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Chandigarh News: 21 जुलाई को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 66,146 मतदाताओं के नाम फिलहाल बाहर, निर्वाचन विभाग बोला
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चंंडीगढ़। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 के तहत चंडीगढ़ में 21 जुलाई को प्रारूप (ड्राफ्ट) निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। इसमें 66,146 ऐसे मतदाताओं के नाम शामिल नहीं होंगे, जिनके गणना प्रपत्र बार-बार संपर्क के बावजूद जमा नहीं हो सके। हालांकि, निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम बिना विधिक प्रक्रिया, नोटिस, सुनवाई और कारणयुक्त आदेश (स्पीकिंग ऑर्डर) के अंतिम रूप से नहीं हटाया जाएगा। वहीं, बिना मैपिंग विवरण के गणना प्रपत्र जमा करने वाले 69,451 मतदाताओं को भी सत्यापन का अवसर दिया जाएगा।
सेक्टर-18 में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी ने बताया कि एसआईआर-2026 के गणना चरण में शहर के 5,16,427 पंजीकृत मतदाताओं को कवर किया गया। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने सभी मतदाताओं तक 100 फीसदी गणना प्रपत्र पहुंचाए। इनमें से 4,50,246 गणना प्रपत्र (87.19 प्रतिशत) प्राप्त कर डिजिटाइज कर दिए गए, जबकि 66,146 प्रपत्र (12.81 प्रतिशत) बार-बार संपर्क के बावजूद प्राप्त नहीं हो सके। पुनरीक्षण अभियान में 1,780 से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रेस वार्ता में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत कुमार यादव, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौरभ अरोड़ा, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी अमनदीप सिंह भट्टी तथा मीडिया नोडल अधिकारी-सह-निदेशक जनसंपर्क राजीव तिवारी भी उपस्थित रहे।
मतदान केंद्रों की संख्या 614 से घटाकर 575 की
मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के तहत शहर में मतदान केंद्रों की संख्या 614 से घटाकर 575 कर दी गई है, ताकि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके और मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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3.80 लाख मतदाताओं की हुई सफल मैपिंग
प्रेरणा पुरी ने बताया कि प्राप्त 4,50,246 गणना प्रपत्रों में से 1,67,397 मतदाताओं ने स्वयं, 2,13,398 ने माता-पिता के माध्यम से, जबकि 69,451 मतदाताओं ने बिना किसी मैपिंग विवरण के प्रपत्र जमा किए। इस प्रक्रिया के दौरान 3,80,795 मतदाताओं को स्वयं या वंशानुक्रम (वंशावली) के आधार पर वर्ष 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से सफलतापूर्वक जोड़ा गया।
43,724 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले
अप्राप्त 66,146 गणना प्रपत्रों के संबंध में बीएलओ के सत्यापन में 43,724 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित, 12,568 अनुपस्थित, 3,729 अन्य कारणों, 3,535 मृत और 2,590 डुप्लीकेट प्रविष्टियां पाई गईं। ऐसे मतदाताओं के नाम 21 जुलाई को जारी होने वाली प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं किए जाएंगे।
21 जुलाई से शुरू होगा नोटिस चरण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक नोटिस चरण चलेगा। इस दौरान बिना मैपिंग विवरण वाले 69,451 मतदाताओं और जिन मामलों में विसंगति मिलेगी, उन्हें सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। यह प्रक्रिया नामित सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की निगरानी में होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई का अवसर दिए और विधिक प्रक्रिया पूरी किए बिना नहीं हटाया जाएगा।
नोटिस मिलने पर ये दस्तावेज होंगे जरूरी
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता: केवल अपने दस्तावेज जमा करने होंगे।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता: स्वयं और माता या पिता में से किसी एक के दस्तावेज देने होंगे।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता: स्वयं, पिता और माता तीनों के दस्तावेज जमा करने होंगे।
मान्य दस्तावेजों में जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, सरकारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र तथा निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
दावे और आपत्तियां
21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।
ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया जा सकेगा।
1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी फॉर्म-6 के जरिये मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगे।
मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य प्रविष्टियों में संशोधन के लिए फॉर्म-8 जमा किया जा सकेगा।
सेक्टर-18 में आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रेरणा पुरी ने बताया कि एसआईआर-2026 के गणना चरण में शहर के 5,16,427 पंजीकृत मतदाताओं को कवर किया गया। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने सभी मतदाताओं तक 100 फीसदी गणना प्रपत्र पहुंचाए। इनमें से 4,50,246 गणना प्रपत्र (87.19 प्रतिशत) प्राप्त कर डिजिटाइज कर दिए गए, जबकि 66,146 प्रपत्र (12.81 प्रतिशत) बार-बार संपर्क के बावजूद प्राप्त नहीं हो सके। पुनरीक्षण अभियान में 1,780 से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। प्रेस वार्ता में अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी-सह-उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत कुमार यादव, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी सौरभ अरोड़ा, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी अमनदीप सिंह भट्टी तथा मीडिया नोडल अधिकारी-सह-निदेशक जनसंपर्क राजीव तिवारी भी उपस्थित रहे।
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मतदान केंद्रों की संख्या 614 से घटाकर 575 की
मतदान केंद्रों के युक्तिकरण के तहत शहर में मतदान केंद्रों की संख्या 614 से घटाकर 575 कर दी गई है, ताकि प्रशासनिक दक्षता बढ़ाई जा सके और मतदाताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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3.80 लाख मतदाताओं की हुई सफल मैपिंग
प्रेरणा पुरी ने बताया कि प्राप्त 4,50,246 गणना प्रपत्रों में से 1,67,397 मतदाताओं ने स्वयं, 2,13,398 ने माता-पिता के माध्यम से, जबकि 69,451 मतदाताओं ने बिना किसी मैपिंग विवरण के प्रपत्र जमा किए। इस प्रक्रिया के दौरान 3,80,795 मतदाताओं को स्वयं या वंशानुक्रम (वंशावली) के आधार पर वर्ष 2002 की विशेष गहन पुनरीक्षण मतदाता सूची से सफलतापूर्वक जोड़ा गया।
43,724 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित मिले
अप्राप्त 66,146 गणना प्रपत्रों के संबंध में बीएलओ के सत्यापन में 43,724 मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित, 12,568 अनुपस्थित, 3,729 अन्य कारणों, 3,535 मृत और 2,590 डुप्लीकेट प्रविष्टियां पाई गईं। ऐसे मतदाताओं के नाम 21 जुलाई को जारी होने वाली प्रारूप निर्वाचक नामावली में शामिल नहीं किए जाएंगे।
21 जुलाई से शुरू होगा नोटिस चरण
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 21 जुलाई से 18 सितंबर 2026 तक नोटिस चरण चलेगा। इस दौरान बिना मैपिंग विवरण वाले 69,451 मतदाताओं और जिन मामलों में विसंगति मिलेगी, उन्हें सत्यापन के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। यह प्रक्रिया नामित सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों की निगरानी में होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई का अवसर दिए और विधिक प्रक्रिया पूरी किए बिना नहीं हटाया जाएगा।
नोटिस मिलने पर ये दस्तावेज होंगे जरूरी
1 जुलाई 1987 से पहले जन्मे मतदाता: केवल अपने दस्तावेज जमा करने होंगे।
1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे मतदाता: स्वयं और माता या पिता में से किसी एक के दस्तावेज देने होंगे।
2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता: स्वयं, पिता और माता तीनों के दस्तावेज जमा करने होंगे।
मान्य दस्तावेजों में जन्म प्रमाणपत्र, पासपोर्ट, मैट्रिक/शैक्षणिक प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, सरकारी पहचान पत्र, पेंशन भुगतान आदेश, परिवार रजिस्टर, भूमि/मकान आवंटन प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र तथा निर्वाचन आयोग द्वारा मान्य अन्य दस्तावेज शामिल हैं।
दावे और आपत्तियां
21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराई जा सकेगी।
ड्राफ्ट मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया जा सकेगा।
1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवा भी फॉर्म-6 के जरिये मतदाता सूची में नाम जुड़वा सकेंगे।
मतदाता सूची में नाम, पता या अन्य प्रविष्टियों में संशोधन के लिए फॉर्म-8 जमा किया जा सकेगा।