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Punjab: बाढ़ पीड़ितों के मुआवजे की मांग के लिए किसान चंडीगढ़ जाने पर अड़े, पुलिस ने की नाकाबंदी
Mon, 21 Aug 2023 12:07 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुनाम ऊधम सिंह वाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Aug 2023 12:07 PM IST
सार
पुलिस से बचकर निकले भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के नेता जसवीर सिंह मदेवास और हैप्पी नमोल ने कहा कि भगवंत मान सरकार चंडीगढ़ में प्रदर्शन करने से रोकने के लिए किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
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किसानों को चंडीगढ़ जाने से रोकने के लिए पुलिस मुस्तैद।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों में हाल ही में आई बाढ़ से नुकसान झेलने वाले किसानों और मजदूरों को मुआवजा देने की मांग को लेकर 22 अगस्त से चंडीगढ़ में 16 किसान संगठनों ने स्थायी मार्च का एलान किया है। इसे रोकने के लिए राज्य पंजाब में किसान नेताओं को गिरफ्तार करने के लिए देर रात छापामारी की गई। हालांकि कई किसान नेता पहले ही सुरक्षित ठिकानों पर पहुंच गए हैं।
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सुनाम के कस्बे लोंगोवाल में सोमवार सुबह से ही संगठनों और पुलिस के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। नामोल और मेदेवास में भी पुलिस ने किसान नेताओं को चंडीगढ़ जाने से रोकने के लिए नाकेबंदी की। पुलिस से बचकर निकले भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के नेता जसवीर सिंह मदेवास और हैप्पी नमोल ने कहा कि भगवंत मान सरकार चंडीगढ़ में प्रदर्शन करने से रोकने के लिए किसान नेताओं को गिरफ्तार कर लोकतंत्र की हत्या कर रही है।
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उन्होंने कहा कि 16 किसान संगठन मिलकर संघर्ष कर रहे हैं और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने भी पिछली सरकारों की तरह ही रास्ता अपनाया है, जिसका असर कांग्रेस और अकाली दल की तरह आम आदमी पार्टी पर भी पड़ेगा। आने वाले समय में सत्तापक्ष को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी ।