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Chandigarh News: डॉ. सुधा को डी लिट और जस्टिस रंजन गोगोई को डॉक्टर ऑफ लॉ की मानद उपाधि मिलेगी
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी में 20 मई को दीक्षांत समारोह का आयोजन होगा। इसमें ऑनरेरी डिग्री और पीयू रत्न देने के लिए नामों पर चर्चा के लिए मंगलवार को ऑनलाइन सीनेट बैठक का आयोजन किया गया। सीनेट में ऑनरेरी डॉक्टेरेट डिग्री और पीयू रत्न के लिए कमेटी की ओर से सुझाए नामों पर चर्चा की गई। बैठक में इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन, लेखिका और एजुकेटकर डॉ. सुधा एन मूर्ति को डिग्री ऑफ लिटरेचर (डीलिट) और भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और राज्यसभा सांसद जस्टिस रंजन गोगोई को डिग्री ऑफ डॉक्टर ऑफ लॉ की मानद उपाधि देने पर सहमति बनी है।
पीयू वाइस चांसलर की ओर से दीक्षांत समारोह में डिग्री और रत्न देने के लिए कमेटी बनाई गई थी। कमेटी में पूर्व वीसी अरुण ग्रोवर, एसके तोमर, कुलदीप अग्निहोत्री, हरमोहिंदर सिंह बेदी इत्यादि को शामिल किया गया था। कमेटी की ओर से सुझाव दिए गए नामों पर पहले सिंडिकेट के सदस्यों ने सर्वसम्मति से मुहर लगाई। इसके बाद मंगलवार को आयोजित सीनेट बैठक में भी दस मिनट में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नामों को पास कर दिया। इसके अनुसार पीयू इस बार एलुमनी इरशाद कामिल को साहित्य रत्न, एलुमनी पद्मश्री वीना टंडन को विज्ञान रत्न, एलुमनी राकेश भारती उद्योग रत्न, एलुमनी पद्मश्री रतन सिंह जग्गी ज्ञान रत्न, एलुमनी आयुष्मान खुराना कला रत्न और एलुमनी नीरज चोपड़ा को खेल रत्न से सम्मानित करेगी।
डॉक्टरेट मानद उपाधियों में वैक्सीन के लिए गगनदीप कंघ को डॉक्टर ऑफ साइंस, कानून के लिए पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और जस्टिस रंजन गोगोई को डॉक्टर ऑफ लॉ, लिटरेचर में डॉ. सुधा मूर्ति को डॉक्टर ऑफ लिटरेचर से सम्मानित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह के मुख्यातिथि उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर जगदीप धनखड़ रहेंगे।
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950 उम्मीदवारों को मिलेगी डिग्री और पुरस्कार
समारोह में लगभग 950 उम्मीदवारों को डिग्री और पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसमें 450 पीएचडी उम्मीदवारों को डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इसमें तय दिन से दो-तीन दिन पहले तक पीएचडी पूरी करने वाले उम्मीदवारों को भी मौका दिया जाएगा जिससे कि कोई बैकलॉग नहीं रहे और छात्रों को भी एक साल का इंतजार नहीं करना पड़े। वहीं इस मौके पर स्नातक और परास्नातक के लगभग 500 टॉपर छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें विज्ञान, फार्मा साइंस, आर्ट्स, एजुकेशन, भाषा, लॉ, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बिजनेस मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, डिजाइन एंड फाइन आर्ट्स इत्यादि विभागों के शोधार्थी और स्नातक और परास्नातक के टॉपर छात्र शामिल रहेंगे।
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पीयू वाइस चांसलर की ओर से दीक्षांत समारोह में डिग्री और रत्न देने के लिए कमेटी बनाई गई थी। कमेटी में पूर्व वीसी अरुण ग्रोवर, एसके तोमर, कुलदीप अग्निहोत्री, हरमोहिंदर सिंह बेदी इत्यादि को शामिल किया गया था। कमेटी की ओर से सुझाव दिए गए नामों पर पहले सिंडिकेट के सदस्यों ने सर्वसम्मति से मुहर लगाई। इसके बाद मंगलवार को आयोजित सीनेट बैठक में भी दस मिनट में सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नामों को पास कर दिया। इसके अनुसार पीयू इस बार एलुमनी इरशाद कामिल को साहित्य रत्न, एलुमनी पद्मश्री वीना टंडन को विज्ञान रत्न, एलुमनी राकेश भारती उद्योग रत्न, एलुमनी पद्मश्री रतन सिंह जग्गी ज्ञान रत्न, एलुमनी आयुष्मान खुराना कला रत्न और एलुमनी नीरज चोपड़ा को खेल रत्न से सम्मानित करेगी।
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डॉक्टरेट मानद उपाधियों में वैक्सीन के लिए गगनदीप कंघ को डॉक्टर ऑफ साइंस, कानून के लिए पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और जस्टिस रंजन गोगोई को डॉक्टर ऑफ लॉ, लिटरेचर में डॉ. सुधा मूर्ति को डॉक्टर ऑफ लिटरेचर से सम्मानित किया जाएगा। दीक्षांत समारोह के मुख्यातिथि उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर जगदीप धनखड़ रहेंगे।
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950 उम्मीदवारों को मिलेगी डिग्री और पुरस्कार
समारोह में लगभग 950 उम्मीदवारों को डिग्री और पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इसमें 450 पीएचडी उम्मीदवारों को डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। इसमें तय दिन से दो-तीन दिन पहले तक पीएचडी पूरी करने वाले उम्मीदवारों को भी मौका दिया जाएगा जिससे कि कोई बैकलॉग नहीं रहे और छात्रों को भी एक साल का इंतजार नहीं करना पड़े। वहीं इस मौके पर स्नातक और परास्नातक के लगभग 500 टॉपर छात्रों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। इनमें विज्ञान, फार्मा साइंस, आर्ट्स, एजुकेशन, भाषा, लॉ, इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, बिजनेस मैनेजमेंट एंड कॉमर्स, डिजाइन एंड फाइन आर्ट्स इत्यादि विभागों के शोधार्थी और स्नातक और परास्नातक के टॉपर छात्र शामिल रहेंगे।