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हाईकोर्ट का फैसला: वार्षिक वेतन वृद्धि से ठीक पहले रिटायर होने वाला कर्मचारी भी उसका हकदार, हरियाणा का मामला
Wed, 17 Jul 2024 05:50 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jul 2024 05:50 AM IST
सार
सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को हर साल एक जुलाई और 1 जनवरी को वार्षिक वेतन वृद्धि देती है। यदि कोई व्यक्ति 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होता है, तो छह महीने की अवधि के लिए अर्जित वेतन वृद्धि के लिए अपात्र हो जाता है। इसी के खिलाफ रिटायर कर्मचारी हाईकोर्ट पहुंचे थे।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के हक में फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी सेवा अंतिम वर्ष पूरा होने पर लेकिन वार्षिक वेतन वृद्धि से पहले रिटायर होता है तो वह वार्षिक वेतन वृद्धि का हकदार होगा।
हरियाणा सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हरियाणा सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2008 के नियम 10 को चुनौती दी थी। याचिका में बताया गया कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को हर साल एक जुलाई और 1 जनवरी को वार्षिक वेतन वृद्धि देती है। यदि कोई व्यक्ति 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होता है, तो वह 30 जून या 31 दिसंबर से पहले छह महीने की अवधि के लिए अर्जित वेतन वृद्धि के लिए अपात्र हो जाता है।
हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, एक जुलाई या 31 दिसंबर से पहले सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी भी वेतन वृद्धि के पात्र होंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि हम नियम 10 को इस तरह से पढ़ते हैं कि किसी कर्मचारी को उसकी सेवा के अंतिम दिन एक वार्षिक वेतन वृद्धि मिलेगी, जो उसके द्वारा सेवानिवृत्ति की तिथि से पिछले एक वर्ष में अच्छे व्यवहार और दक्षता के साथ की गई सेवाओं के लिए होगी। नियम 10 में उल्लिखित वार्षिक वेतन वृद्धि की एक समान तिथि का अर्थ 1 जुलाई और 1 जनवरी को वर्ष पूरा माना जाता है।
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इस मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील संदीप गोयत ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील देते हुए कहा था कि यह नियम संविधान के विरुद्ध है क्योंकि यह किसी कर्मचारी को उसकी सेवा पूरी होने पर एक वेतन वृद्धि के लिए उपलब्ध अधिकार को इस आधार पर छीनना चाहता है कि वेतन वृद्धि केवल 1 जुलाई या 1 दिसंबर से प्रभावी होगी। इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति 30 जून को सेवानिवृत्त होता है, तो वह उस वेतन वृद्धि के लिए अपात्र हो जाता है जो उसने 30 जून से पहले छह महीने की अवधि के लिए अर्जित की है।
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हरियाणा सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने हरियाणा सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2008 के नियम 10 को चुनौती दी थी। याचिका में बताया गया कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को हर साल एक जुलाई और 1 जनवरी को वार्षिक वेतन वृद्धि देती है। यदि कोई व्यक्ति 30 जून या 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होता है, तो वह 30 जून या 31 दिसंबर से पहले छह महीने की अवधि के लिए अर्जित वेतन वृद्धि के लिए अपात्र हो जाता है।
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हाई कोर्ट के आदेश के अनुसार, एक जुलाई या 31 दिसंबर से पहले सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी भी वेतन वृद्धि के पात्र होंगे। हाईकोर्ट ने कहा कि हम नियम 10 को इस तरह से पढ़ते हैं कि किसी कर्मचारी को उसकी सेवा के अंतिम दिन एक वार्षिक वेतन वृद्धि मिलेगी, जो उसके द्वारा सेवानिवृत्ति की तिथि से पिछले एक वर्ष में अच्छे व्यवहार और दक्षता के साथ की गई सेवाओं के लिए होगी। नियम 10 में उल्लिखित वार्षिक वेतन वृद्धि की एक समान तिथि का अर्थ 1 जुलाई और 1 जनवरी को वर्ष पूरा माना जाता है।
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इस मामले में याचिकाकर्ताओं के वकील संदीप गोयत ने उच्च न्यायालय के समक्ष दलील देते हुए कहा था कि यह नियम संविधान के विरुद्ध है क्योंकि यह किसी कर्मचारी को उसकी सेवा पूरी होने पर एक वेतन वृद्धि के लिए उपलब्ध अधिकार को इस आधार पर छीनना चाहता है कि वेतन वृद्धि केवल 1 जुलाई या 1 दिसंबर से प्रभावी होगी। इस प्रकार, यदि कोई व्यक्ति 30 जून को सेवानिवृत्त होता है, तो वह उस वेतन वृद्धि के लिए अपात्र हो जाता है जो उसने 30 जून से पहले छह महीने की अवधि के लिए अर्जित की है।