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'मैं खुद पर बोझ बनकर नहीं जीना चाहता, सरकार मदद नहीं दे सकती तो इच्छामृत्यु की इजाजत दे दे'
Mon, 24 Dec 2018 10:28 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हांसी(हिसार)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हांसी(हिसार)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 24 Dec 2018 10:28 AM IST
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मैं समाज में खुद पर बोझ बन कर न जीना चाहता। सरकार मदद नहीं दे सकती तो इच्छामृत्यु की इजाजत दे दे। ये मांग करते हुए देश की एक शख्स ने पत्र लिखा है। मामला हरियाणा में हिसार जिले के हांसी का है। इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले शख्स अजय सैनी का आरोप है कि सीएमओ कार्यालय से आदेश आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा उसका सही ढंग से चेकअप नहीं किया गया।
मात्र औपचारिकता पूरी कर उसे वापस भेज दिया गया। इसलिए उसने 21 सितंबर को सीएम को ट्वीट कर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। इसके बाद 28 सितंबर को उनसे मोबाइल नंबर पूछा गया। सीएमओ कार्यालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उसकी सही से जांच नहीं की तथा न ही अस्पताल में भर्ती किया।
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मात्र औपचारिकता पूरी कर उसे वापस भेज दिया गया। इसलिए उसने 21 सितंबर को सीएम को ट्वीट कर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी थी। इसके बाद 28 सितंबर को उनसे मोबाइल नंबर पूछा गया। सीएमओ कार्यालय के आदेश पर प्रशासन द्वारा उसके स्वास्थ्य की जांच के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन वहां पर चिकित्सकों ने उसकी सही से जांच नहीं की तथा न ही अस्पताल में भर्ती किया।
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कई भयंकर बीमारियों से जूझ रहा हूं
पीड़ित का कहना है कि इस दुनिया में मेरा कोई नहीं है। मेरा भाई-बंधु सभी ने मेरा साथ छोड़ दिया है और मैं कई भयंकर बीमारियों से जूझ रहा हूं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उसका लीवर, हार्ट, दिमाग की नसों व गुर्दे व फेफड़ों की कोई जांच नहीं की गई। अगर प्रशासन सही तरीके से जांच करता तो उसकी लाइलाज बीमारी का उपचार हो सकता था।
उन्होंने कहा कि वह काफी दयनीय अवस्था से कई वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है। पीड़ित का कहना है कि अगर उसका इलाज संभव हो तो इलाज करवा दो, अन्यथा मुझे इच्छा मृत्यु देने की कृपा करें, ताकि मैं समाज में खुद पर बोझ बन कर न जी सकूं।
उन्होंने कहा कि वह काफी दयनीय अवस्था से कई वर्षों से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे है। पीड़ित का कहना है कि अगर उसका इलाज संभव हो तो इलाज करवा दो, अन्यथा मुझे इच्छा मृत्यु देने की कृपा करें, ताकि मैं समाज में खुद पर बोझ बन कर न जी सकूं।