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GMSH 16 की ईवनिंग ओपीडी का हाल: देखिए, रियालिटी चेकअप
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Sat, 07 May 2016 11:51 AM IST
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सेक्टर 16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशलिएटी हास्पिटल (जीएमएसएच) में मरीजों की सहूलियत के लिए शुरू की गई ईवनिंग ओपीडी परेशानी का सबब बनती जा रही है। कभी डाक्टर आते हैं तो कभी नहीं। आते हैं तो आधे घंटे या फिर पौना घंटा देरी से। बेबस मरीजों के सामने इंतजार के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं होता। कुछ मरीज ऐसे होते हैं, जो इंतजार नहीं करते और वापस लौट जाते हैं। इस बारे में मरीजों ने कई बार शिकायत दी, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। शुक्रवार को अमर उजाला ने ईवनिंग ओपीडी की हकीकत जानने के लिए अस्पताल का दौरा किया।
पांच बजे सिर्फ मेडिसिन के डाक्टर पहुंचे
जीएमएसएच 16 की ओपीडी बिल्डिंग में चलने वाली ईवनिंग ओपीडी शाम पांच बजे से शुरू होती है। दूसरे फ्लोर पर कमरा नंबर 201 में आरथोपेडिक्स, 202 में सर्जरी, 203 में मेडिसिन, 221 में पीडियाट्रिक्स व 222 में गायनी की ओपीडी चलती है। शुक्रवार को पांच बजे सिर्फ मेडिसिन ओपीडी के डाक्टर पहुंचे। उनके रूम के सामने मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। रूम दाखिल होने के बाद उन्होंने मरीजों को देखना शुरू कर दिया।
सर्जरी व आरथो के डाक्टर आधा घंटा देरी से पहुंचे
ईवनिंग ओपीडी में सर्जरी व आरथो के डाक्टर आधा-आधा घंटा देरी से पहुंचे। दोनों डाक्टरों के इंतजार में कई मरीज वापस लौट गए। इनमें सर्जरी के मरीजों की हालत काफी खराब थी, लेकिन वे इंतजार के सिवाय कुछ नहीं कर सकते थे। एक मरीज ने बताया कि इससे पहले भी वे दिखाने आए थे तो आरथो के डाक्टर देरी से पहुंचे थे। इसी तरह से गायनी के डाक्टर भी 15 मिनट देरी से पहुंचीं थीं। उनके रूम के सामने मरीजों की भीड़ थी और डाक्टर के आने का इंतजार कर रही थीं। पांच बजकर 15 मिनट पर डाक्टर पहुंचीं और उन्होंने मरीजों को देखना शुरू किया।
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क्या बोले मरीज
मरीजों का कहना है कि जब ओपीडी का समय शाम पांच बजे से है तो डाक्टरों को भी समय पर पहुंचना चाहिए। लेकिन वे समय पर नहीं पहुंचते। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोई मरीज चार बजे से बैठा था कोई साढ़े चार बजे से। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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पांच बजे सिर्फ मेडिसिन के डाक्टर पहुंचे
जीएमएसएच 16 की ओपीडी बिल्डिंग में चलने वाली ईवनिंग ओपीडी शाम पांच बजे से शुरू होती है। दूसरे फ्लोर पर कमरा नंबर 201 में आरथोपेडिक्स, 202 में सर्जरी, 203 में मेडिसिन, 221 में पीडियाट्रिक्स व 222 में गायनी की ओपीडी चलती है। शुक्रवार को पांच बजे सिर्फ मेडिसिन ओपीडी के डाक्टर पहुंचे। उनके रूम के सामने मरीजों की लंबी लाइन लगी थी। रूम दाखिल होने के बाद उन्होंने मरीजों को देखना शुरू कर दिया।
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सर्जरी व आरथो के डाक्टर आधा घंटा देरी से पहुंचे
ईवनिंग ओपीडी में सर्जरी व आरथो के डाक्टर आधा-आधा घंटा देरी से पहुंचे। दोनों डाक्टरों के इंतजार में कई मरीज वापस लौट गए। इनमें सर्जरी के मरीजों की हालत काफी खराब थी, लेकिन वे इंतजार के सिवाय कुछ नहीं कर सकते थे। एक मरीज ने बताया कि इससे पहले भी वे दिखाने आए थे तो आरथो के डाक्टर देरी से पहुंचे थे। इसी तरह से गायनी के डाक्टर भी 15 मिनट देरी से पहुंचीं थीं। उनके रूम के सामने मरीजों की भीड़ थी और डाक्टर के आने का इंतजार कर रही थीं। पांच बजकर 15 मिनट पर डाक्टर पहुंचीं और उन्होंने मरीजों को देखना शुरू किया।
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क्या बोले मरीज
मरीजों का कहना है कि जब ओपीडी का समय शाम पांच बजे से है तो डाक्टरों को भी समय पर पहुंचना चाहिए। लेकिन वे समय पर नहीं पहुंचते। इससे मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोई मरीज चार बजे से बैठा था कोई साढ़े चार बजे से। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले डाक्टरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस मौके पर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट से मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।