फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Forced abortion is an attack on a woman's bodily autonomy

Haryana News: हाईकोर्ट ने कहा- अस्वच्छ क्लीनिक में जबरन गर्भपात महिला की शारीरिक स्वायत्तता पर हमला

Sun, 24 Dec 2023 01:31 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो Updated Sun, 24 Dec 2023 01:31 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस के अधिकार गर्भ में लिंग जांच को लेकर सीमित हैं लेकिन संज्ञेय अपराध की स्थिति में कार्रवाई उनका दायित्व है। सांस्कृतिक और सामाजिक पूर्वाग्रहों के चलते लड़के के लिए प्राथमिकता की सोच को जन्म देता है और इसी का नतीजा है विषम लिंगानुपात।

विज्ञापन
Forced abortion is an attack on a woman's bodily autonomy
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने महिला डाॅक्टर की याचिका पर फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि अस्वच्छ क्लीनिक में जबरन गर्भपात महिला की शारीरिक स्वायत्तता पर हमला है। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि संज्ञेय अपराध पर कार्रवाई करना पुलिस का दायित्व है और ऐसे में एफआईआर रद्द नहीं की जा सकती। कुरुक्षेत्र निवासी डाॅक्टर रचना रैना ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि पुलिस ने बिना अधिकृत अधिकारी की शिकायत के याची के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

विज्ञापन


कानून के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता और ऐसे में एफआईआर को खारिज किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि पुलिस के अधिकार गर्भ में लिंग जांच को लेकर सीमित हैं लेकिन संज्ञेय अपराध की स्थिति में कार्रवाई उनका दायित्व है। सांस्कृतिक और सामाजिक पूर्वाग्रहों के चलते लड़के के लिए प्राथमिकता की सोच को जन्म देता है और इसी का नतीजा है विषम लिंगानुपात। यह न केवल स्त्री द्वेष को बढ़ावा देता है बल्कि गर्भवती माताओं के स्वास्थ्य को भी खतरे में डालता है।
विज्ञापन


नैतिकता के नाते गलत होने के साथ ही यह समाज में लैंगिक असमानता को और बढ़ा देता है, जिससे असुरक्षित वातावरण बनता है, जो लैंगिक न्याय के लिए अनुकूल नहीं है। कोर्ट ने कहा कि अस्वच्छ क्लीनिकों में जबरन व अवैध गर्भपात सीधे तौर पर महिलाओं के शारीरिक स्वायत्तता के अधिकार पर हमला है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने की मांंग को लेकर दाखिल उनकी याचिका को खारिज कर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed