फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Farmer Destroyed Crop of Cauliflower in Yamunanagar of Haryana

दाम को मोहताज अन्नदाता, एक रुपये किलो भी नहीं बिक रही गोभी, ट्रैक्टर से जोतकर मिट्टी में मिलाया

Fri, 18 Dec 2020 11:12 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Fri, 18 Dec 2020 11:12 AM IST
विज्ञापन
Farmer Destroyed Crop of Cauliflower in Yamunanagar of Haryana
किसान ने नष्ट की गोभी की फसल। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

किसान आंदोलन के चलते दिल्ली बॉर्डर बंद होने से हरियाणा के यमुनानगर में सब्जी उत्पादक किसानों को बड़ा नुकसान हो रहा है। आजादपुर मंडी में किसानों की गोभी की फसल नहीं पहुंच रही और स्थानीय मंडियों में फसल में लगाई गई लागत भी नहीं मिल पा रही है। इससे परेशान होकर किसान अपनी मेहनत की फसल को ट्रैक्टर चलाकर मिट्टी में मिला रहे हैं।

विज्ञापन


सरस्वती नगर के किसान कैलाश चौहान ने बताया कि गोभी प्रति एकड़ लगाने का खर्चा करीब 15 हजार रुपए आ रहा है। कुछ दिन पहले जो गोभी 25-30 रुपए प्रति किलो बिक रही थी। आज एक रुपये प्रति किलो के दाम भी नहीं मिल रहे हैं। सब्जियों के बीज बहुत महंगे मिल रहे हैं।
विज्ञापन


सरकार  बीज आदि कम मूल्य पर उपलब्ध नहीं कराती है। मजदूर भी नहीं मिलते हैं। अब दिहाड़ी के लिए पहले से दोगुने पैसे चुकाने पड़ते हैं। सरस्वती नगर के अलावा सब्जी लगाने वाले अन्य गांव माली माजरा, मगरपुर, सारण, भगवानपुर के किसानों ने भी गोभी के भाव न मिलने के कारण ट्रैक्टर चलाकर नष्ट कर दिया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


छह एकड़ फसल को ट्रैक्टर से रौंदा
किसान सुभाष चौधरी व बब्बू ने बताया कि जब यह हालात बन गए की मंडी में ले जाने का खर्च भी पूरा नहीं हो रहा तो उन्होंने गोभी के खेतों में ट्रैक्टर चलाकर नष्ट करना शुरू कर दिया। उन्होंने कल ही छह एकड़ में लगी गोभी को नष्ट किया ताकि उसमें दूसरी फसल लगा सके। उन्होंने बताया कि गोभी के अलावा आलू, शलगम, मूली, मटर के भावों में भी बहुत गिरावट आई है। सरकार की भावांतर योजना भी सब्जियों के दाम दिलाने में विफल साबित हो रही है।


भावांतर योजना नहीं दिला सकी सब्जियों के दाम
किसान अमर सिंह, सोहन सिंह, जसवंत सिंह, बसंत सिंह ने बताया सरकार की भावांतर योजना भी सब्जी के दाम दिलवाने में विफल साबित हो रही है। सब्जी पैदा करने वालों अन्य किसानों ने बताया कि वे पूरे परिवार के साथ अन्य मजदूर लगाकर खेतों में काम करते हैं। लेकिन उन्हें लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा। अब उन्होंने भी गोभी की फसल को नष्ट करना शुरू कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed