Water Dispute:"सभी दल सैनी सरकार के साथ, हरियाणा का पानी रोकना असंवैधानिक"
हरियाणा और पंजाब के बीच चल रहे जल विवाद को लेकर हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान सामने आया है। उन्होंने इस मुद्दे को लेकर प्रदेश की बीजेपी सरकार का समर्थन करते हुए कहा इस मुद्दे को लेकर हम सब दल एक साथ हैं। डिटेल में पढ़ें खबर...
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Punjab Haryana Water Dispute: पू्र्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का पंजाब और हरियाणा के बीच चल रहे जल विवाद को लेकर बयान सामने आया है। चंडीगढ़ में सर्वदलीय बैठक के दौरान हुड्डा ने कहा जहां तक हरियाणा के पानी का सवाल है तो हम सभी दल एक साथ प्रदेश सरकार के साथ खड़े हैं। किसी भी प्रदेश का पानी रोकना असंवैधानिक है। अभी तक पंजाब अपने शेयर से 9% ज्यादा पानी ले चुका है। यह पानी राजस्थान और दिल्ली में भी जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा हरियाणा का पानी रोकना असंवैधानिक, अमानवीय और अलोकतांत्रिक फैसला है। अगर जरूरत पड़ी तो हम सब दल मिलकर केंद्र सरकार के पास भी इस मुद्दे को लेकर एक साथ जाएंगे।
शनिवार को हुई सर्वदलीय बैठक
बता दें कि शनिवार को चंडीगढ़ में हरियाणा सरकार के साथ प्रदेश के सभी दलों की पानी के विवाद को लेकर सामूहिक बैठक का आयोजन हुआ। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभान, आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुशील गुप्ता, इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष रामपाल माजरा और विधायक आदित्य देवीलाल मौजूद हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री और जेजेपी के नेता दुष्यंत चौटाला और पूर्व विधायक अमरजीत ढांडा भी बैठक में शामिल हुए।
#WATCH चंडीगढ़: कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पंजाब के साथ जल बंटवारे के विवाद पर हरियाणा की सर्वदलीय बैठक पर कहा, "जहां हरियाणा के पानी का सवाल है तो हम सभी एक साथ सरकार के साथ खड़े हैं... किसी प्रदेश का पानी रोकना असंवैधानिक है... अभी तक पंजाब अपने शेयर से 9% ज्यादा… pic.twitter.com/eekbj3B26v
विज्ञापन विज्ञापन— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 3, 2025
इस बैठक में पंजाब सरकार द्वारा हरियाणा के पानी को रोके जाने पर चर्चा हुई। बैठक में फैसला लिया गया कि अगर पंजाब हरियाणा को पानी नहीं देता तो इस मुद्दे को लेकर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।
बता दें कि भाखड़ा से हरियाणा को अभी 4000 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। इसमें से 800 क्यूसेक राजस्थान, 500 क्यूसेक दिल्ली और 400 क्यूसेक पानी पंजाब को भी जाता है। हरियाणा 8500 क्यूसेक पानी मांग रहा है। इसी पर पंजाब को आपत्ति है।
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