{"_id":"5a50b7414f1c1b5c0c8b6ff7","slug":"ed-summons-to-rana-gurjit-s-son","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मंत्री राणा गुरजीत के बेटे को ED का नोटिस, अवैध ढंग से ट्रांजेक्शन की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्री राणा गुरजीत के बेटे को ED का नोटिस, अवैध ढंग से ट्रांजेक्शन की आशंका
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Sun, 07 Jan 2018 09:30 AM IST
विज्ञापन
Rana Gurjeet Singh
- फोटो : File Photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के बिजली मंत्री राणा गुरजीत सिंह अब एक नए विवाद में फंस गए हैं। उनके बेटे राणा इंद्र प्रताप सिंह पर आरोप है कि उन्होंने बिना इजाजत विदेशों में ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट (जीडीआर) के माध्यम से करीब 18 मिलियन डॉलर जुटाए और फिर उसे मदिरा आईलैंड, पुर्तगाल के एक बैंक में जमाकर इस राशि को भारत में अपनी कंपनी राणा शुगर्स लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर किया। ईडी ने मंत्री के बेटे को राडार पर लिया है। उसे 17 जनवरी को सम्मन कर बुलाया गया है।
प्रवर्तन निदेशालय ने राणा इंद्र प्रताप सिंह को नोटिस भेजकर 17 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए कहा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय को शंका है कि राणा गुरजीत सिंह के बेटे राणा इंद्र प्रताप सिंह ने विदेशों में कंपनी के शेयर बेचकर गैर कानूनी तरीके से पैसा एकत्र किया। 1992 में राणा गुरजीत सिंह द्वारा स्थापित राणा शुगर्स लिमिटेड नाम की कंपनी के नाम पर इकट्ठा किया गया, जिसका मुख्यालय चंडीगढ़ में है। राणा गुरजीत सिंह के बेटे इंद्र प्रताप इस कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं।
सूत्रों के मुताबिक राणा इंदर प्रताप सिंह ने फेमा का उल्लंघन कर न केवल अवैध तरीके से पैसा जुटाया, बल्कि विदेशी निवेशकों के जरिये विदेशी बैंकों से उठाए कर्ज की गारंटी भी दी। राणा शुगर लिमिटेड ने भारतीय रिजर्व बैंक को इस राशि के बारे में कोई सूचना नहीं दी। जबकि फेमा नियमों के तहत रिजर्व बैंक को विदेशों में जुटाए धन की जानकारी देना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रवर्तन निदेशालय ने राणा इंद्र प्रताप सिंह को नोटिस भेजकर 17 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने के लिए कहा है। सूत्रों के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय को शंका है कि राणा गुरजीत सिंह के बेटे राणा इंद्र प्रताप सिंह ने विदेशों में कंपनी के शेयर बेचकर गैर कानूनी तरीके से पैसा एकत्र किया। 1992 में राणा गुरजीत सिंह द्वारा स्थापित राणा शुगर्स लिमिटेड नाम की कंपनी के नाम पर इकट्ठा किया गया, जिसका मुख्यालय चंडीगढ़ में है। राणा गुरजीत सिंह के बेटे इंद्र प्रताप इस कंपनी के प्रबंध निदेशक हैं।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक राणा इंदर प्रताप सिंह ने फेमा का उल्लंघन कर न केवल अवैध तरीके से पैसा जुटाया, बल्कि विदेशी निवेशकों के जरिये विदेशी बैंकों से उठाए कर्ज की गारंटी भी दी। राणा शुगर लिमिटेड ने भारतीय रिजर्व बैंक को इस राशि के बारे में कोई सूचना नहीं दी। जबकि फेमा नियमों के तहत रिजर्व बैंक को विदेशों में जुटाए धन की जानकारी देना जरूरी है।
विज्ञापन
हमने कोई कानून नहीं तोड़ा : इंद्र प्रताप सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर
सूत्रों के मुताबिक ईडी के ध्यान में यह गड़बड़झाला सेबी द्वारा लाया गया है। क्योंकि राणा की कंपनी ने सेबी को भी 17 मिलियन डालर जुटाने की सूचना नहीं दी थी। राणा शुगर्स लिमिटेड ने डिपार्टमेंट ऑफ इकनोमिक अफेयर्स द्वारा 19 जनवरी 2000 को जारी निर्देशों का हवाला देते हुए प्रवर्तन निदेशालय के आरोपों को खारिज किया है।
उन्होंने कहा है कि नियमों के तहत ही विदेशों से पैसा जुटाया है। प्रवर्तन निदेशालय राणा शुगर्स लिमिटेड के जवाब से संतुष्ट नहीं है। राणा शुगर्स ने साल 2005-06 से 2007-08 की ऑडिट बैलेंस शीट की कापियों समेत कंपनी की तरफ से जारी जीडीआर की जानकारी जुटाई थी। लेकिन ईडी ने असंतुष्टि जाहिर करते हुए 2 जनवरी को इंद्र प्रताप सिंह को सम्मन जारी किए हैं।
नोटिस के आधार पर राणा शुगर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राणा इंद्र प्रताप सिंह को व्यक्तिगत रूप से 17 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय में हाजिर होने के लिए कहा है। राणा गुरजीत सिंह के बेटे को ईडी की ओर से सम्मन जारी करने की घटना के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है।
हमने कोई कानून नहीं तोड़ा : इंद्र प्रताप सिंह
मंत्री के बेटे इंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हमने कोई कानून नहीं तोड़ा। आरबीआई और ईडी की तरफ से मांगी सारी जानकारी उन्हें मुहैया करा दी गई है। ईडी ने मुझसे निजी तौर पर कोई अधिक जानकारी नहीं मांगी। वैसे उन्होंने कहा कि यह सारी गड़बड़ी कंपनी के खातों का प्रबंध देखने वाले लोगों कारण हुई है।
उन्होंने कहा है कि नियमों के तहत ही विदेशों से पैसा जुटाया है। प्रवर्तन निदेशालय राणा शुगर्स लिमिटेड के जवाब से संतुष्ट नहीं है। राणा शुगर्स ने साल 2005-06 से 2007-08 की ऑडिट बैलेंस शीट की कापियों समेत कंपनी की तरफ से जारी जीडीआर की जानकारी जुटाई थी। लेकिन ईडी ने असंतुष्टि जाहिर करते हुए 2 जनवरी को इंद्र प्रताप सिंह को सम्मन जारी किए हैं।
नोटिस के आधार पर राणा शुगर्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राणा इंद्र प्रताप सिंह को व्यक्तिगत रूप से 17 जनवरी को प्रवर्तन निदेशालय में हाजिर होने के लिए कहा है। राणा गुरजीत सिंह के बेटे को ईडी की ओर से सम्मन जारी करने की घटना के बाद सूबे की राजनीति गरमा गई है।
हमने कोई कानून नहीं तोड़ा : इंद्र प्रताप सिंह
मंत्री के बेटे इंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हमने कोई कानून नहीं तोड़ा। आरबीआई और ईडी की तरफ से मांगी सारी जानकारी उन्हें मुहैया करा दी गई है। ईडी ने मुझसे निजी तौर पर कोई अधिक जानकारी नहीं मांगी। वैसे उन्होंने कहा कि यह सारी गड़बड़ी कंपनी के खातों का प्रबंध देखने वाले लोगों कारण हुई है।