079-1150546-2026-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: चार करोड़ खर्च कर लगाए फाउंटेन, 58 में से 40 बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: चार करोड़ खर्च कर लगाए फाउंटेन, 58 में से 40 बंद
विज्ञापन
नगर निगम के पास इन्हें चलाने के लिए कर्मचारी नहीं, विज्ञापन के बदले संचालन की योजना भी चार बार टेंडर के बाद नहीं चढ़ी सिरे
केवल तीन फाउंटेन सुबह-शाम चल रहे, 15 कभी-कभार चालू होते हैं; अब आउटसोर्स स्टाफ रखने की तैयारी
चंडीगढ़। शहर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर चार करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर लगाए गए फाउंटेन नगर निगम की अनदेखी के चलते शोपीस बनकर रह गए हैं। शहर में लगे 58 फाउंटेन में से 40 पूरी तरह बंद हैं। केवल तीन फाउंटेन सुबह-शाम चल रहे हैं, जबकि 15 कभी-कभार ही चालू होते हैं। इनमें भी अक्सर मरम्मत का काम चलता रहता है।
सेक्टर-17 में चल रहे दो फाउंटेन में से एक का संचालन प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग कर रहा है। वहीं, सेक्टर-16 के रोज गार्डन में एक फाउंटेन नियमित रूप से चल रहा है। फाउंटेन बंद रहने की बड़ी वजह इन्हें संचालित करने के लिए कर्मचारियों की कमी है। नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विंग ने अभी तक सीमित कर्मचारियों की ही नियुक्ति की है।
विज्ञापन के बदले संचालन की योजना फेल
नगर निगम ने विज्ञापन कंपनियों के माध्यम से फाउंटेन चलवाने की योजना बनाई थी। इसके तहत कंपनियों को विज्ञापन की जगह देने के बदले फाउंटेन का संचालन करना था। इससे निगम को लाइसेंस फीस मिलती और कर्मचारियों के वेतन का खर्च भी बचता। हालांकि, चार बार ई-टेंडर जारी करने के बावजूद कोई कंपनी आगे नहीं आई।
विज्ञापन
आउटसोर्स स्टाफ रखने की तैयारी
अब नगर निगम ने फाउंटेन चलाने के लिए आउटसोर्स स्टाफ रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है। चीफ इंजीनियर ने इस संबंध में फाइल चलाई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और कर्मचारियों की तैनाती के बाद ही बंद पड़े फाउंटेन दोबारा चलने की उम्मीद है। फिलहाल इनके बंद रहने से पार्कों की रौनक फीकी पड़ रही है।
कोट...
सेक्टर-17 और रोज गार्डन के फाउंटेन तो सुबह-शाम चल रहे हैं। इसके अलावा कुछ पार्कों में भी फाउंटेन तो चल रहे हैं लेकिन ज्यादातर फाउंटेन आउट सोर्स स्टाफ की कमी के चलते बंद पड़े हैं। जल्द ही आउट सोर्स स्टाफ की नियुक्ति करके फाउंटेन को चालू किया जाएगा। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम
विज्ञापन
केवल तीन फाउंटेन सुबह-शाम चल रहे, 15 कभी-कभार चालू होते हैं
चंडीगढ़। शहर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर चार करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर लगाए गए फाउंटेन नगर निगम की अनदेखी के चलते शोपीस बनकर रह गए हैं। शहर में लगे 58 फाउंटेन में से 40 पूरी तरह बंद हैं। केवल तीन फाउंटेन सुबह-शाम चल रहे हैं, जबकि 15 कभी-कभार ही चालू होते हैं। इनमें भी अक्सर मरम्मत का काम चलता रहता है।
सेक्टर-17 में चल रहे दो फाउंटेन में से एक का संचालन प्रशासन का इंजीनियरिंग विभाग कर रहा है। वहीं, सेक्टर-16 के रोज गार्डन में एक फाउंटेन नियमित रूप से चल रहा है। फाउंटेन बंद रहने की बड़ी वजह इन्हें संचालित करने के लिए कर्मचारियों की कमी है। नगर निगम के हॉर्टिकल्चर विंग ने अभी तक सीमित कर्मचारियों की ही नियुक्ति की है।
विज्ञापन
विज्ञापन के बदले संचालन की योजना फेल
नगर निगम ने विज्ञापन कंपनियों के माध्यम से फाउंटेन चलवाने की योजना बनाई थी। इसके तहत कंपनियों को विज्ञापन की जगह देने के बदले फाउंटेन का संचालन करना था। इससे निगम को लाइसेंस फीस मिलती और कर्मचारियों के वेतन का खर्च भी बचता। हालांकि, चार बार ई-टेंडर जारी करने के बावजूद कोई कंपनी आगे नहीं आई।
विज्ञापन
आउटसोर्स स्टाफ रखने की तैयारी
अब नगर निगम ने फाउंटेन चलाने के लिए आउटसोर्स स्टाफ रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है। चीफ इंजीनियर ने इस संबंध में फाइल चलाई है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और कर्मचारियों की तैनाती के बाद ही बंद पड़े फाउंटेन दोबारा चलने की उम्मीद है। फिलहाल इनके बंद रहने से पार्कों की रौनक फीकी पड़ रही है।
कोट...
सेक्टर-17 और रोज गार्डन के फाउंटेन तो सुबह-शाम चल रहे हैं। इसके अलावा कुछ पार्कों में भी फाउंटेन तो चल रहे हैं लेकिन ज्यादातर फाउंटेन आउट सोर्स स्टाफ की कमी के चलते बंद पड़े हैं। जल्द ही आउट सोर्स स्टाफ की नियुक्ति करके फाउंटेन को चालू किया जाएगा। -संजय अरोड़ा, चीफ इंजीनियर, नगर निगम