अंधेरी रात और बाढ़ में फंसे परिवार के नौ सदस्य, मोबाइल की लोकेशन से एयरफोर्स ने किया एयरलिफ्ट
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बाढ़ के हालातों को देखते हुए वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ सेना के 70 जवानों की टीमें पंजाब और हरियाणा में बचाव कार्य के लिए तैनात कर दी गई है। इसके साथ-साथ वायुसेना भी सेना के साथ इस बचाव कार्य में जुटी हुई है। दोनों सेनाओं के जवानों ने दो दिनों के भीतर दोनों राज्यों में बाढ़ जैसे हालातों में फंसे 15 लोगों की जान बचाई है।
इनमें से 9 लोग तो करनाल के हैं और छह लोग पंजाब में पठानकोट के मृथल, गुरदासपुर के दीनानगर, फिल्लौर, नकोदर व जालंधर के शाहकोट के रहने वाले हैं। सेना के साथ-साथ इंडियन एयरफोर्स की टीम भी संयुक्त रूप से इस बचाव कार्यों में लगी हुई है।
करनाल में यमुना की बाढ़ में फंसे एक परिवार के नौ सदस्यों को रविवार रात ढाई बजे जिला प्रशासन और एयरफोर्स ने संयुक्त प्रयासों से एयरलिफ्ट किया गया। रात के अंधेरे में फंसे परिवार की लोकेशन पता करने के लिए पुलिस के साइबर सेल की मदद ली गई। फंसे परिवार के एक सदस्य के पास मोबाइल फोन था।
साइबर सेल ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर टावर की लोकेशन के साथ अक्षांश और देशांतर की डिग्री निकाल कर हेलीकॉप्टर के पायलट को उपलब्ध कराई गई। इसके बाद परिवार को उफनती यमुना के बीच गढ़पुर टापू गांव से एयरलिफ्ट कर सरसावा एयरबेस ले जाया गया। जहां उनका मेडिकल चेकअप के बाद करनाल लाया गया।
रविवार को हथिनीकुंड बैराज से 8.28 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना में उफान आ गया था। करनाल के गढ़पुर टापू गांव निवासी मुस्तकिन का परिवार अलर्ट से बेखबर यमुना के बीच में खेती के काम में व्यस्त था। अचानक आए तेज बहाव में पूरा परिवार फंस गया। इनमें मुस्तकिन पुत्र यासीन, कुर्बाना पत्नी मुस्तकिन, सायना, शब्बो, रूकसाना, एक छोटी बच्ची और शोएब, इसराइल व सोहिल मुस्तकिन के पुत्र शामिल हैं।
जैसे ही पानी का बहाव तेज हुआ मुस्तकिन की मुश्किलें बढ़ती गईं। उसने रात नौ बजे यमुना के दूसरे तरफ अपने गांव में फोन से अपने फंसे होने की सूचना दी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। इस बीच रात काफी गहरी हो गई थी, एक तरफ पानी का तेज बहाव था तो दूसरी तरफ घना अंधेरा। रेस्क्यू मुश्किल भरा था।
पहले आईआरबी की टीम द्वारा इनको बाहर निकालने की कोशिश की गई लेकिन असफल रहे। देर रात डीसी विनय प्रताप सिंह और एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने प्रदेश की मुख्य सचिव से बात की और सरसावा से मदद मांगी।
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने तुरंत भारत सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के संयुक्त सचिव संजीव जिंदल के सहयोग से उत्तर प्रदेश के सरसावा स्थित एयरबेस से वायुसेना का हेलीकॉप्टर मंगवाया। इस पूरे ऑपरेशन में जिले के डीसी विनय प्रताप सिंह और एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने अहम रोल अदा किया और अच्छे तालमेल के कारण नौ लोगों की जान बच गई।
मोबाइल की लोकेशन पर पहुंचा हेलीकाप्टर
उस समय रात के 2.30 बज चुके थे। पानी कई फुट तक चढ़ चुका था और लगातार बढ़ता जा रहा था। अंधेरी रात में मुस्तकिन के परिवार की लोकेशन स्पष्ट नहीं हो रही थी। मुस्तकिन के परिवार के एक सदस्य के पास मोबाइल था, उसी से लोकेशन ढूंढने में मदद मिल गई और रेस्क्यू ऑपरेशन करना आसान हो गया।
पुलिस के साइबर सेल ने भी इसमें काफी मदद की और मोबाइल के टावर की लोकेशन लेकर दी गई। वायुसेना के पायलट ने मुस्तकिन के परिवार को एयर लिफ्ट कर हेलीकॉप्टर में बैठाया और उसे यूपी के सरसावा एयरबेस के अस्पताल में सकुशल उतारा। सोमवार को इंद्री थाना प्रभारी अपनी गाड़ी से परिवार को इंद्री लेकर आए। इससे पहले सरसावा में सभी का चेकअप कराया गया।