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सुरक्षा: चंडीगढ़ में बनेगा पहला साइबर सुरक्षा केंद्र, डीआरडीओ के साथ हुआ समझौता

Thu, 06 Jan 2022 01:57 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Thu, 06 Jan 2022 01:57 AM IST
सार

चंडीगढ़ में पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। 2017 में पुलिस को 2242 शिकायतें मिली थीं। यह आंकड़ा 2018 में बढ़कर 3167 हो गया और 2019 में बढ़कर 4793 पर पहुंच गया।

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UT Administration is going to set up first Cyber Security Center in Chandigarh
साइबर सुरक्षा केंद्र। - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों को रोकना सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं, विभिन्न राज्यों की पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है। भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए और साइबर अपराध को रोकने की रणनीति तैयार करने के लिए यूटी प्रशासन चंडीगढ़ में पहला साइबर सुरक्षा केंद्र स्थापित करने जा रहा है। इसके लिए प्रशासन ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के साथ समझौता किया है। इस केंद्र का नाम सेंटर फॉर साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशन रखे जाने की संभावना है।

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प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि आने वाले वर्षों में साइबर सुरक्षा मुख्य चुनौतियों में से एक होगी और हम नए युग की चुनौतियों का सामना करने के लिए इस क्षेत्र में नेतृत्व करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि रिसर्च और विश्लेषण कार्य के अलावा, भविष्य की चुनौतियों की लिए रणनीति तैयार करने की जरूरत है। 

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इसी साल स्थापित होगा केंद्र

धर्मपाल ने कहा कि इस वर्ष पुलिस की देखरेख में इस केंद्र के स्थापित होने की संभावना है। बीते दिनों डीआरडीओ और चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच एक बैठक भी हुई है और केंद्र की स्थापना के लिए सहमति बनी है। आखिरी मंजूरी के लिए अब प्रस्ताव को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा।

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चंडीगढ़ को ड्रोनरोधी तकनीक भी देगा डीआरडीओ

बीते दिनों डीआरडीओ के अधिकारियों ने ड्रोन हमले की आशंका और इससे कैसे निपटा जाए, इस पर एक प्रस्तुति दी थी। भले ही शहर को ड्रोन से कोई विशेष खतरा नहीं है लेकिन भविष्य के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने डीआरडीओ से समझौता किया है। धर्मपाल ने कहा कि ड्रोनरोधी तकनीक भी प्रस्तावित केंद्र का हिस्सा होगी। सुरक्षा खतरों और असामाजिक तत्वों द्वारा ड्रोन के दुरुपयोग की आशंका को देखते हुए यूटी प्रशासन ने हाल ही में शहर में ड्रोन और लो फ्लाइंग ऑब्जेक्ट्स उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

साइबर अपराध में हर साल हो रही बढ़ोतरी

शहर में पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराध के मामलों में भारी वृद्धि हुई है। 2017 में पुलिस को 2242 शिकायतें मिली थीं। यह आंकड़ा 2018 में बढ़कर 3167 हो गया और 2019 में बढ़कर 4793 पर पहुंच गया। वर्ष 2020 में साइबर अपराध की लगभग 6300 शिकायतें मिली थीं, जबकि वर्ष 2021 में 18 जुलाई तक 3306 शिकायतें दर्ज की गई थीं। हाल ही में चंडीगढ़ पुलिस ने साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन सेल पर बोझ कम करने के लिए सभी पुलिस स्टेशनों पर साइबर डेस्क भी स्थापित कर दिए, क्योंकि सेल विशेष मामलों पर ध्यान केंद्रित करने में असमर्थ था। 

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