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तरनतारनः करंट से पूर्व सरपंच की मौत, परिजनों ने पांच घंटे जाम किया राष्ट्रीय राजमार्ग

Wed, 13 Nov 2019 09:08 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तरनतारन (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तरनतारन (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Wed, 13 Nov 2019 09:08 PM IST
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Former Sarpanch died due to electric current
परिजनों ने लगाया धरना। - फोटो : अमर उजाला

बिजली की हाईवोल्टेज तार की चपेट में आने से झुलसे गांव जंडोके के पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा की मौत हो गई। इसके बाद इलाके के लोगों ने पावरकॉम के एसडीओ और जेई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर सुबह 10 बजे जम्मू-कश्मीर-राजस्थान राष्ट्रीय मार्ग पर स्थित गांव रसूलपुर में धरना दिया। धरने के कारण पांच घंटे यातायात ठप रहा। 

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गांव जंडोके निवासी पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा (50) के ढाबे का बिजली का कनेक्शन बिल का भुगतान न होने कारण कटा था। तीन दिन पहले पूर्व सरपंच ने पावरकॉम के एसडीओ व जेई को रसीद दिखाते हुए बताया कि वह भुगतान कर चुका है, परंतु तकनीकी वजह से बिजली का कनेक्शन चालू नहीं हो पाया था। जिसके चलते पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा ने घर के बाहर से गुजरती हाईवोल्टेज तारों से कनेक्शन जोड़ने का प्रयास किया। इस दौरान वह हाईवोल्टेज तारों की चपेट में आ गया, जिसके बाद उसे अस्पताल दाखिल करवाया जहां उसकी मौत हो गई।
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इस संबंध में सरपंच हरपाल सिंह, जगजीत सिंह, हरजिंदर सिंह पखोके, पूर्व सरपंच बलदेव सिंह, रंजीत सिंह राणा ढोटियां, मेजर सिंह ममणके, बलदेव सिंह कल्ला, बूटा सिंह, बलजीत सिंह जंडोके, तजिंद्र सिंह खालसा ने बताया कि अमृतसर के अस्पताल में दाखिल पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा की रात को मौत हो गई। जिसके बाद उसकी पत्नी कश्मीर कौर व परिवार के सदस्यों ने पावरकॉम के एसडीओ और जेई को उक्त मौत लिए जिम्मेदार करार देते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग करते गांव रसूलपुर स्थित राष्ट्रीय मार्ग पर धरना लगाया। धरने के कारण अदालतीय कांप्लेक्स, जिला प्रबंधकीय कांप्लेक्स, पुलिस हेड क्वार्टर पहुंचने के लिए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

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सेना की गाड़ियों को भी नहीं दिया रास्ता

जम्मू-कश्मीर-राजस्थान राष्ट्रीय मार्ग पर लगाए गए धरने के कारण ट्रैफिक को विभिन्न रूटों में बांटा गया। इसके बावजूद भी बुजुर्गो, महिलाओं, बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अमृतसर से फिरोजपुर जा रही भारतीय सेना की गाड़ियों को भी जाम का सामना करना पड़ा। सेना के अधिकारी धरने में मौजूद ग्रामीणों से अपनी गाड़ियों के लिए रास्ता मांगते रहे, परंतु धरनाकारियों ने सेना अधिकारियों की भी नहीं सुनी।

केस दर्ज करने पर अड़े प्रदर्शनकारी, एसपी ने दिया आश्वासन
सब डिवीजन पट्टी के डीएसपी कमलप्रीत सिंह मंड, थाना सदर के प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, ट्रैफिक पुलिस के इंचार्ज केवल कृष्ण, विनोद कुमार मौके पर पहुंचे और धरनाकारियों को शांत करने का प्रयास किया। इस मौके मेजर सिंह ममणके, जैमल सिंह पिद्दी, बलकार सिंह, सुखविंदर सिंह, डॉ. इकबाल सिंह, दविंदर सिंह, कर्म सिंह, अजीत सिंह, बलजिंदर सिंह, सतनाम सिंह बनवालीपुर ने कहा कि पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा की मौत के जिम्मेदार पावरकाम के एसडीओ व जेई के खिलाफ मामला दर्ज होने पर ही धरना उठाया जाएगा। 

सुबह 10 बजे शुरू हुए धरने को शांत करने लिए एसपी (एच) गौरव तूरा दोपहर तीन बजे पहुंचे। उन्होंने मामले की जांच करवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरनाकारियों ने राष्ट्रीय मार्ग से धरना उठा लिया। परंतु कुछ देर बाद लिंक रोड पर बैठ गए।

मौत के लिए पावरकॉम जिम्मेदार नहीं: एसडीओ
पावरकाम के एसडीओ जसविंदर सिंह ने कहा कि बिजली बिल की अदायगी न होने कारण बिजली कनेक्शन बंद था। पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा द्वारा अपनी मर्जी से कनेक्शन चालू करने का प्रयास किया गया, इसमें पावरकाम का कोई कसूर नहीं। परंतु पूर्व सरपंच की मौत का गहरा अफसोस है। बाद दोपहर पुलिस ने पूर्व सरपंच बलजीत सिंह बगीचा के शव का सिविल अस्पताल से पोस्टमार्टम करवा दिया।

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