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Chandigarh News: ईडब्ल्यूएस छात्र को आवेदन के समय वेबसाइट पर दूरी के अनुसार मिलेंगे स्कूल विकल्प
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चंडीगढ़। शिक्षा विभाग की ओर से निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के दाखिले को ऑनलाइन करने के साथ सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जा रही है। ईडब्ल्यूएस दाखिले के लिए विभाग की ओर से तैयार की जा रही वेबसाइट में छात्र को दाखिला आवेदन करते समय नजदीकी स्कूलों के विकल्प मिल जाएंगे। तय कोटा 25 प्रतिशत में सीटें खाली रहती हैं तो एक किमी से अधिक एक से तीन किलोमीटर और बाद में तीन से छह किलोमीटर का विकल्प मिलेगा। बच्चे को घर से स्कूल की दूरी के अनुसार की प्राथमिकता और खाली सीट के आधार पर स्कूल अलॉट होगा।
स्कूल निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने बताया कि जैसे ही छात्र घर का पता वेबसाइट पर डालेगा, नियमों के अनुसार एक किमी में आने वाले स्कूलों की सूची छात्र की स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें वे अपने पसंद के अनुसार स्कूल का चयन कर सकते हैं। वेबसाइट लगभग 26 दिसंबर तक तैयार कर दाखिला आवेदन शुरू कर दिए जाएंगे। दाखिला ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से मिलेगा। दाखिला पक्के होने की पुष्टि सभी कागजातों के सत्यापन के बाद ही होगी। अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र डिप्टी कमिश्नर की ओर से ही बनवाना होगा। आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के तहत 25 प्रतिशत छात्रों को दाखिला दिया जाता है, जिसमें उन्हें कक्षा 8 तक की शिक्षा मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाती है और इसका देय सरकार की तरफ से होता है।
स्कूल शिक्षा निदेशक बोले-हर छात्र को बेहतर शिक्षा देना लक्ष्य
स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने बताया कि हर छात्र को बेहतर शिक्षा सुविधा देना लक्ष्य है। इसके लिए स्कूलों में दाखिले की निष्पक्ष व्यवस्था तैयार करना चाहते हैं जिससे छात्र को दाखलिा संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। बता दें कि कई बार दाखिला प्रक्रिया के दौरान निजी स्कूलों में एंट्री कक्षा के दाखिले में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के बच्चों को परेशानी आती थी। इसको लेकर कोई निष्पक्ष व्यवस्था नहीं थी। एंट्री कक्षा का दाखिला पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इसमें रिहायश से लेकर परिवार की वार्षिक आय से संबंधित कागजात सही उपलब्ध करवाने होंगे। अगर ऑनलाइन अपलोड किए गए कागजात में फ्रॉड पाए जाते हैं तो अभिभावकों पर कार्रवाई की जाएगी। दाखिले को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से विज्ञापन भी जारी किया जाएगा।
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स्कूल निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने बताया कि जैसे ही छात्र घर का पता वेबसाइट पर डालेगा, नियमों के अनुसार एक किमी में आने वाले स्कूलों की सूची छात्र की स्क्रीन पर आ जाएगी। इसमें वे अपने पसंद के अनुसार स्कूल का चयन कर सकते हैं। वेबसाइट लगभग 26 दिसंबर तक तैयार कर दाखिला आवेदन शुरू कर दिए जाएंगे। दाखिला ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से मिलेगा। दाखिला पक्के होने की पुष्टि सभी कागजातों के सत्यापन के बाद ही होगी। अभिभावकों को आय प्रमाण पत्र डिप्टी कमिश्नर की ओर से ही बनवाना होगा। आरटीई एक्ट के तहत निजी स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के तहत 25 प्रतिशत छात्रों को दाखिला दिया जाता है, जिसमें उन्हें कक्षा 8 तक की शिक्षा मुफ्त में उपलब्ध करवाई जाती है और इसका देय सरकार की तरफ से होता है।
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स्कूल शिक्षा निदेशक बोले-हर छात्र को बेहतर शिक्षा देना लक्ष्य
स्कूल शिक्षा निदेशक हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़ ने बताया कि हर छात्र को बेहतर शिक्षा सुविधा देना लक्ष्य है। इसके लिए स्कूलों में दाखिले की निष्पक्ष व्यवस्था तैयार करना चाहते हैं जिससे छात्र को दाखलिा संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। बता दें कि कई बार दाखिला प्रक्रिया के दौरान निजी स्कूलों में एंट्री कक्षा के दाखिले में ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के बच्चों को परेशानी आती थी। इसको लेकर कोई निष्पक्ष व्यवस्था नहीं थी। एंट्री कक्षा का दाखिला पूरी तरह ऑनलाइन होगा। इसमें रिहायश से लेकर परिवार की वार्षिक आय से संबंधित कागजात सही उपलब्ध करवाने होंगे। अगर ऑनलाइन अपलोड किए गए कागजात में फ्रॉड पाए जाते हैं तो अभिभावकों पर कार्रवाई की जाएगी। दाखिले को लेकर शिक्षा विभाग की ओर से विज्ञापन भी जारी किया जाएगा।
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