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हरियाणाः जिन लोगों और कर्मियों पर यौन अपराधों में तय हो चुके हैं आरोप, उनके वित्तीय लाभ बंद

Sat, 11 Aug 2018 10:05 AM IST
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
यशपाल शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 11 Aug 2018 10:05 AM IST
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 financial benefits of common people and government employee stop on  allegation of sexual offense
manohar lal khattar - फोटो : फाइल फोटो
हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए यौन अपराधों में फंसे राज्य के सैकड़ों कर्मचारियों और अन्य लोगों के वित्तीय लाभ तत्काल प्रभाव से बंद कर दिए हैं। कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन भी नहीं मिलेगी।
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इसके अलावा सभी आरोपी कर्मचारी, जिन पर आरोप तय हो चुके हैं, उनके आर्म्स लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए जाएंगे। हरियाणा सरकार के मानिटरिंग एंड कोआर्डिनेशन सेल ने इस संबंध में शुक्रवार शाम आदेश जारी कर दिए हैं। 
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अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह, स्कूल शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्किल डवलपमेंट और आईटीआई, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव, सभी मंडलायुक्तों, आईजी व पुलिस आयुक्तों, डीसी एवं एसपी को आदेशों की प्रति तत्काल प्रभाव से अमल में लाने के लिए भेजी गई है।
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आदेशों में साफ कहा गया है कि कर्मचारियों, छात्रों के अलावा जिन भी लोगों पर प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराध करने के आरोप तय हो चुके हैं, उनकी सामाजिक पेंशन, छात्रवृत्ति रोकने के अलावा आर्म्स लाइसेंस अगर हैं तो रद्द कर दिए जाएं।

एफआईआर दर्ज होते ही डीसी बंद करें वित्तीय लाभ
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निर्देश दिए हैं कि सभी डीसी सीसीटीएनएस पासवर्ड शेयर कर यौन अपराधों में आरोप तय हो चुके कर्मचारियों और लोगों के सरकार की ओर से दिए जा रहे वित्तीय लाभ तत्काल बंद कर दें। इसके अलावा दहेज हत्या, दुष्कर्म, दुष्कर्म के प्रयास, यौन उत्पीड़न, फब्तियां कसने, तेजाब फेंकने, महिला तस्करी, महिलाओं का तस्करी कर शोषण करने का मामला दर्ज होते ही उसमें संलिप्त, कर्मचारियों, आम लोगों व छात्रों के सभी वित्तीय लाभ बंद कर दिए जाएं।

डीसी को सभी चार्जशीट कर्मियों की तैयारी करनी होगी सूची
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मॉनिटरिंग एवं कोआर्डिनेशन सेल ने सभी डीसी को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चार्जशीट कर्मियों की सूची तैयार करें। 30 जून 2018 तक का इसमें ब्योरा होना जरूरी है। यौन अपराधों चार्जशीट कर्मचारियों की तत्काल प्रभाव से वित्तीय लाभ बंद कर सभी डीसी 31 अगस्त तक सरकार को रिपोर्ट भेजेंगे।

विभागों को ये निर्देश भी करने होंगे लागू
. सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग अपनी योजनाओं में संशोधन कर यह प्रावधान करेगा कि अगर कोई व्यक्ति पेंशन ले रहा है और यौन अपराधों में आरोपी तय हो जाता है  तो उसे सामाजिक पेंशन के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा।

. शिक्षा से जुड़े सभी विभाग दोषी ठहराए जा चुके छात्रों की छात्रवृत्ति बंद करेंगे।
. पहली नवंबर 2016 तक यौन अपराधों में सजा पा चुके कर्मचारियों व लोगों का डाटा आधार नंबर सहित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 31 अगस्त तक सभी  विभागों को सौंपना होगा।
. हर सप्ताह ऐसे मामलों में दोषी करार दिए जाने वाले कर्मचारियों, लोगों की सूची डीसी, जिला अटार्नी, एसपी-सीपी हर सोमवार को साझा करेंगे। 
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