फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Former Central Minister ID Swami's Funeral with state honors

आईडी स्वामी को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई, मुख्यमंत्री ने भी पार्थिव शरीर को दिया कंधा

Tue, 17 Dec 2019 12:20 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, करनाल (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Tue, 17 Dec 2019 12:20 AM IST
विज्ञापन
Former Central Minister ID Swami's Funeral with state honors
अंतिम यात्रा में शामिल हुए सीएम मनोहर लाल - फोटो : अमर उजाला

पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आईडी स्वामी का सोमवार को शहर के अर्जुन गेट स्थित शिवपुरी श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। आईडी स्वामी के पार्थिव शरीर को उनके पुत्र राजेंद्र स्वामी ने मुखाग्नि दी। 

विज्ञापन


इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल के अलावा विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, गृहमंत्री अनिल विज, सांसद संजय भाटिया, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला, घरौंडा के विधायक हरविन्द्र कल्याण, नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर, पुंडरी के विधायक रणधीर सिंह गोलन, महीपाल ढांडा, पूर्व मंत्री राम बिलास शर्मा, पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव कृष्ण बेदी, पूर्व विधायक भगवानदास कबीर पंथी, प्रदेश महामंत्री एडवोकेट वेदपाल, भाजपा जिला अध्यक्ष जगमोहन आंनद, मेयर रेनू बाला गुप्ता, भाजपा नेता अशोक सुखीजा, आईजी योगेंद्र सिंह नेहरा, डीसी विनय प्रताप सिंह, पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार भोरिया और बड़ी संख्या में शहर लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन


इससे पूर्व, मुख्यमंत्री करीब 11 बजे दिवंगत आईडी स्वामी के निवास स्थान सेक्टर-13 में पहुंचे और उन्होंने आई.डी. स्वामी के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन कर शोकाकुल परिवार के साथ दुख प्रकट किया। सीएम ने कहा कि आईडी स्वामी के निधन से भाजपा के साथ-साथ समाज को एक बड़ी क्षति पहुंची है, जिसकी भरपाई करना नामुमकिन है। शवयात्रा शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने आईडी स्वामी को कंधा भी दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


विलक्षण प्रतिभा के धनी थे आईडी स्वामी
विलक्षण प्रतिभा के धनी आईडी स्वामी का जन्म 10 अगस्त 1929 को अंबाला जिला के गांव मोहड़ा में हुआ था। उन्होंने गांव के स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा ली और फिर कॉलेज की शिक्षा अंबाला कैंट में ली। पंजाब यूनिवर्सिटी से एमए, एलएलबी की। इसके बाद पंजाब सिविल सर्विस में चयनित हुए और सिटी मजिस्ट्रेट तथा एसडीएम जैसे पदों पर रहे। 

पदोन्नति पाकर आईएएस बने और सिरसा व हिसार में उपायुक्त के पद पर तैनात रहे। सर्विस से रिटायर होने के बाद वर्ष 1990 में भाजपा में शामिल हुए और फिर 1996 में पहली बार चुनाव जीतकर करनाल के सांसद बने। उन्होंने चुनाव में कांग्रेस के चिरंजी लाल शर्मा को पराजित किया। 

इसके बाद वर्ष 1996 में पूर्व मुख्यमंत्री भजन लाल से हार गए। फिर 1999 में चुनाव मे भजन लाल को रिकॉर्ड मतों से हरा कर विजयी रहे और उन्हें केन्द्र में गृह राज्य मंत्री का पद मिला। इसके बाद वे कांग्रेस के अरविंद शर्मा से हार गए। पिछले कई वर्षों से अधिक उम्र की वजह से उन्होंने राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाई हुई थी।

यहां भी निधन पर शोक जताने पहुंचे सीएम
इसके पश्चात मुख्यमंत्री जाटो गेट स्थित पार्षद युद्धवीर सैनी के घर गए और पार्षद के ताऊ 57 वर्षीय रमेश चंद सैनी के निधन पर शोक प्रकट किया। रमेश चंद सैनी कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। वे अपने पीछे पत्नी रानी, एक बेटा व दो बेटियां छोड़ गए हैं। इसके पश्चात मुख्यमंत्री मनोहर लाल भाजपा नेता अशोक भंडारी के भाई सुरेश भंडारी (87) के निधन पर उनके संतनगर स्थित आवास पर गए और शोक प्रकट किया। 

उन्होंने भंडारी परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर उन्हें सांत्वना दी। दिवंगत सुरेश भंडारी आरएसएस से लंबे समय तक जुड़े रहे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल इसके बाद वरिष्ठ पत्रकार देवेंद्र गांधी की माता (62) प्रेमलता के आकस्मिक निधन पर दुख प्रकट करने रामनगर स्थित उनके आवास पर गए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed