पंजाब में जलाई जा रही है पराली, किसान बोले- मजबूरी है हमारी, सरकार कोई समाधान नहीं देती
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मात्र 10 दिन पहले शुरू हुई धान की फसल की कटाई के बाद जिले में पराली जलाने के 55 मामले सामने आ चुके हैं। डीसी गुरप्रीत सिंह खेहरा ने किसानों से ऐसा न करने का आग्रह किया है। डीसी ने कहा कि किसान धान की पराली को न जलाएं, इसके लिए पंजाब सरकार द्वारा तैयार एप की मदद ली जा रही है। जिस खेत में आग लगी होगी, यह एप उसकी जानकारी उस क्षेत्र में तैनात अधिकारी को देगा।
डीसी ने बताया की प्रदेश में सबसे पहले धान की कटाई अमृतसर से शुरू होती है। धान के बाद किसान खेतों में सब्जी बोता है, इसलिए वह पराली को जला देता है। इस बार प्रशासन इसको रोकने की हर संभव कोशिश करेगा। इसके लिए गांव स्तर तक नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। साथ ही गांव-गांव कलस्टर अधिकारी भी तैनात किए गए हैं, जो उपग्रह से खेत में आग लगाने की जानकारी मिलने के बाद खेत मालिक पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
डीसी ने एसडीएम और राजस्व विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने इलाके में तैनात किए सभी सेक्टर अधिकारियों पर नजर रखें। डीसी के अनुसार खेती विभाग के अधिकारियों ने गांव-गांव जाकर किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी है। पराली की संभाल के लिए प्रशासन किसानों को सब्सिडी पर औजार उपलब्ध करवा रही है।
Punjab: Farmers burn stubble in their fields; visuals from Devi Dass Pura in Amritsar district. pic.twitter.com/g7wtVWGJH9— ANI (@ANI) September 26, 2020
किसान बोले- पराली जलाना मजबूरी है हमारी
Amritsar: Jeet Singh, a farmer says, "Farmers don't wish to burn stubble, but we are compelled to do it as govt is not providing us with a solution. We asked District administration to take it & dump it, but they didn't take any action. So, finally after 10 days, we burnt it." https://t.co/I5SB3dIEV2 pic.twitter.com/kaeOKdRpaj— ANI (@ANI) September 26, 2020