सियासी घमासान: फूंक-फूंक कर कदम रख रहे दुष्यंत चौटाला, दादा रामकुमार गौतम ने भी साधी चुप्पी
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जननायक जनता पार्टी में मचे सियासी घमासान के बीच पार्टी सुप्रीमो दुष्यंत चौटाला फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं। भाजपा के साथ गठबंधन सरकार बिना हिचकोले खाए चले इसके लिए वह दादा रामकुमार गौतम के लिए नपे तुले शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, दो दिन इस मामले में लगातार बयानबाजी करने वाले नारनौंद विधायक रामकुमार गौतम ने शुक्रवार को चुप्पी साध ली।
गौतम ने किसी से बात नहीं की, बल्कि उनके पीए ने भी यह कहकर बात करवाने से मना कर दिया कि उनकी तबीयत खराब है, आज बात नहीं हो सकती। वहीं दुष्यंत भी पूरी तरह शांत हैं और वह पार्टी विधायकों की हर बात और शिकायत सुनने की बात कह रहे हैं।
नारनौंद विधायक रामकुमार गौतम के बगावती तेवर अपनाने पर दुष्यंत सिर्फ इतना कह रहे हैं कि उनकी और विधायकों की बात का वह बुरा नहीं मानते। दादा ओपी चौटाला और पिता अजय चौटाला से राजनीति का ककहरा सीखने वाले दुष्यंत अपने विधायकों की बातों को अनसुना कर उनको ठेस नहीं पहुंचाना चाहते।
साफ है कि दुष्यंत सभी विधायकों को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि गठबंधन सहयोगी के साथ कदमताल बनी रहे। पार्टी विधायकों के टूटने पर भाजपा हावी हो सकती है, इसका भी जजपा सुप्रीमो को पूरा आभास है। इसलिए उनका पूरा प्रयास पहले तो दादा गौतम को मनाने पर रहेगा।
कार्रवाई का अधिकार पार्टी अध्यक्ष के पास: दुष्यंत
दुष्यंत ने शुक्रवार को एक बार फिर कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई का अधिकार पार्टी प्रदेशाध्यक्ष निशान सिंह के पास है। गौतम के इस्तीफे पर भी वही विचार करेंगे। दादा गौतम के मन को कौन सी ठेस पहुंची है, उन्हें मुझसे बात करनी चाहिए थी। कोई खामी होगी तो उसे सुधारेंगे। अगर मंत्री बनना ही सर्वोपरि है तो फिर संगठन और प्रदेश को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है। दादा गौतम के बयान और टीवी पर दिखने के लिए बोलना गलत है।
नहीं हुई कैप्टन से कोई मुलाकात
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि उनकी पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु से कोई मुलाकात नहीं हुई। उनके अनेक विभाग मेरे पास इस सरकार में हैं, बावजूद इसके वह एक-दूसरे से अभी तक नहीं मिले। उनसे सांठगांठ के आरोप लगाना राजनीति से प्रेरित है।