फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Employees and their demands are not on the government's agenda: Subhash Lamba

कर्मचारी और उनकी मांगें सरकार के एजेंडे में नहीं : सुभाष लांबा

Sun, 25 Feb 2024 07:26 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 25 Feb 2024 07:26 PM IST
विज्ञापन
Employees and their demands are not on the government's agenda: Subhash Lamba
चंडीगढ़। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कर्मचारियों की प्रमुख मांग पुरानी पेंशन बहाली, ठेका कर्मियों को नियमित करने, 18 महीने के बकाया डीए डीआर का भुगतान, एचआरए के स्लैब में बदलाव आदि की उपेक्षा करने से कर्मचारी और पेंशनर्स वर्ग में भारी नाराजगी है। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुभाष लांबा ने कहा कि बजट में कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी से ऐसा लगता है कि कर्मचारी और उनकी मांगें सरकार के एजेंडे में ही नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के लाखों पेंशनर्स की क्रमशः 65, 70, 75 साल की उम्र में बेसिक पेंशन में पांच प्रतिशत बढ़ोतरी करने और कम्यूटेशन राशि की रिकवरी 15 की बजाय 10 साल में करने की मांग को भी नजरंदाज कर दिया, जबकि रिटायर्ड कर्मचारी संघ हरियाणा व अन्य संगठन इस मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से निरंतर ठेका कर्मियों को रेगुलर करने की पाॅलिसी बनाने के निर्देश के बावजूद इस मांग पर एक शब्द नहीं कहा गया। पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को भी नजरंदाज कर दिया, जबकि सरकार ने आंदोलन के दबाव में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कमेटी का गठन किया हुआ है। इससे लगता है कि वह कमेटी भी केवल आंदोलन को शांत करने के लिए ही गठित की हुई है। उन्होंने कहा कि जनवरी 2024 से एचआरए 50 प्रतिशत होने जा रहा है। लेकिन केंद्र सरकार की तर्ज पर एचआरए के स्लैब को 8-16-24 को बदलकर 10-20-30 प्रतिशत करने की मांग पर एक शब्द भी नहीं कहा गया और न ही सरकार ने 25 प्रतिशत एचआरए होने पर एचआरए स्लैब में बदलाव कर अभी 9-18-27 किया है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं बजट में कोविड 19 में फ्रीज किए गए 18 महीने के डीए-डीआर को रिलीज करने की मांग पर भी चुप रही, जबकि सरकार के खजाने में रिकॉर्ड जीएसटी कलेक्शन जमा हो रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के विरोध के बावजूद गठित किए गए हरियाणा कौशल रोजगार निगम में कार्यरत ठेका कर्मियों को समान काम-समान वेतन व सेवा सुरक्षा प्रदान करने की मांग पर भी बजट में कुछ नहीं किया गया है। कौशल रोजगार निगम के तहत वेतन बहुत कम होने के बावजूद दूर दराज के जिलों में पोस्टिंग दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed