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नीरज चोपड़ा को पूर्व कोच की सलाह: पाकिस्तानी खिलाड़ी कर रहा पीछा, 90 मीटर का बैरियर पार करना ही होगा
Tue, 29 Aug 2023 11:06 AM IST
निवेदिता वर्मा
संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 29 Aug 2023 11:06 AM IST
सार
चंडीगढ़ के डीएवी कॉलेज के पूर्व ट्रेनी और पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम से जेवेलिन थ्रो की शुरुआत करने वाले नीरज ने विश्वभर में अपना परचम लहराया है। उनके पूर्व कोच नसीम अहमद इस समय ताऊ देवीलाल स्टेडियम में युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं।
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नीरज चोपड़ा
- फोटो : फाइल
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विस्तार
बुडापेस्ट में वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रविवार देर रात स्वर्ण पदक जीतकर पहले भारतीय एथलीट बने नीरज चोपड़ा की उपलब्धि पर उनके पूर्व कोच नसीम अहमद ने खुशी जताते हुए बधाई दी है। राष्ट्रीय खेल दिवस पर उन्होंने नीरज चोपड़ा को सलाह दी कि उन्हें इस खेल में बादशाहत कायम रखने के लिए 90 मीटर का बैरियर पार करना होगा, क्योंकि पाकिस्तान के खिलाड़ी अरशद नदीम इंजरी के बाद उभरते हुए इस खेल में लगातार उनका पीछा कर रहे हैं।
वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा ने जहां 88.17 मीटर भाला फेंक कर स्वर्ण पदक जीता, वहीं अरशद ने 87.82 मीटर थ्रो के साथ रजत पदक जीता। विश्व एथलेटिक्स में 40 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी भारतीय एथलीट ने स्वर्ण पदक जीता है। बता दें 2021 में नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर भाला फेंककर टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
यह भी पढ़ें: गर्व: चंडीगढ़ की श्वेता बनीं मिस दीवा यूनिवर्स 2023, मिस यूनिवर्स प्रतियोगिता में करेंगी भारत का प्रतिनिधित्व
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शहर के डीएवी कॉलेज के पूर्व ट्रेनी और पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम से जेवेलिन थ्रो की शुरुआत करने वाले नीरज ने विश्वभर में अपना परचम लहराया है। उनके पूर्व कोच नसीम अहमद इस समय ताऊ देवीलाल स्टेडियम में युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज के मैच का लाइव प्रसारण देख रहे थे। जैसे ही नीरज ने स्वर्ण पदक जीता तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नीरज ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर एक दिन पहले स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ा तोहफा दिया है।
14 साल का था नीरज, तब अहसास हो गया था विश्व विजेता बनेगा
कोच नसीम अहमद ने कहा कि नीरज जब मेरे पास आया तो 14 वर्ष का था। उस समय मैं सिर्फ यह देखता था कि कैसे बच्चों को राष्ट्रीय पदक जीतने के लिए तैयार किया जाए। मेरी तमन्ना उस समय पूरी होने लगी जब नीरज ने 14 वर्ष की उम्र में 50 मीटर तक जेवेलिन थ्रो करना शुरू कर दिया है। उस दिन मुझे अहसास हो गया था कि वह एक दिन विश्व विजेता बनेगा।
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वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज चोपड़ा ने जहां 88.17 मीटर भाला फेंक कर स्वर्ण पदक जीता, वहीं अरशद ने 87.82 मीटर थ्रो के साथ रजत पदक जीता। विश्व एथलेटिक्स में 40 वर्षों के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी भारतीय एथलीट ने स्वर्ण पदक जीता है। बता दें 2021 में नीरज चोपड़ा ने 87.58 मीटर भाला फेंककर टोक्यो ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था।
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शहर के डीएवी कॉलेज के पूर्व ट्रेनी और पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम से जेवेलिन थ्रो की शुरुआत करने वाले नीरज ने विश्वभर में अपना परचम लहराया है। उनके पूर्व कोच नसीम अहमद इस समय ताऊ देवीलाल स्टेडियम में युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नीरज के मैच का लाइव प्रसारण देख रहे थे। जैसे ही नीरज ने स्वर्ण पदक जीता तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नीरज ने राष्ट्रीय खेल दिवस पर एक दिन पहले स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ा तोहफा दिया है।
14 साल का था नीरज, तब अहसास हो गया था विश्व विजेता बनेगा
कोच नसीम अहमद ने कहा कि नीरज जब मेरे पास आया तो 14 वर्ष का था। उस समय मैं सिर्फ यह देखता था कि कैसे बच्चों को राष्ट्रीय पदक जीतने के लिए तैयार किया जाए। मेरी तमन्ना उस समय पूरी होने लगी जब नीरज ने 14 वर्ष की उम्र में 50 मीटर तक जेवेलिन थ्रो करना शुरू कर दिया है। उस दिन मुझे अहसास हो गया था कि वह एक दिन विश्व विजेता बनेगा।