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हरियाणा के हड़ताली रोडवेज यूनियन नेताओं पर लटकी अवमानना की तलवार, दंड के लिए तैयार रहें
Wed, 05 Feb 2020 10:07 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 05 Feb 2020 10:07 AM IST
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सांकेतिक चित्र
हरियाणा के रोडवेज यूनियन नेताओं द्वारा अंडरटेकिंग देने के बावजूद हड़ताल में शामिल होने के चलते न्यायालय की उन पर अवमानना कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कोर्ट ने हरियाणा सरकार से एस्मा के तहत दर्ज मामलों में इन नेताओं की भूमिका से जुड़ी रिपोर्ट तलब कर ली है। हड़ताली रोडवेज कर्मियों के लिए मंगलवार का दिन राहत का तो रोडवेज नेताओं के लिए आफत का साबित हुआ। जहां सरकार ने मंगलवार को परिवहन निदेशक का पत्र सौंपते हुए बताया कि हड़ताल के कारण जिन कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की गई थी उसे वापस लिया जा रहा है।
साथ ही जिन हड़ताली कर्मचारियों के विरुद्घ एस्मा के तहत कार्रवाई चल रही है उसे वापस लेने के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जो कर्मचारी हड़ताल के दिनों में अनुपस्थित थे उनको सशर्त देय अवकाश में बदला जा रहा है। हड़ताल में शामिल 92 कर्मचारी जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं वे भी वापस लिए जा रहे हैं। इस पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। इससे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर तो आई लेकिन तभी अवमानना याचिका को कोर्ट के समक्ष रखा गया।
कोर्ट को बताया गया कि रोडवेज यूनियन नेेताओं ने हाईकोर्ट में हड़ताल पर न जाने की अंडरटेकिंग दी थी फिर भी हड़ताल पर चले गए थे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अंडरटेकिंग देकर इसके खिलाफ जाने वाले रोडवेज नेताओं को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट ने इसे हाईकोर्ट की अवमानना बताते हुए सभी रोडवेज नेताओं से जवाब तलब कर लिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार से एस्मा के तहत दर्ज इन नेताओं के मामले में हुई जांच की रिपोर्ट तलब कर ली है।
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कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वह बताएं कि क्या रोडवेज यूनियन नेताओं ने अंडरटेकिंग देकर इसके खिलाफ कार्य किया है या नहीं। वहीं रोडवेज नेताओं से अवमानना याचिका पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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साथ ही जिन हड़ताली कर्मचारियों के विरुद्घ एस्मा के तहत कार्रवाई चल रही है उसे वापस लेने के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। जो कर्मचारी हड़ताल के दिनों में अनुपस्थित थे उनको सशर्त देय अवकाश में बदला जा रहा है। हड़ताल में शामिल 92 कर्मचारी जिनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं वे भी वापस लिए जा रहे हैं। इस पर हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निपटारा कर दिया। इससे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर तो आई लेकिन तभी अवमानना याचिका को कोर्ट के समक्ष रखा गया।
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कोर्ट को बताया गया कि रोडवेज यूनियन नेेताओं ने हाईकोर्ट में हड़ताल पर न जाने की अंडरटेकिंग दी थी फिर भी हड़ताल पर चले गए थे। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि अंडरटेकिंग देकर इसके खिलाफ जाने वाले रोडवेज नेताओं को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कोर्ट ने इसे हाईकोर्ट की अवमानना बताते हुए सभी रोडवेज नेताओं से जवाब तलब कर लिया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार से एस्मा के तहत दर्ज इन नेताओं के मामले में हुई जांच की रिपोर्ट तलब कर ली है।
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कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वह बताएं कि क्या रोडवेज यूनियन नेताओं ने अंडरटेकिंग देकर इसके खिलाफ कार्य किया है या नहीं। वहीं रोडवेज नेताओं से अवमानना याचिका पर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।