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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 में दूसरी मंजिल में आग लगने से धमाके, डक बॉक्स का एसी पैनल क्षतिग्रस्त
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चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में रविवार की सुबह 11.30 बजे डी ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर आग लग गई। इस मंजिल पर ब्लड बैंक के पास बने डक बॉक्स में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी आग से जोरदार धमाके भी हुए। इससे डक बॉक्स में लगे एसी पैनल क्षतिग्रस्त हो गए। मौके पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए आग पर काबू पाया। अवकाश का दिन होने के कारण उस ब्लॉक में लोगों की आवाजाही कम थी। इसलिए कोई जानमाल की क्षति नहीं हुई। हालांकि सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखकर तत्काल सेंट्रलाइज एसी लाइन बंद कर दी गई। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अस्पताल में चूहों के कारण स्थिति खराब हो गई है। डक बॉक्स में भी आग लगने से पहले चूहे देखे गए थे। अनुमान है कि शॉर्ट सर्किट एयर हैंडलिंग यूनिट के आसपास के तारों को चूहे द्वारा चबाने के कारण हुआ था। वहीं आग लगने के कारणों की विस्तार से जांच सोमवार को कराई जाएगी।
अस्पताल के डी ब्लॉक में मुख्य रूप से ब्लड बैंक, एमआरआई, सीटी स्कैन और विभागों के कार्यालय स्थित हैं। रविवार के कारण कार्यालय बंद होने से वहां फैकेल्टी और कर्मचारी नहीं थे। वहीं, ब्लड बैंक में भी आवाजाही बेहद कम थी। हालांकि इस घटना से ब्लड बैंक का कार्य प्रभावित नहीं हुआ। अस्पताल के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो. एके अत्रि का कहना है कि उस क्षेत्र में कोई बड़ी मशीन नहीं थी। आग को बुझाने के लिए उपयोग किए गए अग्निशामक यंत्रों के कारण बहुत अधिक धुआं था। सेंट्रलाइज एसी को बंद कर दिया गया है, जबकि भूतल पर ब्लड बैंक और रेडियोलॉजी विभाग चालू है। अन्य मंजिलें वर्तमान में बंद हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चूहे ने एयर हैंडलिंग इकाइयों के पास तारों को कुतर दिया था।
इनसेट-
पीजीआई में एक के बाद एक हो रही आगजनी
9 अक्तूबर 2023 की आधी रात को पीजीआई के नेहरू अस्पताल में आग लगी थी। इसमें 424 मरीजों को रेस्क्यू करके बाहर निकल गया था। इसके बाद 16 अक्तूबर 2023 को एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट में आग लगी थी। इन दोनों ही जगह में आग लगने का कारण यूपीएस बैटरी में शॉर्ट सर्किट था। 20 मार्च 2024 को पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में लगी आग। 30 मार्च 2024 को कार्डियक सेंटर की ओटी में आग लगी थी, जिसमें मरीज और डॉक्टर झुलस गए थे। 27 जून 2024 को पीजीआई के निदेशक कार्यालय की बिल्डिंग में प्रेस के कारण आग लगी थी।
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अस्पताल के डी ब्लॉक में मुख्य रूप से ब्लड बैंक, एमआरआई, सीटी स्कैन और विभागों के कार्यालय स्थित हैं। रविवार के कारण कार्यालय बंद होने से वहां फैकेल्टी और कर्मचारी नहीं थे। वहीं, ब्लड बैंक में भी आवाजाही बेहद कम थी। हालांकि इस घटना से ब्लड बैंक का कार्य प्रभावित नहीं हुआ। अस्पताल के डायरेक्टर प्रिंसिपल प्रो. एके अत्रि का कहना है कि उस क्षेत्र में कोई बड़ी मशीन नहीं थी। आग को बुझाने के लिए उपयोग किए गए अग्निशामक यंत्रों के कारण बहुत अधिक धुआं था। सेंट्रलाइज एसी को बंद कर दिया गया है, जबकि भूतल पर ब्लड बैंक और रेडियोलॉजी विभाग चालू है। अन्य मंजिलें वर्तमान में बंद हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि चूहे ने एयर हैंडलिंग इकाइयों के पास तारों को कुतर दिया था।
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पीजीआई में एक के बाद एक हो रही आगजनी
9 अक्तूबर 2023 की आधी रात को पीजीआई के नेहरू अस्पताल में आग लगी थी। इसमें 424 मरीजों को रेस्क्यू करके बाहर निकल गया था। इसके बाद 16 अक्तूबर 2023 को एडवांस आई सेंटर के बेसमेंट में आग लगी थी। इन दोनों ही जगह में आग लगने का कारण यूपीएस बैटरी में शॉर्ट सर्किट था। 20 मार्च 2024 को पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में लगी आग। 30 मार्च 2024 को कार्डियक सेंटर की ओटी में आग लगी थी, जिसमें मरीज और डॉक्टर झुलस गए थे। 27 जून 2024 को पीजीआई के निदेशक कार्यालय की बिल्डिंग में प्रेस के कारण आग लगी थी।
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