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Kisan Andolan: आंसू गैस के धुएं की वजह से बिगड़ी थी तबीयत, आंदोलन में शामिल बुजुर्ग किसान की मौत

Fri, 16 Feb 2024 05:53 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 16 Feb 2024 05:53 PM IST
सार

70 साल के ज्ञान सिंह की कोई संतान नहीं थी। उनकी पत्नी की भी कुछ समय पहले मौत हो गई थी। वर्तमान में वह अपने भाई के साथ रह रहे थे। ज्ञान सिंह ने साल 2020 में दिल्ली हुए किसानी आंदोलन में भी सक्रियता से भाग लिया था। मोर्चे की जीत के बाद ही वह घर वापस लौटे थे। ज्ञान सिंह बीते करीब 22 सालों से किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी से जुड़े हुए थे।

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Farmer from Gurdaspur involved in Kisan Andolan died during treatment
मृतक ज्ञान सिंह। - फोटो : फाइल

विस्तार

शंभू बार्डर पर चल रहे किसानी आंदोलन में शामिल जिला गुरदासपुर के 70 साल के किसान ज्ञान सिंह की शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान सरकारी राजिंदरा अस्पताल में मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक आंसू गैस के गोलों का धुआं चढ़ने की वजह से बुजुर्ग किसान की तबीयत बिगड़ी थी। पहले उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल में दाखिल कराया गया। जहां से उन्हें वीरवार रात राजिंदरा रेफर किया गया था। 
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जानकारी के मुताबिक ज्ञान सिंह के कोई संतान नहीं थी। उनकी पत्नी की भी कुछ समय पहले मौत हो गई थी। वर्तमान में वह अपने भाई के साथ रह रहे थे।

सरकारी राजिंदरा अस्पताल में बुजुर्ग किसान का पोस्टमार्टम किया गया। इस मौके पर मौजूद किसान नेता हरविंदर सिंह ने बताया कि ज्ञान सिंह ने साल 2020 में दिल्ली हुए किसानी आंदोलन में भी सक्रियता से भाग लिया था। मोर्चे की जीत के बाद ही वह घर वापस लौटे थे। ज्ञान सिंह बीते करीब 22 सालों से किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी से जुड़े हुए थे। 
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ज्ञान सिंह 11 फरवरी को अपने गांव से शंभू बार्डर के लिए रवाना हुए थे। लेकिन बार्डर पर लगातार हरियाणा सरकार की तरफ से आंसू गैस के गोले छोड़े जाने से उनकी तबीयत बिगड़ी और अस्पताल में मौत हो गई। उन्होंने बताया कि ज्ञान सिंह व उनका बड़ा भाई काफी गरीब हैं। परिवार के पास केवल एक किला जमीन है, जिस पर खेतीबाड़ी करके बड़ी मुश्किल से गुजर-बसर करते हैं। उन्होंने पंजाब व केंद्र सरकार से परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
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किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने भी ज्ञान सिंह के परिवार को सरकार से 20 लाख की वित्तीय सहायता व परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
 
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