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हरियाणा विस चुनावः सुभाष सुधा की सुध लेने में इतनी देर क्यों की, पूछ रहा विधायक समर्थक गुट

Sun, 15 Sep 2019 04:09 PM IST
ajay kumar राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)
राजेश शांडिल्य, अमर उजाला, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Sun, 15 Sep 2019 04:09 PM IST
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Election, Groupism In Kurukshetra BJP, Haryana Assembly Elections 2019
थानेसर विधायक सुभाष सुधा - फोटो : अमर उजाला

विधायक सुभाष सुधा के खिलाफ 11 गंभीर आरोपों का कच्चा चिट्ठा तैयार कर चुनाव से ऐन पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारियों ने आलाकमान और संघ के प्रमुख नेताओं को भेजा है। लिखित में भेजे गए इस आरोप पत्र पर पार्टी आलाकमान और संघ के प्रमुख नेता क्या एक्शन लेते हैं, इसका असर तो अगले दिनों में ही ज्ञात होगा।

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बहरहाल थानेसर के विधायक सुभाष सुधा इस बात से आश्वस्त हैं कि भाजपा का टिकट न केवल उनकी झोली में है, बल्कि बड़े अंतर से जीत भी सुरक्षित है। सवाल उठना भी लाजिमी है कि ऐन चुनाव से पहले ऐसा क्या हुआ, जो लोग अब तक स्थानीय भाजपा विधायक सुभाष सुधा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मंचों पर दिखते थे, वो अचानक मुखर कैसे हो गये। भाजपा का ही एक धड़ा इसे विधायक से खफा एक गुट की साजिश करार दे रहा है। 
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इनका कहना है कि विधायक सुभाष सुधा ने थानेसर में जितना विकास कराया, उससे पहले इतना विकास कभी नहीं हुआ। आरोपों का कच्चा चिट्ठा भेजने वालों पर आरोप यह भी लग रहे हैं कि पूरे पांच साल तक वे चुप्पी क्यों साधे रहे? यदि भाजपा विधायक में कमियां थीं और वे कुछ गलत कर रहे थे तो ऐसी लिखित शिकायतें पिछले पांच साल में क्यों नहीं दी गई? विधायक समर्थक गुट बोला आरोपों का कच्चा चिट्ठा तो एक बहाना है, असल टारगेट तो सुधा की छवि खराब कर टिकट पाना है। 

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बता दें कि चार पन्नों का यह हस्ताक्षर के साथ आरोप पत्र भाजपा आलाकमान, पार्टी संगठन मंत्री और आरएसएस के प्रांत प्रचारक को भेजा जा चुका है। इस पत्र को भेजे जाने की पुष्टि भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मवीर मिर्जापुर सहित अन्य उन नेताओं ने की है, जिनके हस्ताक्षर इस पत्र पर हैं।  उधर, विधायक सुभाष सुधा ने आरोपों को निराधार बताया।

 उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र विकास और संगठन को मजबूत करने में उन्होंने हर संभव प्रयास किया। लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा जीत थानेसर विधानसभा क्षेत्र से हुई थी। अगर जिलाध्यक्ष को भाजपा का टिकट मांगना था तो ऐसा तरीका नहीं अपनाना चाहिए था। भाजपा के जिला महामंत्री और भाजपा थानेसर के हलका प्रभारी रविंद्र सांगवान ने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद को जमीन दी गई है, वो सरकार ने और संस्थाओं को भी दी है। ऐसे में विधायक द्वारा उनका और संस्था का गलत प्रचार क्यों करेंगे। 

यह लगाए आरोप

  • थानेसर विधायक सुभाष सुधा द्वारा पार्टी की परंपरा के विरुद्ध किये गये क्रियाकलापों और कार्यकर्ताओं के साथ किये गये दुर्व्यवहार का जिक्र है।
  • 2017 में केडीबी ने जो जमीन गीता ज्ञान संस्थान को दी थी, उसका समाज में विधायक ने गलत प्रचार किया।
  • कुरुक्षेत्र में मुस्लिम गतिविधियों को बढ़ावा देने, दर्राखेड़ा और मसीता हाउस में मस्जिद बनवाने, लव-जिहाद जैसे मुद्दों पर मुस्लिमों का सहयोग करने और विहिप कार्यकर्ताओं को धमकाने के आरोप।
  •  सीएम की जन आशीर्वाद यात्रा में गांव हथीरा में भीड़ जुटाने के लिए लड़कियों का अश्लील नृत्य कराया, जिससे पार्टी की छवि धूमिल हुई।
  • पीएम द्वारा दिया गया संदेश सबका साथ सबका विकास सबका के संदेश चोट पहुंचाते हुए अनुसूचित समाज की बस्तियों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की घोषित ग्रांटों को अपने प्रभाव से रुकवाया।। 
  • थानेसर विधानसभा में जो भी विकास कार्य चल रहे हैं, उनको करने वाले ठेकेदार विधायक के अपने निजी मित्र व रिश्तेदार हैं। थानेसर के सभी ठेके ऑनलाइन व्यवस्था में हेरफेर करके इन्हीं को प्रदान किए जा रहे हैं।
  • संगठन के पुराने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को दोहन करते हुए उन्हें किसी भी कार्यक्रम में शामिल नहीं किया जाता। संगठन खत्म होने के कगार पर है।

  • नगर परिषद के चुनाव में भाजपा के किसी भी कार्यकर्ता को टिकट नहीं लेने दिया। मार्केट कमेटी के चेयरमैन की नियुक्ति संगठन को नजरअंदाज करके की गई।
  • विधायक सुधा पार्टी व सरकारी कार्यक्रमों में अपने ही परिवार के सदस्य,पत्नी नप चेयरमैन उमा सुधा, बेटा साहिल सुधा, पार्षद भाई मुकुंद सुधा, भाई रमेश सुधा, भतीजा प्रतीक सुधा को आगे रखते हैं।
  • विधायक ने अंबेडकर चौक के सामने वक्फ बोर्ड की जमीन पर नाजायज कब्जा करते हुए अपनी पत्नी से गलत नक्शा पास कराकर अपने गुर्गो की दुकानें बनवा दी और अपने नजदीकी लोगों को वितरीत की हैं और शहर में जितनी भी जमीनें खाली पड़ी थीं, उन पर अवैध कब्जे भी किये हुए हैं, विधायक कहते हैं कि मैं मुख्यमंत्री के सबसे नजदीक हूं मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इससे ईमानदार सीएम की बदनामी हो रही है।
  • नगर परिषद में डंपरों की खरीद में घोटाला हुआ है। 
  • विधायक ने नगर परिषद के चुनावों में किसी भी भाजपा कार्यकर्ता को टिकट नहीं लेने दिया, बल्कि जो तीन एमसी मनोनित किये हैं और मार्केट कमेटी का चेयरमैन सुरेश सैनी को बनाया है, वो संगठन को नजरंदाज करके बनाया है। 
  • पूरे हलके में स्ट्रीट लाइटों की खरीद में भारी गड़बड़ हुई है,जोकि लगातार अखबारों की सुर्खियां बनती रहती हैं, जिससे सरकार की छवि खराब हुई है।
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