8 साल पुराने मामले में राम रहीम को अकाल तख्त से माफी
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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को 8 साल पुराने एक मामले में अकाल तख्त से माफी मिल गई है। मामला दशम गुरु गोबिंद सिंह जी से मिलते-जुलते कपड़े पहनकर संगत को अमृतपान कराने का था। पांच सिंह साहिबान की बैठक में डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह की तरफ से भेजे गए माफीनामे को ध्यान में रखकर यह फैसला लिया गया।
डेरा प्रमुख की ओर से इस मामले में कुछ दिन पहले श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को एक पत्र भेजकर माफी मांगी गई थी। इस पर पांच सिंह साहिबान ने डेरा प्रमुख को माफ कर दिया और भविष्य में ऐसी कोई भी गलती न करने की चेतावनी भी दी।
बैठक के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि सिखों में यह रिवायत है कि जब भी कोई धार्मिक गलती करने वाला अपराधी अपनी माफी श्री अकाल तख्त साहिब पर निम्रता सहित मांगता है तो उसे माफ कर दिया जाता है। संत राम रहीम ने भी निम्रता से अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी थी।
कुछ साल पहले जब इस मामले में डेरा प्रमुख की फोटो रिलीज हुई थी तो सिखों में हड़कंप मच गया था। कई सिख संगठनों ने श्री अकाल तख्त साहिब पर प्रार्थना पत्र देकर मांग की थी कि डेरा प्रमुख के खिलाफ धार्मिक कार्रवाई की जाए। इसके बाद पांच सिंह साहिबान ने श्री अकाल तख्त साहिब से आदेश जारी करके कहा था कि सिख कौम और सिख पंथ डेरा प्रमुख के साथ किसी भी तरह का संपर्क न रखें और उनके हर कार्यक्रम का पूर्ण बायकाट किया जाए।
इन आदेशों के बाद डेरा प्रेमियों और सिखों के बीच धार्मिक और राजनीतिक टकराव बढ़ गया था। कई बार हिंसक झड़पें भी हुई। अब डेरा प्रमुख की फिल्म एमएसजी-2 के खिलाफ भी सिख संगठनों ने आवाज उठाई। पंजाब में यह फिल्म रिलीज नहीं हुई, जिसके विरोध में डेरा प्रेमियों की ओर से राज्य भर में प्रदर्शन भी की किया गया था।
1984 में मारे गए सिखों की याद में 2 नवंबर को अरदास
जत्थेदार ने कहा कि इस बैठक में यह फैसला लेकर सिख संगत को आदेश दिए गए हैं कि पटना साहिब में श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व को शताब्दी के रूप में आयोजित किया जाए। यह कार्यक्रम पांच जनवरी 2017 को आयोजित किए जाएं।
इसके लिए तख्त पटना साहिब, एसजीपीसी, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, तख्त हजूर साहिब प्रबंधकीय बोर्ड श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेनों और अन्य प्रबंधों की रूपरेखा तय करे। पंजाब और देश विदेश से सिख संस्थाएं इस में सहयोग दें।
एक अन्य आदेश जारी करके कहा गया है कि नवंबर 1984 में मारे गए सिखों की याद में देश और विदेशों में दो नवंबर को पूर्ण धार्मिक मर्यादाओं के अनुसार अरदास कार्यक्रम किए जाएं।
एक अन्य फैसले के अनुसार सिख संगत को हिदायत दी जाती है कि जो भी संस्थान जबरदस्ती श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप गांवों आदि से अपने साथ उठा कर ले जाती है उनके खिलाफ सिख संगत पुलिस और सिविल प्रशासन के साथ मिलकर कानूनी कार्रवाई करवाए। जो भी लोग श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के खिलाफ श्री अखंडपाठ साहिब के पाठ करवाते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
एक अन्य मामले पर विचार करते हुए धीरज सिंह की ओर से आए पत्र पर भी चर्चा हुई है। उनको कहा गया है कि वह सारी जानकारी भेजें कि किस व्यक्ति ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप इंटरनेट पर ऑनलाइन किए हैं। सारी जानकारी आने के बाद जो भी फैसला लिया जाएगा, उसे आरोपियों के खिलाफ सख्ती से लागू किया जाए।