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चंडीगढ़ के युवाओं को लगी नशे की लत, तस्करी के मामले भी बढ़े, नेटवर्क में शामिल हुईं महिलाएं
Fri, 26 Jun 2020 12:24 PM IST
खुशबू गोयल
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
अमित गुप्ता, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Fri, 26 Jun 2020 12:24 PM IST
सार
- लॉकडाउन में हेरोइन की तस्करी में 50 फीसदी की गिरावट
- 2020 में 73 केसों में 77 सप्लायर पकड़े, जिनमें छह महिलाएं
- दिल्ली और जम्मू एंड कश्मीर से बढ़ रहा है नशे का करोबार
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
चंडीगढ़ के युवाओं में हेरोइन के नशे की लत तेजी से लग रही है। खपत ज्यादा होने की वजह से इसकी तस्करी भी बढ़ गई है। पुलिस के आंकड़े भी यही कहते हैं। पुलिस ने पिछले पांच साल में कुल 1038 मामले दर्ज कर 1053 तस्करों को गिरफ्तार किया और उनसे साढ़े आठ किलो हीरोइन बरामद की। पुलिस के अनुसार, ज्यादातर मामलों में हेरोइन तस्करी नेटवर्क के तार दिल्ली से जुड़े पाए गए हैं।
हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर लगाए गए लॉकडाउन में पुलिस ने काफी हद तक इन तस्करों पर लगाम भी लगाया है। लॉकडाउन के बाद तस्करी में 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि डिस्को, पार्टियां बंद हैं। इस वजह से नशे की सप्लाई पर भी काफी हद तक लगाम लग गया है।
इसलिए हेरोइन पहली पसंद
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ड्रग्स आसानी से उपलब्ध होता है। इसके लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती इसलिए युवाओं की यह पहली पसंद बना है, हालांकि यह काफी महंगा है। सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे रीजन में इसकी तस्करी काफी होती है। इस नशे को लेने वाले युवाओं की उम्र 18 से 35 साल होती है।
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35 साल से ऊपर के लोग चूरा पोस्त व भुक्की का नशा करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जब वे युवाओं से पूछते हैं कि आखिर उन्होंने इस नशे को क्यों लिया था तो वे बताते हैं कि किसी युवा ने अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए तो किसी ने युवा ने अपनी सेक्स क्षमता को बढ़ाने के लिए हेरोइन का सहारा लिया।
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हालांकि कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर लगाए गए लॉकडाउन में पुलिस ने काफी हद तक इन तस्करों पर लगाम भी लगाया है। लॉकडाउन के बाद तस्करी में 50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि डिस्को, पार्टियां बंद हैं। इस वजह से नशे की सप्लाई पर भी काफी हद तक लगाम लग गया है।
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इसलिए हेरोइन पहली पसंद
विशेषज्ञों का कहना है कि यह ड्रग्स आसानी से उपलब्ध होता है। इसके लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती इसलिए युवाओं की यह पहली पसंद बना है, हालांकि यह काफी महंगा है। सिर्फ चंडीगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे रीजन में इसकी तस्करी काफी होती है। इस नशे को लेने वाले युवाओं की उम्र 18 से 35 साल होती है।
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35 साल से ऊपर के लोग चूरा पोस्त व भुक्की का नशा करते हैं। विशेषज्ञ कहते हैं कि जब वे युवाओं से पूछते हैं कि आखिर उन्होंने इस नशे को क्यों लिया था तो वे बताते हैं कि किसी युवा ने अपने आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए तो किसी ने युवा ने अपनी सेक्स क्षमता को बढ़ाने के लिए हेरोइन का सहारा लिया।
बीते पांच सालों में नशा तस्करी में 101 महिलाएं गिरफ्तार
पहले तो नशा तस्करी के मामले में सिर्फ पुरुष ही गिरफ्तार होते थे, लेकिन अब महिलाएं भी शामिल हो गईं हैं। पिछले 5 सालों में चंडीगढ़ में शहर के अलग-अलग एरिया से कुल 101 महिलाओं को नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया है। नशा तस्करी का शक न हो इसीलिए महिलाओं को इस गोरखधंधे में शामिल किया गया, जबकि 26 विदेशी तस्कर पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।
ऐसे बढ़ती गई साल दर साल हेरोइन की तस्करी
पुलिस ने वर्ष 2015 में शहर के अलग अलग हिस्सों से 173 केसों में 748.48 ग्राम, 2016 में 452.259 ग्राम, 2017 में 1325.174 ग्राम, 2018 में 1458.613 ग्राम, 2019 में 3.249 किलोग्राम, और जनवरी 2020 से अब तक 1615.71 ग्राम बरामद किया है। बढ़ते हेरोइन के कारोबार पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। बताया जा रहा है कि फिल्मों और लग्जरी नशे के लिए हेरोइन की डिमांड काफी बढ़ गई है। इसके चलते पुलिस भी इस नशे को रोकने में नाकामयाब हो रही है।
एनसीबी ने पकड़ी आठ क्विंटल की खेप
वहीं दूसरी ओर एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) चंडीगढ़ की यूनिट ने पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, चंडीगढ़ में पिछले 5 साल में 338 मामला दर्ज कर दो 280 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। टीम ने साल 2015 में 183.046 किलो, 2016 में 148.075 किलो, 2017 में 210.109 किलो, 2018 में 101.275 किलो, 2019 में 91.912 किलो और जनवरी 2020 से अब तक 72.933 किलो हेरोइन बरामद की है।
ऐसे बढ़ती गई साल दर साल हेरोइन की तस्करी
पुलिस ने वर्ष 2015 में शहर के अलग अलग हिस्सों से 173 केसों में 748.48 ग्राम, 2016 में 452.259 ग्राम, 2017 में 1325.174 ग्राम, 2018 में 1458.613 ग्राम, 2019 में 3.249 किलोग्राम, और जनवरी 2020 से अब तक 1615.71 ग्राम बरामद किया है। बढ़ते हेरोइन के कारोबार पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है। बताया जा रहा है कि फिल्मों और लग्जरी नशे के लिए हेरोइन की डिमांड काफी बढ़ गई है। इसके चलते पुलिस भी इस नशे को रोकने में नाकामयाब हो रही है।
एनसीबी ने पकड़ी आठ क्विंटल की खेप
वहीं दूसरी ओर एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) चंडीगढ़ की यूनिट ने पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, चंडीगढ़ में पिछले 5 साल में 338 मामला दर्ज कर दो 280 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। टीम ने साल 2015 में 183.046 किलो, 2016 में 148.075 किलो, 2017 में 210.109 किलो, 2018 में 101.275 किलो, 2019 में 91.912 किलो और जनवरी 2020 से अब तक 72.933 किलो हेरोइन बरामद की है।