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Haryana News: अब ED के निशाने पर सीबीआई के पूर्व जज परमार, मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की तैयारी
Fri, 19 May 2023 12:45 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 19 May 2023 12:45 AM IST
सार
भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पूर्व सीबीआई जज ने अदालत में अपने वायस सैंपल देने के सहमति जताई है। एसीबी ने उन सभी लोगों की आवाज के नमूने लेने के लिए अनुमति मांगी है, जिनकी बातचीत के अंश ऑडियो और वीडियों में हैं।
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प्रवर्तन निदेशालय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भ्रष्टाचार के मामले में घिरे सीबीआई के पूर्व जज सुधीर परमार के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने भी नजरें गढ़ा ली हैं। एंटी करप्शन ब्यूरो द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के मामले के आधार पर ईडी भी इस मामले में मनी लांड्रिंग की जांच करेगी। इस संबंध में ईडी ने एंटी करप्शन ब्यूरो से जानकारी मांगी है। सूत्रों का दावा है कि जल्द ही इस मामले में जांच शुरू होगी।
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17 अप्रैल को एसीबी ने पूर्व न्यायाधीश सुधीर परमार, उनके भतीजे अजय परमार और रियल एस्टेट कंपनी एम3एम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक रूप बंसल के खिलाफ भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है। अब तीनों के खिलाफ ईडी मनी लॉन्ड्रिंग ( धन शोधन निवारण अधिनियम) के पहलू से जांच करेगी।
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ईडी अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 8, 11, 13 और आईपीसी की धारा 120-बी पीएमएलए के तहत अनुसूचित अपराध हैं। ईडी के अधिकारियों ने कहा कि प्रत्येक अनुसूचित अपराध एक विधेय अपराध है और मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध की जांच शुरू करने के लिए इसका होना जरूरी है।
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एफआईआर में सुधीर परमार और एम3एम व आईआरईओ जैसे नामी बिल्डरों की कथित साठगांठ का ब्योरा दिया गया है। एफआईआर में सुधीर परमार की अलग-अलग लोगों के साथ हुई बातचीत से जुड़ी ऑडियो रिकॉर्डिंग और व्हाट्सएप चैट का जिक्र है। ऑडियो रिकॉर्डिंग में परमार एक केस में आरोपियों की मदद के बदले में 5 से 7 करोड़ रुपये मांग रहे हैं तो व्हाट्सएप चैट में उन्हें आईआरईओ केस के आरोपियों की ओर से पांच करोड़ रुपये दिए जाने का भी जिक्र है।
वायस सैंपल से उपलब्ध कराने को तैयार पूर्व जज
भ्रष्टाचार के मामले में फंसे पूर्व सीबीआई जज ने अदालत में अपने वायस सैंपल देने के सहमति जताई है। एसीबी ने उन सभी लोगों की आवाज के नमूने लेने के लिए अनुमति मांगी है, जिनकी बातचीत के अंश ऑडियो और वीडियों में हैं। अब एसीबी तीनों आरोपियों के वायस सैंपल लेगी, ताकि वीडियो और ऑडियो की आवाजों के साथ इनका मिलान किया जा सके।