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किसान नेता बोले- जख्म कुरेदना बंद करें, भाजपाइयों ने कहा- आंदोलन की आड़ में अराजकता

Mon, 29 Mar 2021 02:19 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 29 Mar 2021 02:19 AM IST
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Farmer leaders said- Stop wounding, BJPers said- Chaos in the guise of movement
चंडीगढ़। पंजाब में भाजपा विधायक के साथ मारपीट करके कालिख पोतने के मामले में किसान संगठन और भाजपा नेता आमने-सामने हैं। किसान नेताओं का कहना है कि पंजाब में भाजपा नेता के साथ जो कुछ हुआ है, वो कहीं से भी सही नहीं है, लेकिन भाजपा नेताओं को भी चाहिए कि वे किसानों के जख्मों को कुरेदना बंद करें।
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दूसरी तरफ भाजपा नेताओं का कहना है कि आंदोलन की आड़ में किसान पंजाब में एक डर का माहौल बना रहे हैं। अराजक तत्वों के साथ पंजाब सरकार मिली हुई है। उन्हीं के शह पर भाजपा विधायक पर हमला हुआ है।
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क्या कहते हैं किसान नेता
किसान संगठनों का आह्वान है कि कृषि बिल का शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताना है। हिंसक होना संघर्ष को नुकसान पहुंचा सकता है। भाजपा को भी चाहिए कि वे किसानों के जख्म को कुरेदे नहीं। भाजपा को पंजाब में किसी तरह का कार्यक्रम नहीं करना चाहिए था। -कंवलजीत सिंह, प्रांतीय कमेटी सदस्य, पंजाब किसान यूनियन, चंडीगढ़ मोहाली
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हिंसक बर्ताव बर्दाश्त नहीं। शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन मजबूत होगा। माहौल बिगाड़ने का काम केंद्र सरकार कर रही है। लोगों का सब्र टूट रहा है। इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। इस प्रकार की घटना ठीक नहीं है। -गुरप्रीत सिंह सोमल, महासचिव, पेंडू संघर्ष कमेटी चंडीगढ़
हमारे संविधान ने विरोध के कई तरीके दिए हैं। किसी के साथ मारपीट करना, उसके कपड़े फाड़ना, कालिख पोतना यह सभ्य तरीका नहीं है। भीड़ का यह तरीका बहुत ही गलत है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं के निर्देशों का ही पालन होना चाहिए। -किरपाल सिंह, प्रधान नौजवान किसान एकता चंडीगढ़
मारपीट कर कपड़े फाड़ना और कालिख पोतना विरोध का तरीका नहीं हो सकता। भीड़ बनकर किसी पर हमला करना यह न्यायोचित नहीं है। किसान जत्थेबंदियों का कहना है कि शांतिपूर्वक विरोध होना चाहिए। विरोध करने का यही तरीका सही है। -अमरीक सिंह, किसान नेता चंडीगढ़
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क्या कहते हैं नेता
कांग्रेस व अन्य भाजपा विरोधी दल आंदोलन की आड़ में हिंसा लाना चाह रहे हैं। यह असहिष्णुता की चरमसीमा है। कांग्रेस के लोग आग से खेल रहे हैं। जब जनता के प्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं है तो आम जनता कैसे सुरक्षित रह सकती है। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। -सत्यपाल जैन, पूर्व सांसद और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भारत सरकार
प्रदर्शन करने से किसी को मनाही नहीं है, लेकिन किसी पर इस तरह से हमला करना ठीक नहीं है। अन्नदाता का ऐसा रोल होता है क्या। इस घटना के पीछे सरकार की मिलीभगत है। सरकार लोगों की हिफाजत के लिए होती है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। -संजय टंडन, पूर्व अध्यक्ष, भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश
सभी हदें तोड़ दी गई हैं। यह देशहित में नहीं है। पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार इस्तीफा दे या केंद्र सरकार ऐसी सरकार को बर्खास्त करे। कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया जाए। ये सब अराजक तत्व हैं। -अरुण सूद, अध्यक्ष, भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश।

विधायक को मारना-पीटना अत्यंत निंदनीय है। इससे समझ लेना चाहिए कि पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। ये अन्नदाता तो नहीं हो सकते। यदि किसी की विचारधारा पसंद नहीं है तो उसका शांतिपूर्वक तरीके से विरोध करिए। -राज किशोर, कोषाध्यक्ष, भाजपा चंडीगढ़ प्रदेश
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