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कौन-सी भूलों के सवाल पर भड़के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल, बोले- जान लो मैंने क्यों मांगी माफी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Tue, 11 Dec 2018 09:15 AM IST
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पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल
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कौन-सी भूलों के सवाल पर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भड़क गए और तीखे से तेवरों में जवाब देते हुए बताया कि आखिर उन्होंने माफी क्यों मांगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल द्वारा चलाई गई सरकार के दौरान कोई भूल हो गई हो, उसकी माफी गुरु साहिबान से मांगी गई है। सोमवार को जब मीडिया कर्मियों ने उनसे पूछा कि माफी किन भूलों की मांगी गई, इस पर बादल थोड़ा तल्ख अंदाज में बोले कि मैंने गुरु को कोई भूलों की लिस्ट नहीं देनी थी।
साथ ही अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार धार्मिक समागम को राजनीतिक रंगत न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह जाने-अनजाने में हुई भूले बख्शाने के लिए तीन दिन तक गुरु साहिबान, अपने मालिक और पिता के दर में सेवा के लिए आए थे। गुरु बख्शनहार हैं। वह संगत से भी माफी मांगते हैं, क्योंकि संगत भी गुरु रूप हैं। आज के दिन वह हर किसी से माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
वह कोई भी राजनितिक बात नहीं करेंगे। उनकी अरदास गुरु घर में स्वीकार हो, यही उनका उद्देश्य है। बादल ने कहा कि विरोधियों को जवाब देने के लिए पूरा जीवन पड़ा है। मीडिया कर्मियों से हाथ जोड़ते हुए बादल ने कहा कि गुरु जानी-जान (सर्व व्यापक) है। वही बख्शनहार हैं। वह भी रोज श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने आते हैं, इसलिए धर्म और राजनीति के अंतर को जानते हैं।
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साथ ही अपने राजनीतिक जीवन में पहली बार धार्मिक समागम को राजनीतिक रंगत न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वह जाने-अनजाने में हुई भूले बख्शाने के लिए तीन दिन तक गुरु साहिबान, अपने मालिक और पिता के दर में सेवा के लिए आए थे। गुरु बख्शनहार हैं। वह संगत से भी माफी मांगते हैं, क्योंकि संगत भी गुरु रूप हैं। आज के दिन वह हर किसी से माफी मांगने के लिए तैयार हैं।
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वह कोई भी राजनितिक बात नहीं करेंगे। उनकी अरदास गुरु घर में स्वीकार हो, यही उनका उद्देश्य है। बादल ने कहा कि विरोधियों को जवाब देने के लिए पूरा जीवन पड़ा है। मीडिया कर्मियों से हाथ जोड़ते हुए बादल ने कहा कि गुरु जानी-जान (सर्व व्यापक) है। वही बख्शनहार हैं। वह भी रोज श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने आते हैं, इसलिए धर्म और राजनीति के अंतर को जानते हैं।
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कई बार भूल बख्शाने के लिए हरमंदिर साहिब आया हूं
बादल ने कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन में कई बार भूल बख्शाने के लिए श्री हरमंदिर साहिब में अरदास के लिए आते रहे हैं। हर सिख प्रतिदिन भूलों की माफी मांगता है। अकाली दल की पूरी लीडरशिप ने तीन दिन बड़ी विनम्रता से वाहेगुरु से अरदास की है। इससे पहले आठ दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब परिसर में स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबक्श सिंह में रखवाए गए अखंड पाठ के भोग डाले गए।
बादल परिवार सहित अकाली लीडरशिप ने पाठ के भोग में हाजिरी भरी। श्री हरमंदिर साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मल सिंह ने मुख वॉक श्रवण करवाया। रागी सिंह ने गुरबाणी कीर्तन कर संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। बादल श्री हरमंदिर साहिब के मुख भवन में भी गए, जहां उन्होंने सरबत के भले की अरदास की।
इस अवसर पर सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, बिक्रम सिंह मजीठिया, बीबी जागीर कौर, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और हरचरण सिंह बैंस सहित सभी पूर्व और वर्तमान विधयाकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अकाली वर्कर पहुंचे हुए थे। बादल ने शिरोमणि अकाली दल का साथ छोड़कर गए अकाली नेताओं को हाथ जोड़ कर अपील की पार्टी मां है, वह सभी वापस मां के पास लौट आए।
बादल ने दोहराया कि उनका किसी भी पार्टी नेता के साथ विरोध नहीं है। वह अपील करते हैं कि साथी लौट आए। सुखबीर बादल ने कहा कि सभी कुछ गुरु के दर से नसीब होता है। विरोधी पाठ करें।
बादल परिवार सहित अकाली लीडरशिप ने पाठ के भोग में हाजिरी भरी। श्री हरमंदिर साहिब के एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी मल सिंह ने मुख वॉक श्रवण करवाया। रागी सिंह ने गुरबाणी कीर्तन कर संगत को गुरु चरणों से जोड़ा। एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर बादल को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया। बादल श्री हरमंदिर साहिब के मुख भवन में भी गए, जहां उन्होंने सरबत के भले की अरदास की।
इस अवसर पर सुखबीर सिंह बादल, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, बिक्रम सिंह मजीठिया, बीबी जागीर कौर, डॉ. दलजीत सिंह चीमा और हरचरण सिंह बैंस सहित सभी पूर्व और वर्तमान विधयाकों के साथ-साथ बड़ी संख्या में अकाली वर्कर पहुंचे हुए थे। बादल ने शिरोमणि अकाली दल का साथ छोड़कर गए अकाली नेताओं को हाथ जोड़ कर अपील की पार्टी मां है, वह सभी वापस मां के पास लौट आए।
बादल ने दोहराया कि उनका किसी भी पार्टी नेता के साथ विरोध नहीं है। वह अपील करते हैं कि साथी लौट आए। सुखबीर बादल ने कहा कि सभी कुछ गुरु के दर से नसीब होता है। विरोधी पाठ करें।