चंडीगढ़। तीन साल पहले अखंड कीर्तनी जत्थे को आतंकवादी संगठन का चेहरा बताने के मामले में पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। हालांकि, उन्हें 20 हजार रुपये की गारंटी पर जमानत दे दी गई। वकील मुनीष दीवान ने जमानत याचिका में तर्क दिया कि उनके क्लाइंट बेकसूर हैं, उन्हें झूठा फंसाया गया है। वह जमानत का दुरुपयोग नहीं करेंगे।
चार जनवरी 2017 को अरविंद केजरीवाल राजिंदर पाल सिंह से मिलने उनके घर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने उनके साथ नाश्ता भी किया। इस बात को लेकर पंजाब के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल ने पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान जलालाबाद में बयान दिया थे, जिसमें सुखबीर बादल ने अखंड कीर्तनी जत्थे को आतंकवादी संगठन बब्बर खालसा का चेहरा बताया था। इसके बाद अखंड कीर्तनी जत्थे के प्रवक्ता राजिंदर सिंह ने सेक्टर-3 थाना पुलिस में सुखबीर बादल के खिलाफ शिकायत दी थी। सुखबीर बादल पर आरोप लगाया कि उन्होंने कई अखबारों में इंटरव्यू के दौरान जत्थे पर यह आरोप लगाए थे। राजिंदर पाल ने कहा कि उनके जत्थे का पूरी दुनिया में नाम है, लेकिन बादल के इस बयान से उनके जत्थे की छवि खराब हुई है। इसके बाद पुलिस ने बादल पर मानहानि का केस दर्ज किया था। जांच के बाद पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया था कि सुखबीर बादल पर लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं। पटियाला के एक चैनल से टेलीकास्ट वीडियो क्लिप से भी आरोपों की पुष्टि की गई है। इससे साबित हो गया है कि उन पर लगाए गए आरोप सही हैं।