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Chandigarh: फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी में साढ़े 11 करोड़ की धोखाधड़ी, चार्टर्ड अकाउंटेंट समेत पांच गिरफ्तार

Sat, 10 Dec 2022 10:32 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 10 Dec 2022 10:32 AM IST
सार

मामले में पकड़ा गया आरोपी सुशील सिंगला सीए है जबकि ईश्वरचंद गर्ग पांचवीं, यशपाल जिंदल दूसरी, विनय जैन 9वीं और अनुराधा 6वीं पास है। आरोपी ईश्वर चंद और यशपाल जिंदल पहले से ही कबाड़ का कारोबार कर रहे थे।

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Economic Offenses Wing exposed fraud of crores in GST by creating fake company, five arrested
पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी देते एसपी केतन बंसल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने फर्जी कंपनी बनाकर जीएसटी में करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट व एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने दो मामलों में साढ़े 11 करोड़ की धोखाधड़ी की है। इनकी पहचान बुड़ैल निवासी ईश्वर चंद, सेक्टर-37-सी के रहने वाले यशपाल जिंदल उर्फ बिट्टू (58), पूर्वी नई दिल्ली के विनय जैन उर्फ विक्की जैन (38), नई दिल्ली के प्रीतमपुरा के रहने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट सुशील सिंगला (38) और गांव खुड्डा जस्सू की अनुराधा (38) के रूप में हुई है। पुलिस ने चार आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया है, जबकि अनुराधा को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। 
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एसपी ऑपरेशन केतन बंसल ने बताया कि आबकारी एवं कराधान अधिकारी संजीव मदान की शिकायत पर पांचों आरोपियों के खिलाफ 13 फरवरी 2019 को केस दर्ज किया गया था। पुलिस को दी शिकायत में बताया गया था कि अनुराधा शर्मा ने गांव खुड्डा जस्सू के प्लॉट नंबर 160 में एके ट्रेडिंग कंपनी खोली थी। अनुराधा ने कंपनी को अपने सहयोगियों की मदद से यूटी जीएसटी अधिनियम 2017, सीजीएसटी 2017 और आईजीएसटी अधिनियम 2017 के तहत पंजीकरण भी कराया था। 
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पंजीकरण आवेदन के अनुसार फर्म का मुख्य व्यवसाय स्क्रैप की आपूर्ति करना था। इस संदर्भ में आबकारी एवं कराधान विभाग के निरीक्षक ने 25 जनवरी 2019 और 14 फरवरी 2019 को दो रिपोर्ट देकर बताया कि कंपनी की तरफ से यहां ऐसा कोई काम नहीं हो रहा है। जब फर्म का पंजीकरण कराया गया तब देय कर योग्य माल की आपूर्ति का लेनदेन 21 करोड़ 68 लाख 92 हजार 963 रुपयों का हुआ, लेकिन 9 करोड़ का देय कर सरकार को जमा नहीं कराया गया। इसी तरह एक अन्य आठ करोड़ के लेनदेन में 2.5 करोड़ रुपयों का देय कर जमा नहीं करवाया गया। 
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जांच में पता चला कि ईश्वर चंद और यशपाल जिंदल ने एचडीएफसी और एक्सिस बैंक में खाते खोले थे। इसी बीच यशपाल जिंदल के पास काम करने वाली अनुराधा  शर्मा के नाम पर गांव खुड्डाजस्सू में प्लॉट का फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार किया गया, जहां असल में व्यापार चल ही नहीं रहा था। इस मामले की जांच के लिए एसपी केतन बंसल ने डीएसपी न्याति मित्तल की सुपरविजन में एक टीम बनाई थी। टीम ने 3 दिसंबर को ईश्वर चंद को पूछताछ के लिए बुलाया तो धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। पुलिस ने 3 दिसंबर को ईश्वर चंद, 5 को यशपाल जिंदल, 6 को विनय जैन और 7 को सुशील सिंगला को काबू कर लिया जबकि आखिर में 9 दिसंबर को अनुराधा शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। ईश्वर चंद 9 तक, यशपाल जिंदल, विनय और सुशील 10 दिसंबर तक रिमांड पर हैं। इसके बाद अदालत में पेश किया जाएगा।

विक्की ने सुशील के कार्यालय में रची थी साजिश
आरोपी विक्की जैन ने दिल्ली में सीए सुशील सिंगला के कार्यालय में जाली फर्मों व बैंक खाते खोलने और फर्जी व्यापारिक लेनदेन के लिए एक साजिश रची जिसमें जीएसटी लाभ का दावा किया गया। पुलिस के अनुसार ट्रेडिंग कंपनी के नाम पर स्क्रैप की एक फर्जी फर्म खोली गई और सरकार से जीएसटी रिफंड प्राप्त करने के लिए फर्जी बिल तैयार किए गए ताकि काले धन को आसानी से सफेद किया जा सके। पुलिस के अनुसार सीए सुशील सिंगला आरोपी यशपाल जिंदल का साला है।  

सुशील को छोड़कर दूसरी से 9वीं पास हैं चारों आरोपी
सुशील सिंगला सीए है जबकि ईश्वरचंद गर्ग पांचवीं, यशपाल जिंदल दूसरी, विनय जैन 9वीं और अनुराधा 6वीं पास है। आरोपी ईश्वर चंद और यशपाल जिंदल पहले से ही कबाड़ का कारोबार कर रहे थे। सुशील सिंगला ने पूरे ऑपरेशन और गतिविधियों के बारे में सलाह कर उन्हें विनय जैन से मिलवाया। विनय पहले से ही अन्य कंपनियों के साथ धोखाधड़ी का काम कर रहा था। विनय जैन ने ही एके ट्रेडिंग के लिए बिक्री के नकली बिल तैयार किए।


पुलिस ने की 100 फर्जी कंपनियों की पहचान 
पुलिस ने 100 करोड़ से अधिक के लेनदेन में शामिल 100 फर्जी कंपनियों की पहचान की है। पुलिस को जीएसटी चोरी के मामले की छह अन्य शिकायतें मिली हैं। इन मामलों में भी उक्त पांचों आरोपियों को वेरिफाई किया जा रहा हैै। पुलिस के अनुसार दिल्ली साइबर सेल ने भी 2021 में आरोपी विक्की जैन को जीएसटी घोटाले में गिरफ्तार किया था। वहीं चंडीगढ़ पुलिस ने आरोपियों का सुराग देने वाले को 30 हजार का इनाम देने की घोषणा की थी।
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