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Exclusive: पुलिस तफ्तीश के बाद भी घटनास्थल पर मिले कारतूस के खाली खोल
राजेश शांडिल्य/अमर उजाला, मोहाली
Updated Tue, 08 Nov 2016 01:37 AM IST
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घटनास्थल पर मिले कारतूस के खाली खोल
- फोटो : अमर उजाला
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ताबड़तोड़ फायरिंग के बाद घटनास्थल पर बिखरे गोलियों के खाली खोल पुलिस को क्यों दिखाई नहीं दे रहे। हालांकि गोलियों के यह खोल उन लोगों तक पहुंचने में सबसे बड़ी मदद कर सकते हैं, जिनके नाम पर आर्मरी शॉप से यह गोलियां जारी हुई थीं।
वारदात के करीब 24 घंटे बाद अमर उजाला ने घटनास्थल का दौरा किया। वहां के हालात देखने पर पुलिस जांच पर सवाल उठते नजर आए। घटनास्थल पर और आसपास में सोमवार को 70 मीटर तक मार करने वाली गोलियों के खोल पड़े हुए थे। जबकि डीएसपी गुरदीप सिंह गौसल का दावा है कि उन्होंने मौके से सभी खाली खोल बरामद कर लिए हैं। डीएसपी ने इनकी संख्या 20 बताई है, जिनमें 32 और 12 बोर की गोलियों के खाली खोल शामिल हैं। 70 मीटर तक मार करने वाली इन गोलियां की खोल पर 12 शक्तिमान एक्सप्रेस मार्का के साथ एक विशेष प्रकार का सिंबल प्रिंट है।
पुलिस को अंगूठा दिखाने वालों पर है रसूखदारों का हाथ
रविवार को मोहाली बस अड्डे के सामने हुई गैंगवार के पीछे प्रभावशाली लोगों का हाथ बताया जा रहा है। जाहिर है कि रविवार को ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले दो गुट शहर में दहशत फैलाने के बाद फरार हो गए थे, जबकि जिस बस अड्डे के सामने यह घटना हुई, वहां से संबंधित पुलिस थाना फेज आठ की चंद कदम की दूरी पर है।
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वारदात के करीब 24 घंटे बाद अमर उजाला ने घटनास्थल का दौरा किया। वहां के हालात देखने पर पुलिस जांच पर सवाल उठते नजर आए। घटनास्थल पर और आसपास में सोमवार को 70 मीटर तक मार करने वाली गोलियों के खोल पड़े हुए थे। जबकि डीएसपी गुरदीप सिंह गौसल का दावा है कि उन्होंने मौके से सभी खाली खोल बरामद कर लिए हैं। डीएसपी ने इनकी संख्या 20 बताई है, जिनमें 32 और 12 बोर की गोलियों के खाली खोल शामिल हैं। 70 मीटर तक मार करने वाली इन गोलियां की खोल पर 12 शक्तिमान एक्सप्रेस मार्का के साथ एक विशेष प्रकार का सिंबल प्रिंट है।
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पुलिस को अंगूठा दिखाने वालों पर है रसूखदारों का हाथ
रविवार को मोहाली बस अड्डे के सामने हुई गैंगवार के पीछे प्रभावशाली लोगों का हाथ बताया जा रहा है। जाहिर है कि रविवार को ताबड़तोड़ फायरिंग करने वाले दो गुट शहर में दहशत फैलाने के बाद फरार हो गए थे, जबकि जिस बस अड्डे के सामने यह घटना हुई, वहां से संबंधित पुलिस थाना फेज आठ की चंद कदम की दूरी पर है।
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पुलिस को नहीं पता बस अड्डे के सीसीटीवी कैमरों का
घटनास्थल पर मिले कारतूस के खाली खोल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को नहीं पता बस अड्डे के सीसीटीवी कैमरों का
रविवार के इतनी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस की लापरवाही साफ नजर आ रही है। गोलियों के खाली खोल मौके पर छोड़ने के अलावा पुलिस की दूसरी बड़ी लापरवाही यह भी सामने आई कि उन्हें सोमवार बाद दोपहर तक यह तक मालूम नहीं था कि बस अड्डे पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। डीएसपी इस बात को मानने से इंकार करते रहे कि बस अड्डे पर सीसीटीवी कैमरा लगा हैं। हालांकि अमर उजाला के बताने के बाद उन्होंने बस अड्डे से सीसीटीवी फुटेज लेने की बात कही।
सीसीटीवी का कंट्रोल रूम है खाली
मोहाली का बस अड्डे का ठेका चंद्रशेखर के पास है। उसने बताया कि बस अड्डे पर तीन साल पहले हाईकोर्ट के आदेश पर सीसीटीवी कैमरे पुराने ठेकेदार के समय में लगाए गए थे। अब यहां सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन सीसीटीवी कैमरे के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम खाली है। चौंकाने वाली बात यह है कि सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करने के लिए मोहाली बस अड्डे पर कोई व्यक्ति नहीं है।
रविवार के इतनी बड़ी वारदात के बावजूद पुलिस की लापरवाही साफ नजर आ रही है। गोलियों के खाली खोल मौके पर छोड़ने के अलावा पुलिस की दूसरी बड़ी लापरवाही यह भी सामने आई कि उन्हें सोमवार बाद दोपहर तक यह तक मालूम नहीं था कि बस अड्डे पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। डीएसपी इस बात को मानने से इंकार करते रहे कि बस अड्डे पर सीसीटीवी कैमरा लगा हैं। हालांकि अमर उजाला के बताने के बाद उन्होंने बस अड्डे से सीसीटीवी फुटेज लेने की बात कही।
सीसीटीवी का कंट्रोल रूम है खाली
मोहाली का बस अड्डे का ठेका चंद्रशेखर के पास है। उसने बताया कि बस अड्डे पर तीन साल पहले हाईकोर्ट के आदेश पर सीसीटीवी कैमरे पुराने ठेकेदार के समय में लगाए गए थे। अब यहां सीसीटीवी कैमरे तो लगे हैं, लेकिन सीसीटीवी कैमरे के लिए बनाया गया कंट्रोल रूम खाली है। चौंकाने वाली बात यह है कि सीसीटीवी कैमरों से निगरानी करने के लिए मोहाली बस अड्डे पर कोई व्यक्ति नहीं है।