हरियाणाः एससी-बीसी छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में हेराफेरी का भंडाफोड़
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हरियाणा अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में एससी-बीसी छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में बड़ी हेराफेरी का भंडाफोड़ हुआ है। विभाग में पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति ऑनलाइन भेजने के बजाए संबंधित कर्मचारियों ने आधार नंबर बदलकर चहेते छात्रों को राशि भेजने की सूची बैंक को भेज डाली।
सूत्रों के अनुसार विभाग में लंबे समय से ऐसा होता आ रहा है, जिसमें अनेक अपात्र छात्रों को भी राशि भेजी गई है। जिससे आने वाले समय में और बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। बैंक को मिली छात्रों के बदले हुए आधार नंबर वाली सूची पर आईएएस अधिकारी व विभाग के निदेशक संजीव वर्मा तत्काल हरकत में आए और जांच कमेटी गठित कर दोषी और आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई कर डाली।
घोटाले में डाटा एंट्री ऑपरेटर मुख्यालय कुलजीत सिंह दोषी पाए गए हैं, जिनकी सेवाएं विभाग ने तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा चार अन्य कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। इनमें मुख्यालय के क्लर्क संजीव कुमार, सहायक मुख्यालय रामधारी, लेखाकार अथवा क्लर्क जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय सोनीपत सुरेंद्र कुमार व मुख्यालय में सहायक बिलेंद्र कुमार शामिल हैं।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति प्रदान करने में गड़बड़ी का यह मामला सोनीपत जिले से जुड़ा हुआ है। जिसे अंजाम देने में एससी-बीसी कल्याण विभाग मुख्यालय के कर्मचारियों ने भी अहम भूमिका निभाई है। 13 फरवरी 2019 को जिला कल्याण अधिकारी सोनीपत ने 170 छात्रों को 1 करोड़ 71 लाख 67 हजार 800 रुपये और 18 फरवरी 2019 को 182 छात्रों को 1 करोड़ 81 लाख 42 हजार 700 रुपये की छात्रवृत्ति राशि मंजूरी करने का मामला मुख्यालय को भेजा था।
मुख्यालय स्तर पर प्रशिक्षण शाखा ने छात्रों को ऑनलाइन भुगतान करने के लिए कुल 382 छात्रों की फाइल अतिरिक्त मुख्य सचिव को मंजूरी के लिए भेज दी। अतिरिक्त सचिव से मंजूरी मिलने के बाद छात्रों को राशि ऑनलाइन भेजने की प्रक्रिया में लगे कर्मचारियों ने पात्र छात्रों के बजाए दूसरे छात्रों के आधार नंबर जोड़ते हुए घोटाला कर डाला।
ये तो संबंधित बैंक की नजर बदले हुए आधार नंबर पर पड़ गई, वरना करोड़ों रुपये का घालमेल हो जाता। विभाग के बड़े अधिकारी पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में पहले से इस तरह होते आ रहे घोटाले से भी इनकार नहीं कर रहे हैं।
344 छात्रों के बदले आधार नंबर
एससी-बीसी विभाग ने बैंक के सूचित करने पर मुख्य लेखा अधिकारी मुख्यालय अमिता गोयल, उपनिदेशक स्कीम मुख्यालय सतनाम खांबरा, लेखाकार मुख्यालय मोहिता दत्ता और जूनियर प्रोग्रामर मुख्यालय रितु गुप्ता की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया। जांच में पाया गया कि इसमें 353 छात्रों में से केवल सात छात्रों के ही मामले ठीक पाए गए।
दो छात्रों के नाम बदले गए, लेकिन उनके आधार नंबर ठीक पाए गए हैं। बाकि 344 छात्रों की छात्रवृत्ति आधार नंबर बदलते हुए बैंक को भुगतान के लिए भेजी गई है। इस धोखाधड़ी में विभाग के ही कर्मचारियों ने अहम भूमिका निभाई। आरोपियों व दोषियों के खिलाफ प्रारंभिक कार्रवाई तो कर दी गई है। विस्तृत जांच रिपोर्ट आने पर अलग से कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दूसरी जगह नौकरी न करने का प्रमाण देने पर मिलेंगे जरूरी भत्ते
मामले में निलंबित किए गए कर्मचारियों को जरूरी भत्ते हर महीने विभाग तभी देगा जब वे ये प्रमाण पत्र देंगे कि कहीं दूसरी जगह नौकरी या निजी बिजनेस नहीं कर रहे हैं। सक्षम पदाधिकारियों की अनुमति बिना निर्धारित किया गया मुख्यालय छोड़ने की अनुमति भी सुरेंद्र, बिलेंद्र, रामधारी व संजीव कुमार को नहीं होगी।