दुष्यंत चौटाला ने विधायक गौतम को दिखाया आइना, बोले- वही लाए थे गठबंधन का प्रस्ताव
जननायक जनता पार्टी के भीतर मचे घमासान को दबाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। पार्टी सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला मामले को अधिक हवा नहीं देना चाहते। कड़े तेवर अपना चुके नारनौंद विधायक रामकुमार गौतम को लेकर दुष्यंत का रुख नरम है, हालांकि उन्होंने पार्टी के बुजुर्ग विधायक को आइना दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
यहां पार्टी कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में दुष्यंत ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा के साथ सरकार बनाने का फैसला उनका नहीं था। सौभाग्य का विषय था कि विधायक दल की बैठक में दादा रामकुमार गौतम ही गठबंधन का प्रस्ताव लेकर आए थे। रामकुमार गौतम पार्टी में सबसे बुजुर्ग व विधायकों की टीम में सबसे वरिष्ठ हैं। अगर उन्हें पार्टी से कोई शिकायत है या कोई अन्य बात है तो वे संगठन प्लेटफार्म पर उठाएं।
दुष्यंत ने कहा कि अभी तक पार्टी कार्यालय में उनकी तरफ से कोई इस्तीफा नहीं आया है। अगर उनकी कोई शिकायत है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता उनसे बैठकर चर्चा करेंगे और शिकायतों को दूर किया जाएगा। गौतम हमारे बड़े हैं और उनकी कही हुई बातों का हम बुरा नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के विस्तार में रामकुमार गौतम का सहयोग रहा।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व वरिष्ठ नेता हर विषय पर गौतम से चर्चा करेंगे और अगर पार्टी को किसी तरह के नुकसान का विषय हुआ तो कार्रवाई करने का अधिकार प्रदेश अध्यक्ष के पास है। दादा गौतम के मन में कोई बात है या स्थानीय लोगों ने कोई बात कही है तो उसे सुधारा जाएगा। मंत्री पद न मिलने पर कोई नाराजगी है, इसे लेकर वह कोई टिप्णी नहीं करेंगे।
पूरी टीम एकजुटता के साथ कर रही संगठन को मजबूत
अन्य विधायकों की नाराजगी पर दुष्यंत चौटाला ने स्पष्ट किया कि जननायक जनता पार्टी की पूरी टीम एकजुटता के साथ संगठन को मजबूत करने का काम कर रही है। विधायक देवेंद्र बबली 20 दिसंबर से 20 जनवरी तक चल रहे पार्टी के सदस्यता अभियान की मॉनीटरिंग कमेटी के सदस्य हैं और वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में जाकर अभियान को मॉनीटर कर रहे हैं।
देवेंद्र बबली के भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने की वह तारीफ करते हैं। अगर कोई भी अधिकारी कहीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है तो एक विधायक होने के नाते उनका आवाज उठाने का अधिकार है, उसे सरकार को बताकर उसकी जांच करवानी चाहिए।