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Chandigarh News: बाजवा डेवलपर्स के ठिकानों पर ईडी का छापा, तीन लग्जरी गाड़ियां जब्त
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चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को बाजवा डेवलपर्स के मालिक जरनैल सिंह बाजवा के मोहाली के सेक्टर-71 स्थित आवास, खरड़ कार्यालय और अन्य ठिकानों पर मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छापा मारा। इस दौरान ईडी ने बाजवा की तीन लग्जरी गाड़ियां पोर्श, बीएमडब्ल्यू और फोर्ड एंडेवर जब्त कर लीं। इसके साथ कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिए। सूत्रों के अनुसार, यह छापा देर रात तक जारी रहा।
जांच में सामने आया है कि जरनैल सिंह बाजवा की कंपनी ने ग्राहकों से फ्लैट और प्लॉट दिलाने के नाम पर 600 करोड़ से अधिक की अग्रिम राशि वसूल की, जिसका उपयोग परियोजनाओं के निर्माण में नहीं किया गया। कंपनी पर आरोप है कि उसने बड़ी मात्रा में नकद भुगतान स्वीकार किए, लेकिन उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं दिखाया। पिछले पांच वर्षों से कंपनी का कोई ऑडिट नहीं हुआ है, जिससे पारदर्शिता की कमी और रिकॉर्ड में हेरफेर का संदेह गहरा गया है।
ईडी की जांच में हुए खुलासे
ईडी सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी की इन्वेंट्री और ग्राहकों से प्राप्त अग्रिम राशि को जानबूझकर गलत तरीके से दर्शाया गया है। बाजवा ने प्राप्त अग्रिम राशि को कई खातों में स्थानांतरित किया, जिनमें उनके बेटे और उनके व्यावसायिक खाते भी शामिल हैं। फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है और सटीक वित्तीय हेराफेरी का आकलन किया जा रहा है।
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अब तक 44 एफआईआर
जरनैल सिंह बाजवा पर अब तक लगभग 44 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें लोगों को फ्लैट और प्लॉट के नाम पर ठगने का आरोप है। बाजवा पहले से ही एक मामले में न्यायिक हिरासत में है। बताया जा रहा है कि बुधवार को छापे में लग्जरी गाड़ियों के अलावा नकदी भी बरामद की गई है।
शिकायतों का सिलसिला जारी
ईडी चंडीगढ़, मोहाली, रेरा पंजाब और अन्य उपभोक्ता मंचों पर भी कंपनी के खिलाफ कई शिकायतों की जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो ईडी की कार्रवाई को आगे बढ़ता देख बाजवा डेवलपर्स के प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर जिन अन्य लोगों से धोखाधड़ी हुई है, अब वे भी आगे आकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।
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जांच में सामने आया है कि जरनैल सिंह बाजवा की कंपनी ने ग्राहकों से फ्लैट और प्लॉट दिलाने के नाम पर 600 करोड़ से अधिक की अग्रिम राशि वसूल की, जिसका उपयोग परियोजनाओं के निर्माण में नहीं किया गया। कंपनी पर आरोप है कि उसने बड़ी मात्रा में नकद भुगतान स्वीकार किए, लेकिन उन्हें आधिकारिक रिकॉर्ड में नहीं दिखाया। पिछले पांच वर्षों से कंपनी का कोई ऑडिट नहीं हुआ है, जिससे पारदर्शिता की कमी और रिकॉर्ड में हेरफेर का संदेह गहरा गया है।
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ईडी की जांच में हुए खुलासे
ईडी सूत्रों के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी की इन्वेंट्री और ग्राहकों से प्राप्त अग्रिम राशि को जानबूझकर गलत तरीके से दर्शाया गया है। बाजवा ने प्राप्त अग्रिम राशि को कई खातों में स्थानांतरित किया, जिनमें उनके बेटे और उनके व्यावसायिक खाते भी शामिल हैं। फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है और सटीक वित्तीय हेराफेरी का आकलन किया जा रहा है।
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अब तक 44 एफआईआर
जरनैल सिंह बाजवा पर अब तक लगभग 44 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें लोगों को फ्लैट और प्लॉट के नाम पर ठगने का आरोप है। बाजवा पहले से ही एक मामले में न्यायिक हिरासत में है। बताया जा रहा है कि बुधवार को छापे में लग्जरी गाड़ियों के अलावा नकदी भी बरामद की गई है।
शिकायतों का सिलसिला जारी
ईडी चंडीगढ़, मोहाली, रेरा पंजाब और अन्य उपभोक्ता मंचों पर भी कंपनी के खिलाफ कई शिकायतों की जांच कर रही है। सूत्रों की मानें तो ईडी की कार्रवाई को आगे बढ़ता देख बाजवा डेवलपर्स के प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर जिन अन्य लोगों से धोखाधड़ी हुई है, अब वे भी आगे आकर शिकायतें दर्ज करा रहे हैं।