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6 लोगों के मर्डर केस में उम्रैकद की सजा के बाद जेल में कैसे कटी रामपाल की पहली रात, जानिए
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार(हरियाणा)
Updated Thu, 18 Oct 2018 12:08 PM IST
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rampal case
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6 लोगों की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा होने के बाद जेल में सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल की पहली रात कैसे कटी, इस बारे में जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि सजा सुनने के बाद जब कैदी नंबर-1005 रामपाल अपनी सेल में पहुंचा तो उसका दिन और रात बेचैनी में बीता। फैसले के बाद बुधवार को जेल पहुंचा रामपाल अकेले ही बातें करता रहा। दोपहर में खाना नहीं खाया, रात भर करवटें बदलता रहा। रामपाल सेल में कुछ समय गुमसुम रहा। दोपहर का खाना खाने से मना कर दिया।
चेहरे से हंसी गायब
सजा सुनाए जाने के बाद से रामपाल के चेहरे से हंसी गायब हो चुकी है। वह सेल में गुमसुम बैठ गया और किसी से कोई बात नहीं की। हालांकि कुछ देर बाद उसने चाय की मांग की। दोपहर का खाना खाने से उसने मना कर दिया। बताते हैं कि शाम का खाना खाने में भी उसने कोई रुचि नहीं दिखाई और थोड़ा सा खाना खाकर छोड़ दिया। जेल सूत्रों की मानें तो रामपाल बैरक में जाकर करीब आधे घंटे तक पैरों में सिर देकर बैठा रहा। शाम को सेल में ही कुछ देर टहलता भी नजर आया। रात को 8 बजे वह कुछ देर लेटा, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उठकर बैठ गया। बताते हैं कि रात को 11 बजे बाद तक उसे नींद नहीं आई थी और करवटें बदल रहा था।
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चेहरे से हंसी गायब
सजा सुनाए जाने के बाद से रामपाल के चेहरे से हंसी गायब हो चुकी है। वह सेल में गुमसुम बैठ गया और किसी से कोई बात नहीं की। हालांकि कुछ देर बाद उसने चाय की मांग की। दोपहर का खाना खाने से उसने मना कर दिया। बताते हैं कि शाम का खाना खाने में भी उसने कोई रुचि नहीं दिखाई और थोड़ा सा खाना खाकर छोड़ दिया। जेल सूत्रों की मानें तो रामपाल बैरक में जाकर करीब आधे घंटे तक पैरों में सिर देकर बैठा रहा। शाम को सेल में ही कुछ देर टहलता भी नजर आया। रात को 8 बजे वह कुछ देर लेटा, लेकिन थोड़ी देर बाद ही उठकर बैठ गया। बताते हैं कि रात को 11 बजे बाद तक उसे नींद नहीं आई थी और करवटें बदल रहा था।
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फिलहाल रामपाल को नहीं भेजा जाएगा भोंडसी जेल
rampal
रामपाल को हिसार जेल से गुड़गांव स्थित भोंडसी जेल में बदलने के कयास पर विराम लगता दिखाई दे रहा है। सुरक्षा कारणों के चलते फिलहाल रामपाल को हिसार जेल में रखे जाने की जेल प्रशासन की योजना है। इसके लिए जेल में और अधिक पुख्ता इंतजाम करने की बात की जा रही है। हालांकि सरकार रामपाल की जेल बदलने का फैसला ले सकती है।
मंगलवार को केस नंबर 429 में फैसला आने के बाद रामपाल की जेल बदलकर भोंडसी जेल में भेजे जाने की चर्चाएं थीं। कहा जा रहा था कि सुरक्षा कारणों के चलते ही रामपाल की जेल बदली जा सकती है। इसका कारण माना जा रहा था कि हिसार संवेदनशील क्षेत्रों की श्रेणी में आता है। यहां जेल भी शहर के केंद्र में है और हाई अलर्ट पर ज्यादा रहती है।
इसके चलते रामपाल की जेल बदलने की बात कही जा रही थी। जेल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार जेल बदलने की बात की समीक्षा की गई थी, लेकिन रामपाल पर देशद्रोह का केस नंबर-428 चलने के कारण फिलहाल इसे टाल दिया गया। यह केस हिसार कोर्ट में ही चल रहा है। ऐसे में यदि रामपाल को भोंडसी जेल भेजा गया तो उसको कोर्ट लाने-ले जाने में दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं।
इस कारण इस उसकी जेल बदलने की योजना को फिलहाल खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों ने इस बात को माना है कि यहीं पर जेल में सुरक्षा के इंतजामों को बढ़ाया जाएगा।
मंगलवार को केस नंबर 429 में फैसला आने के बाद रामपाल की जेल बदलकर भोंडसी जेल में भेजे जाने की चर्चाएं थीं। कहा जा रहा था कि सुरक्षा कारणों के चलते ही रामपाल की जेल बदली जा सकती है। इसका कारण माना जा रहा था कि हिसार संवेदनशील क्षेत्रों की श्रेणी में आता है। यहां जेल भी शहर के केंद्र में है और हाई अलर्ट पर ज्यादा रहती है।
इसके चलते रामपाल की जेल बदलने की बात कही जा रही थी। जेल प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार जेल बदलने की बात की समीक्षा की गई थी, लेकिन रामपाल पर देशद्रोह का केस नंबर-428 चलने के कारण फिलहाल इसे टाल दिया गया। यह केस हिसार कोर्ट में ही चल रहा है। ऐसे में यदि रामपाल को भोंडसी जेल भेजा गया तो उसको कोर्ट लाने-ले जाने में दिक्कतें उठानी पड़ सकती हैं।
इस कारण इस उसकी जेल बदलने की योजना को फिलहाल खारिज कर दिया गया है। अधिकारियों ने इस बात को माना है कि यहीं पर जेल में सुरक्षा के इंतजामों को बढ़ाया जाएगा।