हरियाणा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा, पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ को मिली कमान
- पीएम मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के राष्ट्रीय समन्वयक रह चुके हैं
- गुजरात के समय से पीएम के साथ दोस्ती, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के भी पुराने मित्र
- 18 साल आरएसएस में रहे, 1996 में ज्वाइन की भाजपा, संगठन का लंबा अनुभव
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हरियाणा सरकार में पूर्व मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ को भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। भाजपा ने एक बार फिर जाट चेहरे पर दांव लगाया है। धनखड़ सुभाष बराला की जगह लेंगे, जो जाट समुदाय से आते हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर गैर जाट समुदाय से आते हैं। इस नियुक्ति के जरिये पार्टी नेतृत्व ने संदेश दिया कि वह राज्य में जाट और गैर जाटों के बीच संतुलन की राजनीति करता रहेगा।
हरियाणा और केंद्रीय संगठन में लंबे समय से सक्रिय धनखड़ को राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की पसंद बताया जा रहा है। नए अध्यक्ष की तलाश पिछले साल दिसंबर से ही शुरू हो गई थी। विधानसभा चुनाव में पार्टी के औसत प्रदर्शन और अपनी सीट नहीं बचा पाने के बाद सुभाष बराला ने अध्यक्ष पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। इस बीच उनका कार्यकाल भी पूरा हो गया था। करीब चार से पांच महीने की माथापच्ची के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने धनखड़ के नाम पर मुहर लगाई।
बता दें कि इससे पहले ओम प्रकाश धनखड़ भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। भाजपा ने जाट नेता सुभाष बराला के बाद दूसरे जाट नेता ओपी धनखड़ पर विश्वास जताया है। वहीं भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ रविवार को झज्जर पहुंचे। यहां पार्टी कार्यकर्ता और समर्थकों ने उनका भव्य स्वागत किया।
धनखड़ को पीएम मोदी और नड्डा से दोस्ती का मिला फायदा
भाजपा अध्यक्ष की कुर्सी पर काबिज हुए पूर्व मंत्री ओपी धनखड़ को पीएम नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ पुरानी दोस्ती का लाभ मिला है। प्रदेशाध्यक्ष बनने में वह छुपा रुस्तम साबित हुए। उनके नाम की ज्यादा चर्चा नहीं थी। प्रदेश संगठन का मुखिया बनने में धनखड़ के लिए लंबा अनुभव काम आया है।
18 साल आरएसएस के लिए कार्य करना भी फायदेमंद रहा। जाट के बदले जाट पर भरोसा जताना भाजपा का कूटनीतिक कदम है। चूंकि, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला दोनों जाट हैं। इसलिए भाजपा ने जाट प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला को हटाकर गैर जाट की ताजपोशी का जोखिम नहीं उठाया। धनखड़ मुखर हैं और आक्रामक तेवर भी अपना लेते हैं, जिसका भाजपा हुड्डा, चौटाला के खिलाफ फायदा उठाएगी। बरौदा उपचुनाव सिर पर है, ऐसे में भाजपा जाटों में कोई गलत संदेश भी नहीं जाने देना चाहती थी।
धनखड़ हरियाणा की पूर्व भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। उन्होंने पशुपालन व कृषि मंत्रालय संभाला। इसके अलावा धनखड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी' के नेशनल कॉर्टिनेडर की जिम्मेदारी निभाई। भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में दो बार चुने गए। 2011 से 2013 और 2013 से 2015 तक भारतीय किसान मोर्चा के अध्यक्ष रहे।
2014 में हुए लोकसभा चुनाव में धनखड़ ने तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के बेटे दीपेंदर सिंह हुड्ड के खिलाफ रोहतक से चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। 2014 में विधानसभा चुनाव बादली विधानसभा सीट से उन्होंने जीत दर्ज की थी। 2019 में फिर बादली से ही चुनाव लड़ा लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके।
धनखड़ से जुड़ी अहम जानकारियां
- पहली अगस्त 1961 को पंजाब के ढाकला में वैद्य मोहब्बत सिंह के घर जन्मे। अब यह गांव हरियाणा में है।
- एमडीयू रोहतक से मास्टर डिग्री व एमएड की।
- भूगोल के लेक्चरर के तौर पर 11 साल भिवानी में पढ़ाया।
- शिक्षा के क्षेत्र पर पुस्तकें भी प्रकाशित की। शिक्षाविद् के साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता व कृषक भी हैं।
- 30 साल से राजनीति में, प्रदेश भाजपा में महासचिव के अलावा पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के समय राष्ट्रीय सचिव रहे।
- 1978 से 1996 तक आरएसएस, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व स्वदेशी जागरण मूवमेंट में काम किया, 1996 में भाजपा में आ गए।
- हिमाचल प्रदेश भाजपा के प्रभारी रहे, भाजपा की सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई। नड्डा से करीबियां बढ़ीं।
- भूमि अधिग्रहण का उचित मुआवजा न मिलने व स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू कराने के लिए किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते पद यात्रा, साइकिल यात्रा निकाली।
सीएम मनोहर लाल ने दी बधाई
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़ को बधाई दी है। उन्होंने कहा, अध्यक्ष बनाए जाने पर हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। पूर्ण विश्वास है कि आपके राजनीतिक अनुभव का लाभ पार्टी के कार्यकर्ताओं को अवश्य मिलेगा और हरियाणा भाजपा संगठनात्मक रूप से और सुदृढ़ होगी।