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Chandigarh News: पंजाब-दिल्ली में ओपीएस बहाली न होने पर आप के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे कर्मचारी
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पंजाब के मुलाजिम दो अक्तूबर को अंबाला में करेंगे रैली
चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने आम आदमी पार्टी से सवाल किया कि वायदे के बावजूद पंजाब व दिल्ली में अभी तक पुरानी पेंशन बहाली व ठेका संविदा कर्मियों को पक्का क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली व आउटसोर्स ठेका संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद किसी भी वायदे पर अमल नहीं किया गया। ऐसे में पंजाब के मुलाजिमों में भारी आक्रोश है।
आक्रोशित पंजाब के मुलाजिम और पेंशनर्स का सांझा मोर्चा दो अक्तूबर को अंबाला में आक्रोश मार्च निकाल कर आम आदमी पार्टी और भाजपा के झूठे वादों के खिलाफ रोष जताएंगे। लांबा ने कहा कि एक दशक से ज्यादा समय से दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी की सरकार सत्तासीन है, लेकिन वहां भी न तो ओपीएस लागू हुई और न ही आउटसोर्स ठेका कर्मियों को नियमित किया गया।
उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली, आठवें पे कमीशन का गठन और कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के 18 महीने के बकाया डीए, डीआर का भुगतान न करने के ऐलान ने जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। इसे कर्मचारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और समय पर इसका माकूल जवाब देंगे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली व आउटसोर्स, ठेका संविदा कर्मियों को नियमित करने व पेंशनर्स की 65-70-75 व 80 साल की उम्र में बेसिक पेंशन में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी करने के वादे को सकारात्मक कदम बताया है।
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चंडीगढ़। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने आम आदमी पार्टी से सवाल किया कि वायदे के बावजूद पंजाब व दिल्ली में अभी तक पुरानी पेंशन बहाली व ठेका संविदा कर्मियों को पक्का क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन बहाली व आउटसोर्स ठेका संविदा कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद किसी भी वायदे पर अमल नहीं किया गया। ऐसे में पंजाब के मुलाजिमों में भारी आक्रोश है।
आक्रोशित पंजाब के मुलाजिम और पेंशनर्स का सांझा मोर्चा दो अक्तूबर को अंबाला में आक्रोश मार्च निकाल कर आम आदमी पार्टी और भाजपा के झूठे वादों के खिलाफ रोष जताएंगे। लांबा ने कहा कि एक दशक से ज्यादा समय से दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी की सरकार सत्तासीन है, लेकिन वहां भी न तो ओपीएस लागू हुई और न ही आउटसोर्स ठेका कर्मियों को नियमित किया गया।
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उन्होंने कहा कि केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार ने पुरानी पेंशन बहाली, आठवें पे कमीशन का गठन और कर्मचारियों एवं पेंशनर्स के 18 महीने के बकाया डीए, डीआर का भुगतान न करने के ऐलान ने जले पर नमक छिड़कने का काम किया है। इसे कर्मचारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे और समय पर इसका माकूल जवाब देंगे। उन्होंने कांग्रेस पार्टी की ओर से जारी घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली व आउटसोर्स, ठेका संविदा कर्मियों को नियमित करने व पेंशनर्स की 65-70-75 व 80 साल की उम्र में बेसिक पेंशन में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी करने के वादे को सकारात्मक कदम बताया है।
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