चंडीगढ़ : 11 लाख लीटर पेयजल से बुझाई डंपिंग ग्राउंड की आग, गिरते भूजल स्तर की चेतावनी नहीं मानता अग्निशमन विभाग
- सेक्टर-32 स्थित स्टेशन पर बूस्टर न होने के कारण ट्यूबवेल से लिया जाता है पानी
- चंडीगढ़ में गिरते भूजल स्तर पर प्रशासन को चेता चुका है केंद्र
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चंडीगढ़ में पिछले दिनों डंपिंग ग्राउंड में लगी आग को बुझाने में पीने का 11 लाख लीटर पानी बह गया। आग बुझाने के लिए आठ गाड़ियों के 180 चक्कर लगे। वहीं इन गाड़ियों पर लगभग डेढ़ लाख रुपये का डीजल भी खर्च हुआ। सेक्टर-32 स्थित फायर स्टेशन पर जल भंडारण की व्यवस्था न होने व बूस्टर न लगे होने के कारण आग बुझाने के लिए सीधे ट्यूबवेल से पानी लिया गया।
गर्मी में हर साल चंडीगढ़ में पेयजल की किल्लत से हाहाकार मचता है। वहीं, केंद्र सरकार लगातार भूजल स्तर के नीचे जाने पर चंडीगढ़ को चेताता रहा है, लेकिन अग्निशमन विभाग को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। हर साल डंपिंग ग्राउंड पर भीषण आग लगती है और विभाग इसी तरह पेयजल से आग बुझाता है जबकि इसके लिए विभाग को जल भंडारण की व्यवस्था करनी चाहिए। हर साल आग पर विभाग इतना ही पानी और डीजल खर्च कर देता है। फिर भी आग बुझाने के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की जाती। अब भी एक ही गाड़ी डंपिंग ग्राउंड पर खड़ी की गई है।
कोशिश के बावजूद निगम कम नहीं कर पा रहा ट्यूबवेलों की संख्या
केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने रिपोर्ट में कहा था कि चंडीगढ़ का जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। निगम को कम से कम ट्यूबवेल लगाना चाहिए, लेकिन कई कोशिशों के बावजूद ट्यूबवेल कम नहीं किए जा रहे हैं। वहीं, जितने भी नए मकान बन रहे हैं, वहां धड़ल्ले से बोरवेल हो रहे हैं, उस पर भी रोक नहीं लग पा रही है।
निगम का दावा था कि कजौली से अतिरिक्त पानी के बाद ट्यूबवेल कम कर देंगे, लेकिन यह भी संभव नहीं हो सका है। गिरते भूजल स्तर को देखते हुए 2019 में यूटी प्रशासन ने एक कमेटी बनाई थी। इसमें गांव के तालाबों को पुनर्जीवित करने का निर्णय हुआ। इसके लिए निगम और प्रशासन द्वारा तालाबों को गोद लेने की बात हुई, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हुआ। वहीं पेवर ब्लॉक न लगाने के लिए भी निगम ने योजना बनाई, लेकिन इस पर भी अब तक कोई काम नहीं हुआ।
उस ट्यूबवेल में मिट्टी व रेत आता है। वहां का पानी पीने योग्य नहीं है। हालांकि ट्यूबवेल से पानी नहीं लेना पड़े, इसकी व्यवस्था होनी चाहिए। इसके लिए भी विचार करेंगे। -केके यादव, निगम आयुक्त