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समाज में लैंगिक भेदभाव खत्म हो : प्रो. निष्ठा
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चंडीगढ़। सेक्टर-36 स्थित एमसीएम डीएवी कॉलेज फॉर वुमन की मेडिकल कमेटी और एनएसएस यूनिट्स की ओर से अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया गया। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए), चंडीगढ़ स्टेट ब्रांच और इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ डेंटिस्टर्स के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में एमसीएम की पूर्व छात्रा और हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी शिमला की वाइस चांसलर प्रो. निष्ठा जसवाल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहीं। इसके साथ ही प्रो. आशिमा गोयल, डिपार्टमेंट ऑफ पेडोडोंटिक्स एंड प्रिवेंटिव डेंटिस्ट्री, पीजीआई, चंडीगढ बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रही। इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए), चंडीगढ़ राज्य शाखा के निदेशक डॉ. आरपी गुप्ता विशेष अतिथि के रूप में सुशोभित थे ।
प्रो. निष्ठा जसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं सशक्त पैदा होती हैं। यह समाज में महिलाओं के प्रति हीन मानसिकता ही उन पर अन्याय और लैंगिक भेदभाव का असली कारण है। प्रो. जसवाल ने कहा कि अब समय बदल रहा है और अधिक से अधिक महिलाएं बाहर निकल कर कई क्षेत्रों में नाम कमा रही हैं। लेकिन अभी भी एक एक समानतापूर्ण समाज के लिए लंबा रास्ता तय करना है। इस अवसर प्रो. आशिमा गोयल ने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसलिए महिलाओं को शिक्षित करना अतिआवश्यक है। डॉ. आरपी गुप्ता ने अपने संबोधन में उन महिलाओं की शक्ति को सलाम किया। जिन्होंने लैंगिक असमानता को सहन किया और समानता के लिए संघर्ष किया ।
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प्रो. निष्ठा जसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं सशक्त पैदा होती हैं। यह समाज में महिलाओं के प्रति हीन मानसिकता ही उन पर अन्याय और लैंगिक भेदभाव का असली कारण है। प्रो. जसवाल ने कहा कि अब समय बदल रहा है और अधिक से अधिक महिलाएं बाहर निकल कर कई क्षेत्रों में नाम कमा रही हैं। लेकिन अभी भी एक एक समानतापूर्ण समाज के लिए लंबा रास्ता तय करना है। इस अवसर प्रो. आशिमा गोयल ने कहा कि शिक्षा सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है। इसलिए महिलाओं को शिक्षित करना अतिआवश्यक है। डॉ. आरपी गुप्ता ने अपने संबोधन में उन महिलाओं की शक्ति को सलाम किया। जिन्होंने लैंगिक असमानता को सहन किया और समानता के लिए संघर्ष किया ।
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