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दिल्ली जाने पर अड़े पंजाब के किसानों को हरियाणा ने सीमा पर रोका, 5000 जवान तैनात

Wed, 25 Nov 2020 07:42 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पंजाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/पंजाब Published by: ajay kumar Updated Wed, 25 Nov 2020 07:42 PM IST
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Farmers Protest: Punjab Farmers march to Delhi against protests to farm Laws
हरियाणा-पंजाब सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब के किसानों ने दिल्ली कूच कर दिया है। हजारों ट्रैक्टर-ट्रालियों में किसान राशन के साथ दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। उधर, किसानों को रोकने के लिए हरियाणा सरकार ने सीमा पर अपनी पूरी ताकत झोंक दी। खनौरी में हरियाणा सीमा पर कंटीले तार और बडे़-बड़े पत्थर रख दिए गए हैं।

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पंजाब से हरियाणा में दाखिल होने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया गया है। दूसरी तरफ, खनौरी में बड़ी तादाद में किसान दिल्ली जाने के लिए इकट्ठा हो रहे हैं और हर हाल में दिल्ली पहुंचने की बात कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार हरियाणा सरकार ने किसानों को रोकने के लिए दिल्ली-संगरूर हाईवे पर स्थित गांव ढाबी गुज्जरां के पास पंजाब-हरियाणा सीमा को पूरी तरह सील कर दिया है।
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बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सड़क पर कंटीले तार बिछाकर बड़े-बड़े पत्थर रख दिए गए हैं। खनौरी में हरियाणा सीमा पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां के नेता जसवंत सिंह तोलावाल ने हरियाणा सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना की।  उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह अड़ियल रवैया छोड़ किसानों से सीधे बात करे। कंटीले तार और पत्थर किसानों को नहीं रोक सकते। किसान सिर पर कफन बांधकर घरों से निकले हैं। कोई भी हथकंडे अपना लें, किसान अब रुकने वाले नहीं हैं।
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‘हरियाणा में दाखिल होने की कोशिश न करें पंजाब के किसान’

हरियाणा सीमा पर जींद के डीसी डॉ. आदित्य दहिया और आईजी हिसार रेंज ओपी नरवाल ने स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि सीमा सील कर दी गई है। पंजाब के किसान हरियाणा की सीमा में दाखिल होने की कोशिश न करें। धारा- 144 जींद में लागू कर दी गई है। सभी नाकों पर पुलिस बल व रैपिड एक्शन फोर्स तैनात की गई है। पांच हजार पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात हैं। 



फाजिल्का से 30 ट्रालियों में जाएगा किसानों का जत्था
फाजिल्का से करीब 300 किसानों का जत्था गुरुवार सुबह दिल्ली रवाना होगा। इसमें अबोहर, बल्लूआना, फाजिल्का और जलालाबाद के किसान शामिल होंगे। भाकियू कादियां के फाजिल्का ब्लॉक प्रधान बूटा सिंह ने बताया कि करीब 30 ट्रालियों में सवार होकर 300 किसान दिल्ली जाएंगे। 

फाजिल्का, मुक्तसर और फिरोजपुर के किसान अपनी-अपनी ट्रालियों से बठिंडा पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रालियों में छह महीने का राशन, लकड़ी और गैस सिलिंडर, जरूरी दवाओं टेंट और तिरपाल का प्रबंध किया है। किसानों को पुलिस ने जहां भी रोका, वहीं चक्का जाम शुरू हो जाएगा। 



होशियारपुर में लोगों ने किसानों को दी राशि
लाचोवाल टोल प्लाजा पर किसानों का प्रदर्शन 46वें दिन जारी रहा। किसान नेता गुरदीप सिंह खुनखुन, ओंकार सिंह धामी, रणधीर सिंह असलपुर, परमिंदर सिंह लाचोवाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान दिल्ली रवाना हुए। काफिले की रहनुमाई जसवीर सिंह चक्कोवाल, अकबर सिंह बूरे जट्टां और दविंदर सिंह कक्कों कर रहे थे। 

उन्होंने बताया कि किसान आंदोलन से जुड़ी हर अपडेट सोशल मीडिया पर दी जाएगी। इस दौरान लोगों ने किसान संघर्ष के लिए आर्थिक सहायता भी दी। बिक्कर सिंह शेरपुर के नेतृत्व में शेरपुर कच्चा गांव से 21,800 रुपये, कोठे जट्टां गांव से 25000 रुपये, देश राज धुग्गा ने 7000 रुपये, सोहन सिंह मुलतानी ने 3200 रुपये, राम सिंह के नेतृत्व में मुरादपुर नरियाला गांव से 18000 रुपये किसान संघर्ष के लिए दिए गए। कई अन्य लोगों ने भी किसानों को राशि दी।



पटियाला: हरियाणा सरकार ने जेसीबी, पानी के टैंकर, फोर्स तैनात की
हरियाणा सरकार ने पंजाब से जुड़ी अपनी सीमाएं सील कर दी हैं। इन सीमाओं पर बैरिकेड लगाकर सड़कों पर बड़े-बड़े पत्थर रखे गए हैं। इसके अलावा बैरिकेड के पीछे हरियाणा ने जेसीबी, पानी के टैंकर और भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी है। गांवों के प्रवेश द्वारों पर पीसीआर व पुलिस तैनात की गई है। 

‘हरियाणा सीमा सील फिर भी पहुंचेंगे दिल्ली’
हरियाणा की सीमा सील होने के बावजूद बुधवार को जालंधर के करतारपुर से किसान दिल्ली रवाना हुए। दाना मंडी करतारपुर से बुधवार दोपहर दो बजे के करीब भारती किसान यूनियन के बैनर तले जिला प्रधान जसवीर सिंह के नेतृत्व में किसानों ने 12 ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर दिल्ली का रुख किया। 

किसानों ने जमकर केंद्र के खिलाफ नारेबाजी की। किसान नेता लिट्टा ने कहा कि हरियाणा की सीमा सील होने के बावजूद उनके साथी दिल्ली जरूर पहुंचेंगे। ब्लॉक प्रधान बहादुर सिंह, सरबजीत सिंह बाठ, शिरोमणि अकाली दल के रणजीत सिंह काहलों ने केंद्र सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि कृषि कानून को हर हालत में रद्द करवाया जाएगा

जहां रोका जाएगा, वहीं पर आंदोलन शुरू कर देंगे
मुक्तसर में बठिंडा रोड स्थित गांव संगूधौण से बड़ी संख्या में किसानों ने बुधवार को भाकियू कादियां के नेतृत्व में ट्रैक्टर-ट्रालियों पर करीब छह माह का राशन लादकर दिल्ली कूच किया। मौके पर किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। दिल्ली रवाना होने से पहले किसान नेताओं ने कहा कि वे लोग मांगें मनवाकर ही लौटेंगे। 



हमें जहां रोका जाएगा, वहीं पर आंदोलन शुरू कर देंगे। गिद्दड़बाहा से भी किसान दिल्ली रवाना हुए। भाकियू मानसा के जिला उपाध्यक्ष लखवीर सिंह कोटभाई और ब्लॉक अध्यक्ष मेजर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान पक्का मोर्चा लगाने दिल्ली जा रहे हैं। 

दो माह का राशन साथ लेकर निकले किसान
लुधियाना से भी किसान यूनियन ने बुधवार को दिल्ली कूच किया। जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, लुधियाना समेत अन्य शहरों से एक हजार ट्रैक्टर-ट्रालियां लाडोवाल टोल प्लाजा से दिल्ली की तरफ जा रही हैं। सौ-सौ ट्रैक्टर ट्रालियों के जत्थे बनाकर किसान नेता आगे बढ़ रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि अब चाहे एक माह तक दिल्ली में धरना क्यों न देना पड़े, वह पीछे हटने वाले नहीं है।

वह दो माह का राशन साथ लेकर चल रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन कादियां प्रधान हरमीत सिंह कादियां ने बताया कि सभी जिलों से सैकड़ों की संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्राली लेकर निकल चुके हैं। हरियाणा सीमा सील होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह जब हरियाणा की सीमा पर पहुंचेंगे तभी एकजुट होकर फैसला लेंगे। किसान एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। 

‘केंद्र के कानों तक आवाज पहुंचाने जा रहे दिल्ली’
पठानकोट-अमृतसर राजमार्ग पर धरना दे रहे किसानों का जत्था बुधवार शाम दिल्ली रवाना हुआ। लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी पंजाब के नेतृत्व में 29 किसान संगठनों की 70 गाड़ियों का यह काफिला दिल्ली रवाना हुआ। काफिले का नेतृत्व कर रहे लोक भलाई इंसाफ वेलफेयर सोसाइटी पंजाब के प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत सिंह कोठी ने कहा कि केंद्र सरकार का रवैया तानाशाह की तरह है। लंबे समय तक किसान धरने पर डटे रहे लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टेबल टॉक के आगे नहीं बढ़ पाए। केंद्र सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए वे दिल्ली जा रहे हैं।


राशन, गर्म कपड़ों संग किसानों का मार्च
अमृतसर के कई गांवों के किसानों ने बुधवार को किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी एवं जम्हूरी किसान सभा के अध्यक्ष डॉ. सतनाम सिंह कि अगुवाई में दिल्ली कूच किया। किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में बैठ कर मोदी सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे। डॉ. सतनाम सिंह ने बताया किसान अपने साथ लंगर तैयार करने वाला सामान व सर्दी से बचने के लिए गर्म कपडे़ भी ले जा रहे हैं। किसान दिल्ली से तब तक नहीं लौटेंगे, जब तक मोदी सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं लेगी। 

हरियाणा पुलिस ने डबवाली सीमा पर लगाए बैरिकेड
किसानों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने पंजाब के साथ लगती डबवाली सीमा पर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया है। वहीं भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेता जसवीर सिंह और शिंगारा सिंह का कहना है कि हरियाणा पुलिस के बैरिकेड एवं पत्थर किसानों को दिल्ली जाने से नहीं रोक सकते। केंद्र सरकार जब तक कृषि कानून वापस नहीं लेगी, तब तक किसानों का दिल्ली में प्रदर्शन जारी रहेगा।

 किसान नेताओं ने कहा कि 26 एवं 27 नवंबर को किसान हर हाल में हरियाणा के रास्ते दिल्ली पहुंचेंगे। चाहे इसके लिए उन्हें हरियाणा पुलिस के साथ क्यों न दो-दो हाथ करने पड़े। बता दें कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के 30 किसान संगठनों ने 26 एवं 27 नवंबर को दिल्ली में केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की है। 

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