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SMOG का कहरः एक्शन में हरियाणा सरकार, फरीदाबाद-गुड़गांव के स्कूल 11 तक बंद
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 10 Nov 2017 09:16 AM IST
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एक्शन में हरियाणा सरकार
- फोटो : File Photo
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हरियाणा के शिक्षा विभाग ने स्मॉग की समस्या को देखते हुए फरीदाबाद और गुड़गांव के सरकारी तथा निजी स्कूलों को 11 नवंबर तक बंद करने के आदेश जारी किए हैं। विभाग के यह आदेश निजी और सरकारी सभी स्कूलों पर लागू होंगे।
चूंकि मामला बच्चों की सेहत से जुड़ा है। इसलिए जो स्कूल इसे लागू नहीं करेंगे उन्हें खामियाजा भुगतना होगा। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. केके खंडेलवाल ने यह आदेश जारी किए हैं।
उधर, सोनीपत में बोलते हुए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने यह भी कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए सरकार जल्द कोई रास्ता निकालने में जुटी है और इसको लेकर जल्द ही अहम कार्य योजना सामने आएगी। उससे किसान अपने खेतों में पराली नहीं जला सकेंगे। हालांकि सीएम ने अभी इसका खुलासा नहीं किया कि सरकार ऐसी क्या योजना बना रही है, जिससे पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी और प्रदूषण पर किस तरह से नियंत्रण हो सकेगा। सीएम ने यह जरूर दावा किया है कि सरकार पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और इसका जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।
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चूंकि मामला बच्चों की सेहत से जुड़ा है। इसलिए जो स्कूल इसे लागू नहीं करेंगे उन्हें खामियाजा भुगतना होगा। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. केके खंडेलवाल ने यह आदेश जारी किए हैं।
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उधर, सोनीपत में बोलते हुए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने यह भी कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए सरकार जल्द कोई रास्ता निकालने में जुटी है और इसको लेकर जल्द ही अहम कार्य योजना सामने आएगी। उससे किसान अपने खेतों में पराली नहीं जला सकेंगे। हालांकि सीएम ने अभी इसका खुलासा नहीं किया कि सरकार ऐसी क्या योजना बना रही है, जिससे पराली जलाने पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी और प्रदूषण पर किस तरह से नियंत्रण हो सकेगा। सीएम ने यह जरूर दावा किया है कि सरकार पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को लेकर पूरी तरह से गंभीर है और इसका जल्द ही कोई समाधान निकाला जाएगा।
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पराली न जलाने वाले गांवों को मिलेगा 50 हजार का इनाम
parali
जिन गांवों में पराली जलेगी, वहां किसानों को सरकार और कृषि विभाग की ओर से अनुदान देने पर रोक लगाई जाएगी। जिले में पराली न जलाने वाले गांवों को 50 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। उपायुक्त निखिल गजराज ने कहा कि खेतों में धान के अवशेष जलाने के मामलों के प्रति सरकार और प्रशासन काफी गंभीर है।
ग्रामीणों, किसानों और पंचायतों को पराली न जलाने के प्रति निरंतर जागरूक और प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों द्वारा निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान किसानों को समझाया जाता है कि खेत में पराली जलाने से पर्यावरण में प्रदूषण फैलने के साथ भूमि की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। अवशेषों के प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा इसके लिए प्रयुक्त होने वाले उपकरणों पर सब्सिडी भी दी जाती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऐसे गांवों को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देगा, जहां खेतों में पराली नहीं जलाई जाएगी।
पंचायतों को भी किसानों को पराली न जलाने के लिए समझाना चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि कृषि विभाग की टीमों द्वारा धान के अवशेष जलाने वालों पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है। पराली में आग लगाने पर पकड़े जाने पर जुर्माना भी लगाया जाता है। अब पराली जलाते पकड़े जाने वाले किसानों को भविष्य में कृषि उपकरणों और अन्य योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी भी नहीं दी जाएगी।
ग्रामीणों, किसानों और पंचायतों को पराली न जलाने के प्रति निरंतर जागरूक और प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए कृषि विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीमों द्वारा निरंतर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इस दौरान किसानों को समझाया जाता है कि खेत में पराली जलाने से पर्यावरण में प्रदूषण फैलने के साथ भूमि की उपजाऊ शक्ति भी कम होती है। अवशेषों के प्रबंधन के लिए सरकार द्वारा इसके लिए प्रयुक्त होने वाले उपकरणों पर सब्सिडी भी दी जाती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ऐसे गांवों को 50 हजार रुपये का पुरस्कार देगा, जहां खेतों में पराली नहीं जलाई जाएगी।
पंचायतों को भी किसानों को पराली न जलाने के लिए समझाना चाहिए। उपायुक्त ने बताया कि कृषि विभाग की टीमों द्वारा धान के अवशेष जलाने वालों पर भी कड़ी निगरानी की जा रही है। पराली में आग लगाने पर पकड़े जाने पर जुर्माना भी लगाया जाता है। अब पराली जलाते पकड़े जाने वाले किसानों को भविष्य में कृषि उपकरणों और अन्य योजनाओं के तहत मिलने वाली सब्सिडी भी नहीं दी जाएगी।