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Chandigarh News: पहली बार बीएनएसएस-163 के तहत हथियारों पर पाबंदी के आदेश
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चंडीगढ़। शहर में तीन नए कानूनों के लागू होने के बाद शुक्रवार को पहली बार डीसी विनय प्रताप सिंह ने धारा 144 नहीं, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) -163 के तहत हथियारों पर पाबंदी, होटलों को रजिस्टर मेंटेन रखने, रात में महिला कर्मचारियों को कैब की सुविधा देने समेत अन्य को लेकर आदेश जारी किए हैं। इससे पहले सीआरपीसी की धारा 144 के तहत यह आदेश जारी किए जाते थे, लेकिन अब इसकी जगह बीएनएसएस ने ले ली है।
शहर में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीसी विनय प्रताप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जो भी कंपनियां रात के समय पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करती हैं, उन्हें अपने कैब ड्राइवर और अन्य कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि सिक्योरिटी स्टाफ और कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ लाइसेंसी एजेंसी से ही हायर किया जाए। ये सुनिश्चित किया जाए कि महिला स्टाफ रात के समय कैब ड्राइवर के साथ अकेले सफर न करें। उनके साथ कोई सिक्योरिटी गार्ड या फिर मेल स्टाफ भी भेजा जाना चाहिए। इसके साथ कैब में जीपीएस भी होनी चाहिए। इसके अलावा पेइंग गेस्ट संचालकों को भी निर्देश दिया गया है कि किसी को भी घर में रखने से पहले पुलिस को सूचित करना होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश 27 अक्टूबर तक लागू रहेंगे।
आईडी प्रूफ लेना अनिवार्य : असामाजिक तत्व होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और सराय की शरण ले सकते हैं। डीसी ने आदेश जारी किए हैं कि शहर में होटलों और गेस्ट हाउस मालिकों के लिए किसी भी विजिटर्स का आईडी प्रूफ लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्हें अज्ञात व्यक्तियों को अपने यहां शरण न देने के निर्देश दिए हैं। उन्हें एक रजिस्टर भी मेंटेन करना होगा, जिसमें वह कस्टमर, विजिटर्स और गेस्ट की एंट्री करेंगे। हर गेस्ट की एंट्री हैंडराइटिंग से करानी होगी, जिसमें उनके सिग्नेचर भी शामिल होंगे।
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शहर में महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए डीसी विनय प्रताप सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जो भी कंपनियां रात के समय पिक एंड ड्रॉप की सुविधा प्रदान करती हैं, उन्हें अपने कैब ड्राइवर और अन्य कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ का पूरा रिकॉर्ड रखना होगा। कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि सिक्योरिटी स्टाफ और कॉन्ट्रैक्ट स्टाफ लाइसेंसी एजेंसी से ही हायर किया जाए। ये सुनिश्चित किया जाए कि महिला स्टाफ रात के समय कैब ड्राइवर के साथ अकेले सफर न करें। उनके साथ कोई सिक्योरिटी गार्ड या फिर मेल स्टाफ भी भेजा जाना चाहिए। इसके साथ कैब में जीपीएस भी होनी चाहिए। इसके अलावा पेइंग गेस्ट संचालकों को भी निर्देश दिया गया है कि किसी को भी घर में रखने से पहले पुलिस को सूचित करना होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा-223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। ये आदेश 27 अक्टूबर तक लागू रहेंगे।
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आईडी प्रूफ लेना अनिवार्य : असामाजिक तत्व होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस और सराय की शरण ले सकते हैं। डीसी ने आदेश जारी किए हैं कि शहर में होटलों और गेस्ट हाउस मालिकों के लिए किसी भी विजिटर्स का आईडी प्रूफ लेना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्हें अज्ञात व्यक्तियों को अपने यहां शरण न देने के निर्देश दिए हैं। उन्हें एक रजिस्टर भी मेंटेन करना होगा, जिसमें वह कस्टमर, विजिटर्स और गेस्ट की एंट्री करेंगे। हर गेस्ट की एंट्री हैंडराइटिंग से करानी होगी, जिसमें उनके सिग्नेचर भी शामिल होंगे।
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