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Chandigarh News: 2 हजार कैमरों की निगरानी भी बेअसर... फर्जी नंबर प्लेट की लगी कार घूमती रही चंडीगढ़ में
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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में दो हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद एक फर्जी नंबर प्लेट लगी टैक्सी कार कई दिनों तक शहर की सड़कों पर बेधड़क घूमती रही लेकिन पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। असली कार मालिक के मोबाइल पर लगातार ट्रैफिक चालान के मैसेज आने के बाद मामला सामने आया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मनीमाजरा के आलम (21) और उसके भाई किशोर को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में जमानत पर छोड़ दिया।
भाजपा नेता प्रिंस ने बताया कि उन्होंने 11 दिसंबर 2025 को ऑल्टो कार खरीदी थी। 31 दिसंबर की रात सेक्टर-35 मार्केट के पास उन्होंने एक सेलेरियो कार देखी, जिस पर उनकी ही गाड़ी का नंबर लगा हुआ था। पहले उन्हें लगा कि शायद नजर का धोखा हो लेकिन बेटे से बात करने पर पुष्टि हो गई कि उनकी कार घर पर ही खड़ी थी। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी दोनों भाई हैं। कार तीसरे भाई के नाम पर दर्ज थी।
फास्ट टैग भी कार मालिक के अकाउंट से कटा
पीड़ित प्रिंस को 2 जनवरी 2026 को मोबाइल पर पहला चालान संदेश मिला, जिसमें विकास मार्ग पर रात 10:30 बजे चालान कटने की जानकारी थी जबकि उनकी कार वहां गई ही नहीं थी। इसके बाद 9 जनवरी को सेक्टर-31, फिर 14 जनवरी को सेक्टर-25 और सेक्टर-38 लाइट पॉइंट से चालान जारी हुए जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रिंस ने पुलिस मुख्यालय में लिखित शिकायत दी और डीएसपी सेक्टर-17 से मुलाकात की। जांच में खुलासा हुआ कि उसी फर्जी नंबर प्लेट वाली कार से हिमाचल प्रदेश के बद्दी क्षेत्र में फास्टैग भी कट चुका है।
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ऐसे आए पकड़ में
शिकायत के बाद सेक्टर-17 थाना प्रभारी रोहित कुमार ने टीम गठित की। एएसआई आशीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने देर रात मनीमाजरा से कार समेत एक युवक और किशोर को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक कंपनी से नंबर प्लेट चोरी कर अपनी सेलेरियो कार पर लगा रखी थी। पुलिस के अनुसार समय रहते कार्रवाई न होती तो किसी बड़ी वारदात की आशंका थी। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।
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भाजपा नेता प्रिंस ने बताया कि उन्होंने 11 दिसंबर 2025 को ऑल्टो कार खरीदी थी। 31 दिसंबर की रात सेक्टर-35 मार्केट के पास उन्होंने एक सेलेरियो कार देखी, जिस पर उनकी ही गाड़ी का नंबर लगा हुआ था। पहले उन्हें लगा कि शायद नजर का धोखा हो लेकिन बेटे से बात करने पर पुष्टि हो गई कि उनकी कार घर पर ही खड़ी थी। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपी दोनों भाई हैं। कार तीसरे भाई के नाम पर दर्ज थी।
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फास्ट टैग भी कार मालिक के अकाउंट से कटा
पीड़ित प्रिंस को 2 जनवरी 2026 को मोबाइल पर पहला चालान संदेश मिला, जिसमें विकास मार्ग पर रात 10:30 बजे चालान कटने की जानकारी थी जबकि उनकी कार वहां गई ही नहीं थी। इसके बाद 9 जनवरी को सेक्टर-31, फिर 14 जनवरी को सेक्टर-25 और सेक्टर-38 लाइट पॉइंट से चालान जारी हुए जिससे मामला गंभीर हो गया। प्रिंस ने पुलिस मुख्यालय में लिखित शिकायत दी और डीएसपी सेक्टर-17 से मुलाकात की। जांच में खुलासा हुआ कि उसी फर्जी नंबर प्लेट वाली कार से हिमाचल प्रदेश के बद्दी क्षेत्र में फास्टैग भी कट चुका है।
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ऐसे आए पकड़ में
शिकायत के बाद सेक्टर-17 थाना प्रभारी रोहित कुमार ने टीम गठित की। एएसआई आशीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने देर रात मनीमाजरा से कार समेत एक युवक और किशोर को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक कंपनी से नंबर प्लेट चोरी कर अपनी सेलेरियो कार पर लगा रखी थी। पुलिस के अनुसार समय रहते कार्रवाई न होती तो किसी बड़ी वारदात की आशंका थी। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।