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Chandigarh News: एक जनवरी से यमुनानगर, पानीपत में दौड़ सकती हैं इलेक्ट्रिक बसें
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सिटी बस सर्विस के तहत होंगी शुरू, नौ शहरों में शुरू की जानी है योजना
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नौ शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक शहर को 50 इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी। परिवहन विभाग ने दावा किया है कि सब कुछ ठीक रहा तो एक जनवरी से यमुनानगर, पानीपत में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। उसके बाद यह बसें रेवाड़ी, रोहतक, करनाल, हिसार, अंबाला, सोनीपत और कुरुक्षेत्र में चलेंगी। यह बसें सिटी सर्विस की तरह चलेंगी। इसके लिए सरकार ने सिटी बस सेवा लिमिटेड काॅर्पोरेशन भी बनाया है। हरियाणा परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि 375 इलेक्ट्रिक एसी बसों की खरीद की मंजूरी मिल चुकी है। चयनित शहरों में अगले सात महीने में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। इन बसों को चलाने के लिए डिपो भी विशेष तौर पर विकसित हो रहे हैं। इसके लिए 115 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं। इससे इलेक्ट्रिक चार्जिंग सेंटर बनाए जाएंगे।
सस्ता होगा सफर, प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
इलेक्ट्रिक बसों के आने से सफर सस्ता होगा। यह इलेक्ट्रिक बसें शहर में ऑटो की तर्ज पर चलेंगी। इनका न्यूनतम किराया दस रुपये होगा। वहीं, प्रदूषण पर भी काफी हद तक लगाम कसी जाएगी। अभी कुछ शहरों में रोडवेज की बसें चलती हैं। इनसे काफी प्रदूषण फैलता है। यदि यह बसें नियमित चलीं और उनकी फ्रिक्वेंसी ठीक रही तो लोग अपने वाहनों के बजाय इन बसों का इस्तेमाल करेंगे। यह बसें 12 मीटर तक लंबी होंगी। एक बस में 40 से 55 सवारी बैठ सकेंगी, बसें पूरी तरह से एयरकंडीशन होंगी। सूत्रों ने बताया कि जल्द ही इन बसों के रूट भी तय कर दिए जाएंगे। बताया कि ये बसें शहर के साथ लगते ग्रामीण इलाकों को भी कवर करेंगे।
एक दिन 200 किलोमीटर तक चलेगी
यह इलेक्ट्रिक बसें चार्ज होने के बाद 150 से 200 किलोमीटर तक चलेंगी। रात भर इन्हें चार्ज किया जाएगा। उसके बाद सुबह इन बसों को सड़कों पर दौड़ाया जाएगा। इन बसों का संचालन निजी कंपनी करेगी। हरियाणा रोडवेज की ओर से उन्हें प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसा दिया जाएगा। ड्राइवर कंपनी के होंगे, जबकि कंडक्टर हरियाणा रोडवेज के होंगे।
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चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने नौ शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रत्येक शहर को 50 इलेक्ट्रिक बसें दी जाएंगी। परिवहन विभाग ने दावा किया है कि सब कुछ ठीक रहा तो एक जनवरी से यमुनानगर, पानीपत में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। उसके बाद यह बसें रेवाड़ी, रोहतक, करनाल, हिसार, अंबाला, सोनीपत और कुरुक्षेत्र में चलेंगी। यह बसें सिटी सर्विस की तरह चलेंगी। इसके लिए सरकार ने सिटी बस सेवा लिमिटेड काॅर्पोरेशन भी बनाया है। हरियाणा परिवहन विभाग के प्रधान सचिव नवदीप सिंह विर्क ने बताया कि 375 इलेक्ट्रिक एसी बसों की खरीद की मंजूरी मिल चुकी है। चयनित शहरों में अगले सात महीने में इलेक्ट्रिक बसें दौड़ने लगेंगी। इन बसों को चलाने के लिए डिपो भी विशेष तौर पर विकसित हो रहे हैं। इसके लिए 115 करोड़ रुपये भी जारी हो चुके हैं। इससे इलेक्ट्रिक चार्जिंग सेंटर बनाए जाएंगे।
सस्ता होगा सफर, प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
इलेक्ट्रिक बसों के आने से सफर सस्ता होगा। यह इलेक्ट्रिक बसें शहर में ऑटो की तर्ज पर चलेंगी। इनका न्यूनतम किराया दस रुपये होगा। वहीं, प्रदूषण पर भी काफी हद तक लगाम कसी जाएगी। अभी कुछ शहरों में रोडवेज की बसें चलती हैं। इनसे काफी प्रदूषण फैलता है। यदि यह बसें नियमित चलीं और उनकी फ्रिक्वेंसी ठीक रही तो लोग अपने वाहनों के बजाय इन बसों का इस्तेमाल करेंगे। यह बसें 12 मीटर तक लंबी होंगी। एक बस में 40 से 55 सवारी बैठ सकेंगी, बसें पूरी तरह से एयरकंडीशन होंगी। सूत्रों ने बताया कि जल्द ही इन बसों के रूट भी तय कर दिए जाएंगे। बताया कि ये बसें शहर के साथ लगते ग्रामीण इलाकों को भी कवर करेंगे।
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एक दिन 200 किलोमीटर तक चलेगी
यह इलेक्ट्रिक बसें चार्ज होने के बाद 150 से 200 किलोमीटर तक चलेंगी। रात भर इन्हें चार्ज किया जाएगा। उसके बाद सुबह इन बसों को सड़कों पर दौड़ाया जाएगा। इन बसों का संचालन निजी कंपनी करेगी। हरियाणा रोडवेज की ओर से उन्हें प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसा दिया जाएगा। ड्राइवर कंपनी के होंगे, जबकि कंडक्टर हरियाणा रोडवेज के होंगे।
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