{"_id":"670c68c2a01f6bd8720d4344","slug":"exercise-of-governance-vij-and-rao-showed-their-attitude-in-haryana-now-command-handed-over-to-amit-shah-2024-10-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"हुकूमत का कवायद : हरियाणा में विज और राव ने दिखाए तेवर, अब अमित शाह को सौंपी कमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हुकूमत का कवायद : हरियाणा में विज और राव ने दिखाए तेवर, अब अमित शाह को सौंपी कमान
Mon, 14 Oct 2024 06:12 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 14 Oct 2024 06:12 AM IST
सार
सूत्रों का दावा है कि विधायक दल का नेता चुनने के समय अनिल विज सीएम पद को लेकर अपना दावा ठोक सकते हैं।
विज्ञापन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा में 16 अक्तूबर को भाजपा के विधायक दल की बैठक में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए भाजपा के संसदीय बोर्ड ने पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जिम्मेदारी सौंपी है। उनके साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी पर्यवेक्षक होंगे।
विज्ञापन
सूत्रों का दावा है कि विधायक दल का नेता चुनने के समय अनिल विज सीएम पद को लेकर अपना दावा ठोक सकते हैं। इसके अलावा, बाहर से केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह भी मुख्यमंत्री पद को लेकर दावा जताते रहे हैं। पार्टी हाईकमान ने इन दोनों के तेवरों को देखते ही अमित शाह को यह जिम्मेदारी सौंपी है, ताकि पार्टी में कोई गुटबाजी न दिखे और सारी प्रक्रिया आराम से पूरी हो सके।
विज्ञापन
मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद 12 मार्च को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई थी। बैठक में भाजपा हाईकमान की ओर से केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और पार्टी के महासचिव तरुण चुघ को पर्यवेक्षक बनाया गया था। हरियाणा निवास में हुई बैठक में हरियाणा मामलों के प्रभारी बिप्लब देब भी मौजूद थे। जब विधायक दल के नेता के रूप में नायब सैनी का नाम सामने आया तो पूर्व मंत्री अनिल विज नाराज हो गए थे।
विज्ञापन
नाराजगी भी इतनी बढ़ गई थी कि वह पर्यवेक्षकों के सामने ही बैठक छोड़कर बाहर आ गए थे। इस बार उसी तरह की स्थिति न बने, इसलिए हाईकमान ने पहले ही मजबूत तैयारी की है। पार्टी हाईकमान का मानना है कि जब बैठक में अमित शाह होंगे, तो कोई विवाद पैदा नहीं होगा और आसानी से नायब सैनी के नाम पर मुहर लग जाएगी। क्योंकि खुद अमित शाह ने पंचकूला में सैनी को अगला मुख्यमंत्री बनाने का एलान किया था।