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Chandigarh News: 500 वर्गमीटर तक की दुकानों को फायर सिस्टम से राहत
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उद्योग व्यापार मंडल ने फायर नियमों पर उठाए सवाल, चीफ फायर ऑफिसर ने छोटे दुकानदारों को दिया आश्वासन
पुराने वैध फायर एनओसी वाले प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं, जोखिम के आधार पर तय होंगी सुरक्षा जरूरतेंचंडीगढ़। उद्योग व्यापार मंडल चंडीगढ़ के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर एवं चीफ फायर ऑफिसर हिमांशु गुप्ता से मुलाकात की। बैठक में ड्राफ्ट चंडीगढ़ फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज रूल्स-2026 को लेकर व्यापारियों की आपत्तियों और सुझावों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि फायर सेफ्टी नियम जोखिम आधारित, अनुपातिक और व्यावहारिक हों। छोटी दुकानों और कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों पर बड़े भवनों जैसे कड़े नियम लागू न किए जाएं। पुराने और पहले से वैध फायर एनओसी वाले प्रतिष्ठानों पर नए नियमों से अतिरिक्त आर्थिक या ढांचागत बोझ नहीं डाला जाए। कैलाश चंद जैन ने फायर सेफ्टी फीस में बढ़ोतरी, एनुअल थर्ड पार्टी ऑडिट, छोटे प्रतिष्ठानों के लिए अतिरिक्त शर्तों और पुराने भवनों पर नए नियमों के प्रभाव का मुद्दा उठाया।
चीफ फायर ऑफिसर हिमांशु गुप्ता ने कहा कि छोटे दुकानदारों को घबराने की जरूरत नहीं है। नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाया जा रहा है। 500 वर्गमीटर तक के कवर्ड एरिया वाली दुकानों में सामान्यतः फायर फाइटिंग सिस्टम जरूरी नहीं होगा। जरूरतें प्रतिष्ठान की प्रकृति और वास्तविक फायर रिस्क के आधार पर तय होंगी। ऐसे दुकानदारों पर अनावश्यक शुल्क, वार्षिक ऑडिट या अतिरिक्त औपचारिकताओं का बोझ नहीं डाला जाएगा।
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पुराने वैध फायर एनओसी वाले प्रतिष्ठानों पर अतिरिक्त बोझ नहीं, जोखिम के आधार पर तय होंगी सुरक्षा जरूरतेंचंडीगढ़। उद्योग व्यापार मंडल चंडीगढ़ के अध्यक्ष कैलाश चंद जैन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर एवं चीफ फायर ऑफिसर हिमांशु गुप्ता से मुलाकात की। बैठक में ड्राफ्ट चंडीगढ़ फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज रूल्स-2026 को लेकर व्यापारियों की आपत्तियों और सुझावों पर चर्चा हुई।
प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि फायर सेफ्टी नियम जोखिम आधारित, अनुपातिक और व्यावहारिक हों। छोटी दुकानों और कम जोखिम वाले प्रतिष्ठानों पर बड़े भवनों जैसे कड़े नियम लागू न किए जाएं। पुराने और पहले से वैध फायर एनओसी वाले प्रतिष्ठानों पर नए नियमों से अतिरिक्त आर्थिक या ढांचागत बोझ नहीं डाला जाए। कैलाश चंद जैन ने फायर सेफ्टी फीस में बढ़ोतरी, एनुअल थर्ड पार्टी ऑडिट, छोटे प्रतिष्ठानों के लिए अतिरिक्त शर्तों और पुराने भवनों पर नए नियमों के प्रभाव का मुद्दा उठाया।
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चीफ फायर ऑफिसर हिमांशु गुप्ता ने कहा कि छोटे दुकानदारों को घबराने की जरूरत नहीं है। नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाया जा रहा है। 500 वर्गमीटर तक के कवर्ड एरिया वाली दुकानों में सामान्यतः फायर फाइटिंग सिस्टम जरूरी नहीं होगा। जरूरतें प्रतिष्ठान की प्रकृति और वास्तविक फायर रिस्क के आधार पर तय होंगी। ऐसे दुकानदारों पर अनावश्यक शुल्क, वार्षिक ऑडिट या अतिरिक्त औपचारिकताओं का बोझ नहीं डाला जाएगा।
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