{"_id":"5a0b36224f1c1b8e698bb7d3","slug":"dsp-central-filed-case-for-promotion-central-administrative-tribunal","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एसपी की पोस्ट पर प्रमोशन के लिए डीएसपी पहुंचे ट्रिब्यूनल, ये है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसपी की पोस्ट पर प्रमोशन के लिए डीएसपी पहुंचे ट्रिब्यूनल, ये है पूरा मामला
अमरीश शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 15 Nov 2017 09:11 AM IST
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चंडीगढ़ पुलिस
- फोटो : file photo
चंडीगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टरों के बाद अब एक डीएसपी ने भी प्रमोशन की मांग के लिए केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) का दरवाजा खटखटाया है। डीएसपी सेंट्रल राम गोपाल ने ट्रिब्यूनल में दायर याचिका में उन्हें सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) के पद पर प्रमोशन की अपील की है। डीएसपी की ओर से दायर याचिका में भारत सरकार, यूटी प्रशासक, प्रशासक के सलाहकार, गृह सचिव और डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस को पार्टी बनाया गया है। ट्रिब्यूनल ने याचिका पर उक्त पक्षों को 22 दिसंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
डीएसपी राम गोपाल की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 16 सितंबर 2017 को डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जारी आदेश को खारिज किया जाए। इसमें उनकी ओर से कहा गया है कि चंडीगढ़ में एसपी (नॉन आईपीएस) की कोई पोस्ट खाली नहीं है। इसका सीधा-सीधा मतलब है कि डीएसपी से एसपी (नॉन आईपीएस) की पोस्ट पर कोई प्रमोशन नहीं है।
साथ ही याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि वर्ष 2009 में आईआरबी में नॉन आईपीएस एसपी की तीन पोस्ट स्वीकृत हुई थी। वर्तमान में इनमें से दो पद खाली हैं। उनका कहना ह ैकि चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस सर्विस रूल्स फॉलो होते हैं। ऐसे में सबसे सीनियर और योग्य डीएसपी होने के नाते उन्हें आईआरबी की एसपी को रिक्त पोस्ट पर बतौर एसपी प्रमोशन दी जाए।
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डीएसपी राम गोपाल की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि 16 सितंबर 2017 को डीजीपी चंडीगढ़ पुलिस की ओर से जारी आदेश को खारिज किया जाए। इसमें उनकी ओर से कहा गया है कि चंडीगढ़ में एसपी (नॉन आईपीएस) की कोई पोस्ट खाली नहीं है। इसका सीधा-सीधा मतलब है कि डीएसपी से एसपी (नॉन आईपीएस) की पोस्ट पर कोई प्रमोशन नहीं है।
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साथ ही याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया है कि वर्ष 2009 में आईआरबी में नॉन आईपीएस एसपी की तीन पोस्ट स्वीकृत हुई थी। वर्तमान में इनमें से दो पद खाली हैं। उनका कहना ह ैकि चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस सर्विस रूल्स फॉलो होते हैं। ऐसे में सबसे सीनियर और योग्य डीएसपी होने के नाते उन्हें आईआरबी की एसपी को रिक्त पोस्ट पर बतौर एसपी प्रमोशन दी जाए।
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प्रेसिडेंट पुलिस मेडल और प्रशंसा प्रमाणपत्रों को भी बनाया आधार
चंडीगढ़ पुलिस पीसीआर
- फोटो : File Photo
प्रेसिडेंट पुलिस मेडल और प्रशंसा प्रमाणपत्रों को भी बनाया आधार
याचिका में डीएसपी की ओर से उल्लेख किया गया है कि वह योग्य हैं और उनका काम हमेशा बेहतरीन रहा है। इसके लिए उन्हें 108 प्रशंसा-पत्र मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें मेधावी सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल से भी सम्मानित किए जा चुका है। डीएसपी ने प्रमोशन के लिए अपनी सेवाओं और मेडल को भी आधार बनाया है।
एसपी कम्यूनिकेशन को नियमों के खिलाफ चार्ज देने पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से अफसरों की भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर सवाल उठाया गया है। याचिका में कहा गया है कि एसपी कम्यूनिकेशन रोशनलाल एक अलग कैडर से हैं। इसके बावजूद विभाग ने उन्हें एसपी (लॉ एंड आर्डर), सीआईडी और कमांडेंट आईआरबी का चार्ज सौंपा है। कम्यूनिकेशन कैडर से होने के कारण उन्हें यह चार्ज नहीं दिए जा सकते। एसपी कम्यूनिकेशन को नॉन आईपीएस कैडर के एसपी के बराबर या उससे ऊपर का पद नहीं दिया जा सकता है।
याचिका में डीएसपी की ओर से उल्लेख किया गया है कि वह योग्य हैं और उनका काम हमेशा बेहतरीन रहा है। इसके लिए उन्हें 108 प्रशंसा-पत्र मिल चुके हैं। इसके अलावा उन्हें मेधावी सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल से भी सम्मानित किए जा चुका है। डीएसपी ने प्रमोशन के लिए अपनी सेवाओं और मेडल को भी आधार बनाया है।
एसपी कम्यूनिकेशन को नियमों के खिलाफ चार्ज देने पर उठाए सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से अफसरों की भेदभावपूर्ण कार्रवाई पर सवाल उठाया गया है। याचिका में कहा गया है कि एसपी कम्यूनिकेशन रोशनलाल एक अलग कैडर से हैं। इसके बावजूद विभाग ने उन्हें एसपी (लॉ एंड आर्डर), सीआईडी और कमांडेंट आईआरबी का चार्ज सौंपा है। कम्यूनिकेशन कैडर से होने के कारण उन्हें यह चार्ज नहीं दिए जा सकते। एसपी कम्यूनिकेशन को नॉन आईपीएस कैडर के एसपी के बराबर या उससे ऊपर का पद नहीं दिया जा सकता है।