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Chandigarh News: नाबालिग से कुकर्म करने के दोषी ई-रिक्शा चालक को 20 साल की कैद

Wed, 19 Feb 2025 02:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 19 Feb 2025 02:05 AM IST
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E-rickshaw driver convicted of raping a minor
चंडीगढ़। मौलीजागरां थाने में दर्ज 13 साल के नाबालिग से कुकर्म करने के मामले में मंगलवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद मामले में नामजद दोषी इस्लाक को 20 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी पहले से ही जेल में बंद है।
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वर्ष 2022 में मौलीजागरां थाने में पीड़ित पक्ष की ओर से दी गई शिकायत पर दोषी इस्लाक के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी ई-रिक्शा चालक को गिरफ्तार कर लिया था। मंगलवार को दोषी पक्ष ने सुनवाई के दौरान दलील दी कि उसने अपराध नहीं किया। उसे झूठा फंसाया गया है। उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं है, क्योंकि वह निर्दोष है।
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वह इलेक्ट्रिक रिक्शा चलाता है और परिवार का एकमात्र कमाने वाला है। उसकी पत्नी बीमार है और पांच बच्चे हैं, जिसमें तीन बेटियां और दो बेटे हैं, जिनकी उसे देखभाल करनी है। उस कम से कम सजा और जुर्माना लगाया जाए, क्योंकि लंबे समय तक हिरासत में रहने से उस पर और उसके परिवार के सदस्यों पर आर्थिक और भावनात्मक बोझ पड़ेगा।
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कोर्ट की टिप्पणी : बच्चे खिलते फूल, जो उन्हें तोड़ने का प्रयास करेगा, उसे न्याय के कोप का सामना करना पड़ेगा
अदालत ने अपने आदेश में लिखा कि दोषी के साथ सख्ती से निपटा जाना चाहिए। दोषी को उचित दंड न देने से कानून से जनता का विश्वास कम हो सकता है। समाज के किसी भी वर्ग से संबंधित बच्चे निश्चित रूप से देश का भविष्य हैं और उन्हें न केवल तैयार और पोषित किया जाना चाहिए, बल्कि हमारे देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए उनकी सुरक्षा भी की जानी चाहिए। जब बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न किया जाता है, तो यह न केवल पीड़ित बच्चे के मन में बल्कि उसके आसपास के बच्चों में भी भय और आघात पैदा करता है। अब समय आ गया है कि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए ताकि दुष्ट और आपराधिक मानसिकता वाले लोगों पर लगाम लगाई जा सके और बच्चों व उनके परिवारों के मन में सुरक्षा की भावना पैदा हो। बच्चे खिलते हुए फूल हैं और उन्हें खिलने का पूरा अधिकार है और जो कोई भी उन्हें तोड़ने या उन्हें कोई नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसे आपराधिक न्याय के कोप का सामना करना पड़ेगा।
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